मुझे लगता है कि यह बहस तो बस मुस्लिमों पर ही ध्यान केंद्रित कर रही है। हमारे देश में इतने सारे मुद्दे हैं जिनपर नहीं चर्चा की जा रही है, लेकिन फिर भी वंदे मातरम् पर इतना जोर दिया जा रहा है। मुझे लगता है कि यह एक राजनीतिक मुद्दा हो सकता है, बस यह तो साफ नहीं है।
मैंने अपने प्रियजनों से पूछा तो उन्हें नहीं पता था कि इस गीत को कितनी जगह पर सुना जाता है और इसके महत्व क्या है। मुझे लगता है कि सरकार द्वारा इसे बढ़ावा देने की नीयत हो सकती है, ताकि लोगों का ध्यान दूसरे मुद्दों से विचलित कर दिया जा सके। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यह एक सामाजिक मुद्दा है, न कि राजनीतिक।
मुझे लगता है कि इस पर चर्चा करने से पहले हमें यह समझना चाहिए कि वंदे मातरम् का असली महत्व क्या है।