वंदे मातरम् विवाद से पश्चिम बंगाल के मुस्लिम क्यों नाराज: बोले- हम नहीं तो क्या बांग्लादेशी गाएंगे, बस जबरदस्ती न हो

बंगाल के खिदिरपुर इलाके में वंदे मातरम् पर बहस का विषय है। मुस्लिम समुदाय से बात करते समय एक सवाल पूछना है कि क्या वे इस गीत को सुनते हैं और इसका महत्व समझते हैं।
 
अरे, ये तो बहुत ही रोचक मुद्दा है। लेकिन मुझे लगता है कि यह सवाल थोड़ा गलत है। क्या हमें सिर्फ एक समुदाय को बुलाने और उनकी राय मांगने की जरूरत है? ये तो बहुत ही पार्टी वाला दिखता है।

मुझे लगता है कि अगर हम इस गीत के महत्व को समझना चाहते हैं, तो हमें यहाँ तक पहुंचना होगा कि हम अपने स्वयं के समुदायों में बात करें और उनकी राय लें। फिर क्या?
 
यह बहस वाकई बहुत रोचक है 🤔। मुझे लगता है कि बंगाल की खिदिरपुर इलाके में लोगों ने अपने समुदाय की भावनाओं और संस्कृति को समझने के लिए इस बहस का आयोजन करना एक अच्छा कदम है। वंदे मातरम् का गीत वास्तव में एक प्रेरक और देशभक्ति भरा गीत है जो हमारी स्वतंत्रता की लड़ाई में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाया है। लेकिन इसके अलावा, यह बहस हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपने समुदायों की विविधता और đaภาพिकता को कैसे समझने और मान्यता देने की कोशिश कर सकते हैं। मुझे लगता है कि यह बहस हमें एक बेहतर देश बनाने की ओर ले जाएगी। 💖
 
वंदे मातरम् की बहस में खिदिरपुर इलाके की बात करते समय मुझे लगता है कि हमारे देश की सांस्कृतिक विविधता को समझने के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है। मुस्लिम समुदाय से बात करते समय अगर सवाल पूछना है तो शायद उन्हें पहले इस गीत की भारतीय इतिहास और संस्कृति के महत्व के बारे में बताना चाहिए। फिर ही हमें उनकी राय को समझने की कोशिश करनी चाहिए, लेकिन हमें यह भी याद रखना चाहिए कि हर समुदाय की अपनी विचारधारा और परंपराएं होती हैं जिनका सम्मान करना चाहिए।
 
😐 बंगाल में ऐसा बहस करना तो ठीक है, लेकिन इससे पहले तो हमें यह जानना चाहिए कि देश की भावनाओं को कैसे समझना है। वंदे मातरम् एक प्रेम पत्र है, लेकिन इसकी बात करने से पहले हमें यह समझना चाहिए कि किस तरह के समुदाय इसे सुनते हैं और इसका महत्व देखते हैं। अगर हमारे देश में ऐसा हुआ तो यह बहुत अच्छी बात होगी, लेकिन अगर नहीं तो क्यों? मुझे लगता है कि वंदे मातरम् एक ऐसा गीत है जिसे हर भारतीय सुनना चाहिए, लेकिन इसके पीछे कुछ और भी महत्वपूर्ण बातें हैं।
 
બાબત એવી હતી કે મને યુટ્યૂબની રેફરેન્સ છે, અહીં ખિદરપુરમાંથી એક વૈશ્ય ગયો છે, જેણે વન્ડે માતરમનું ગીત સુધાર્યું કર્યું છે, જો કે દવેદાર આખી પણ લોકો તેનું સુધાર્યું માટેથી ભાગે જાય છે...
 
मुझे यह बहस दिल को टकराने वाली लगती है। मैं समझती हूँ कि खिदिरपुर इलाके में लोगों की राय अलग-अलग होती है, लेकिन मैं सोचती हूँ कि यह बहस हमें अपने समाज में शांति और सौहार्द की बात करती है 🙏

मुझे लगता है कि हमें इस गीत को सुनना चाहिए और इसका महत्व समझना चाहिए, न कि यह तय करना कि क्या हम इसे सुनते हैं या नहीं। मैं सोचती हूँ कि यदि हम एक-दूसरे को समझते हैं और अपनी राय साझा करते हैं, तो हम शांति और सौहार्द की ओर बढ़ सकते हैं।
 
ਬੰਗਾਲ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਖ਼ਿਦੀਰਪੁਰ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਸਥਾਨ 'ਤੇ ਵੰਡੇ ਮਾਤਰਮ̩ ਗੀਤ ਬਾਰੇ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਚਰਚਾ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ। ਉਸ ਸਮੇਂ, ਇਹ ਵਧੀਆ ਗੱਲ ਹੈ ਕਿ ਭਾਰਤ ਦੇ ਅਨੇਕਾਂ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਸਥਾਨਕ ਮੁਸਲਮਾਨ ਆਦਿਪਦੀਆਂ ਦੇ ਦਿਲ ਤੋਂ ਬੈਠ ਕੇ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ।
 
मुझे लगता है कि यह बहस तो बस मुस्लिमों पर ही ध्यान केंद्रित कर रही है। हमारे देश में इतने सारे मुद्दे हैं जिनपर नहीं चर्चा की जा रही है, लेकिन फिर भी वंदे मातरम् पर इतना जोर दिया जा रहा है। मुझे लगता है कि यह एक राजनीतिक मुद्दा हो सकता है, बस यह तो साफ नहीं है।

मैंने अपने प्रियजनों से पूछा तो उन्हें नहीं पता था कि इस गीत को कितनी जगह पर सुना जाता है और इसके महत्व क्या है। मुझे लगता है कि सरकार द्वारा इसे बढ़ावा देने की नीयत हो सकती है, ताकि लोगों का ध्यान दूसरे मुद्दों से विचलित कर दिया जा सके। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यह एक सामाजिक मुद्दा है, न कि राजनीतिक।

मुझे लगता है कि इस पर चर्चा करने से पहले हमें यह समझना चाहिए कि वंदे मातरम् का असली महत्व क्या है।
 
मुझे ये विषय बहुत रोचक लग रहा है 🤔। मैं तो बंगाल के खिदिरपुर इलाके में ही रहता हूँ, लेकिन मेरे दोस्तों और परिवार के सदस्यों में से कुछ ने भी इस गीत को बहुत पसंद किया है। मुझे लगता है कि यह गीत हमारी जमीन के प्रति श्रद्धालुपन और स्नेह को दर्शाता है, लेकिन इसके बाद तो बहस होती है कि यह वंदे मातरम् कितना सही तरीके से गाया जा रहा है। 🤷‍♂️ कुछ लोग कहेंगे कि यहाँ नागरिकता अधिनियम के बाद हमारी जमीन और परिवार को खतरा है, तो दूसरों में से कहेंगे कि यह गीत हमारी स्वतंत्रता और प्रगति का प्रतीक है। मुझे लगता है कि हमें अपने समुदाय के बीच इस पर चर्चा करनी चाहिए, लेकिन सभी को एकजुट रहना चाहिए।
 
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