पतंजलि घी के नमूने में फेल होने की खबर पर पिथौरागढ़ के असिस्टेंट कमिश्नर आरके शर्मा ने बताया कि अगर किसी ने भी पतंजलि गाय के घी खाया तो उसके साइड इफेक्ट हो सकते हैं, साथ ही लोग बीमार हो सकते हैं।
पूर्वज ने दिया घी एक सौवांहस्त निकाला था जिसकी जांच प्रदेश स्तर (रूद्रपुर) और राष्ट्रीय स्तर (गाजियाबाद) की लैब में कराई गई थी। पर जांच में घी स्टैंडर्ड पर खड़ा नहीं उतरा।
शर्मा ने बताया कि 20 अक्टूबर 2020 को पिथौरागढ़ के कासनी स्थित करन जनरल स्टोर से पतंजलि गाय के घी का नमूना लिया था, इसके बाद नमूने को राज्य सरकार की राजकीय प्रयोगशाला रुद्रपुर में भेजा गया, जहां इसे मानकों से नीचे पाया गया।
इसके बाद पतंजलि की तरफ से 2021 में इसकी जानकारी दी गई। लेकिन काफी समय तक कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों की तरफ से 15 अक्टूबर 2021 को दोबारा जांच की अपील की। कंपनी ने नमूनों की जांच सेंट्रल लैब से करानी की बात कही।
शर्मा ने बताया, "कहीं भी ऐसा कोई अनियमितता नहीं है, लेकिन यह घी खाने वाले लोगों के लिए खतरनाक हो सकता।"
पूर्वज ने दिया घी एक सौवांहस्त निकाला था जिसकी जांच प्रदेश स्तर (रूद्रपुर) और राष्ट्रीय स्तर (गाजियाबाद) की लैब में कराई गई थी। पर जांच में घी स्टैंडर्ड पर खड़ा नहीं उतरा।
शर्मा ने बताया कि 20 अक्टूबर 2020 को पिथौरागढ़ के कासनी स्थित करन जनरल स्टोर से पतंजलि गाय के घी का नमूना लिया था, इसके बाद नमूने को राज्य सरकार की राजकीय प्रयोगशाला रुद्रपुर में भेजा गया, जहां इसे मानकों से नीचे पाया गया।
इसके बाद पतंजलि की तरफ से 2021 में इसकी जानकारी दी गई। लेकिन काफी समय तक कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों की तरफ से 15 अक्टूबर 2021 को दोबारा जांच की अपील की। कंपनी ने नमूनों की जांच सेंट्रल लैब से करानी की बात कही।
शर्मा ने बताया, "कहीं भी ऐसा कोई अनियमितता नहीं है, लेकिन यह घी खाने वाले लोगों के लिए खतरनाक हो सकता।"