वर्ल्ड कप बायकॉट से बांग्लादेश को करोड़ों का घाटा: क्या ICC बैन भी कर सकता है, भारत को कितना नुकसान

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने गुरुवार को घोषणा की है कि यह टी-20 वर्ल्ड कप में भाग नहीं लेगा। बीसीसीआई ने 2019 के भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय सीरीज के अंतिम टेस्ट के बाद बांग्लादेशी खिलाड़ियों को राज्य सरकारों से समर्थन मिले, लेकिन भारतीय प्रशासन ने इसे अस्वीकार कर दिया।
 
बड़ा चोट लगा देता है यह! बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की इस निर्णय से टी-20 वर्ल्ड कप की राहें खराब हो गईं। भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय सीरीज में हमने बांग्लादेशी खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन दिखाया, लेकिन फिर भी उन्हें समर्थन नहीं मिला। यह एक बड़ा नुकसान है कि बांग्लादेशी स्पोर्ट्समैन अब अपने राष्ट्रीय टीम की खेतर वापस आ सकते हैं।
 
बंगाल का क्रिकेट बोर्ड तो फिर से गुस्सा हुआ, ऐसा लगता है कि वे 1990 के दशक से एकल मुकाबलों की तरह खेल रहे हैं 🙄। मुझे लगा कि उन्हें भारतीय प्रशासन को धमकाने की जरूरत नहीं थी। बीसीसीआई ने उनको समर्थन देने से कोई फायदा नहीं हुआ, बस खिलाड़ियों को अपने घर वापस जाने का मौका दिया। और अब उन्हें टी-20 वर्ल्ड कप छोड़ना पड़ रहा है। बंगाली क्रिकेट का भविष्य कैसे देखेंगे, यार? 🤔
 
बात है तो जानकर अच्छा लगा कि बांग्लादेश ने टी-20 वर्ल्ड कप में नहीं आने की घोषणा की, लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ी बात नहीं। हमारा देश तो पहले से ही कई टूर्नामेंट में नहीं जा रहा है, और अब बांग्लादेश भी नहीं चल पा रहा। 🤔
 
बंगाल का क्रिकेट बोर्ड बहुत ही अजीब निर्णय लिया है 🤔. यह टी-20 वर्ल्ड कप में नहीं खेलने जा रहे हैं तो फिर क्यों? शायद भारतीय प्रशासन से उन्हें आर्थिक सहायता नहीं दी गई होगी, लेकिन इससे बंगाल क्रिकेट को बहुत नुकसान हुआ होगा। खिलाड़ियों को राज्य सरकारों से समर्थन मिला, लेकिन प्रशासन ने इसे अस्वीकार कर दिया 🙅‍♂️. यह सिर्फ भारतीय प्रशासन की कमजोरी को दिखाता है और बंगाल क्रिकेट को बहुत परेशान करेगा।
 
ਮैं तो सोचਦਾ ਹਾਂ, ਬੰਗਲਾਦੇਸ਼ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਕਈ ਦੇਸ਼ ਟੀ -20 ਵਿਸ਼ਵ ਕੱਪ 'ਚ ਨਹੀਂ ਆਏ, ਤੇ ਹੁਣ ਬਾਰੇ ਕੀ ਗੱਲ ਹੈ?
 
बुरा लग रहा है तो? बांग्लादेशी खिलाड़ियों को समर्थन मिला था, लेकिन हमारे देश में ऐसा नहीं माना गया। यह बहुत दर्दनाक है उनके लिए, जिनके पास भी अपनी खेल को आगे बढ़ाने की उम्मीद थी। मुझे लगता है कि हमारा देश खिलाड़ियों की जगह राजनीति और आर्थिक लाभ को महत्व देने वाला है। यह एक बड़ी निराशा है, और मैं ये सोचता हूं कि भारतीय प्रशासन को इस पर फिर से सोचना चाहिए।
 
बोलते हैं तो यह बात है कि कोई भी खिलाड़ी जो अपना राष्ट्र के लिए खेल रहा है, उसको अपने अधिकारों के साथ नहीं चलने दिया जाना चाहिए। ये हमारे टीम में ऐसा होने की तैयारी नहीं करता। और बात बांग्लादेश की, वो खिलाड़ियों को राज्य सरकार से समर्थन मिला, लेकिन भारतीय प्रशासन ने अस्वीकार कर दिया है। यह सिर्फ इसलिए नहीं है कि हम उनकी ताकत पर भरोसा करते हैं, बल्कि हमें उम्मीद थी कि हम उन्हें अपने खेल में विकसित करने का मौका दें।
 
बोर-ing बात है तो वास्तव में जाना कि बांग्लादेश टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर हुआ। ऐसा ही मुझे लगा था कि बाकी खिलाड़ियों ने भी अपने देश की जरूरतों को समझ लिया। अब भारतीय प्रशासन को फ्रेंचाइज़ी टीम्स को भेजने पर ध्यान देना चाहिए, नहीं।

मुझे लगता है कि इस सीरीज में शामिल खिलाड़ियों ने अपनी टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन फिर भी उन्हें समर्थन देना था। जो नहीं मिला, अब उनके देश में ऐसे टूर्नामेंट होने लगे जो हमारे खेल को संभलाएं।
 
बिल्कुल सही है कि टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को नहीं आना चाहिए। तो ये कहाँ से जाने कि वे खेल में इतने अच्छे हैं? जितनी बार उनके खिलाड़ी भारतीय प्रशासन द्वारा समर्थन नहीं मिला, उतनी ही बार उन्होंने अपनी खुशबू दिखाई। लेकिन क्या हम अपने खेल संस्करण को दूसरों से तुलना करने की जरूरत है? 🤔
 
बोर्ड का यह फैसला बहुत ही आश्चर्यकारी है 🤔, लगता है कि बांग्लादेशी खिलाड़ियों को भारत में समर्थन नहीं मिल पाया और उनके लिए टी-20 वर्ल्ड कप में जगह नहीं मिल पाई। यह देखना रोचक होगा कि भविष्य में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड अपनी स्थिति को सुधारने के लिए क्या कदम उठाएगा।
 
मैंने कभी नहीं सोचा था कि बांग्लादेश टी-20 वर्ल्ड कप में खेलेगा, ये बहुत ही अच्छी खबर है 🤩 तो क्या लोकप्रिय बॉलीवुड अभिनेता शरमन जोशी खेलेंगे, ये सोचते ही दिल खुश हो गया आपने कभी सोचा था कि बांग्लादेश क्रिकेट टीम भारतीय प्रशासन को पसंद आएगी, लेकिन लगता है कि मैंने गलत सोचा, तो अब कोई खिलाड़ी नहीं भेजेगा 🤦‍♂️
 
बात है तो बीसीसीआई का फैसला कैसा क्या, यह अच्छा नहीं लग रहा है। पहले टी-20 वर्ल्ड कप में भाग लेने की प्लानिंग थी, लेकिन अब यह देश नहीं जाएगा। मुझे लगता है कि हमारा खेल विज्ञान सही तरीके से तैयार नहीं हुआ। बांग्लादेशी खिलाड़ियों को समर्थन मिलना चाहिए, लेकिन इसे अस्वीकारने से यह दिखाई देगा कि हम उनके साथ सहानुभूति नहीं रखते।
 
मुझे लगता है कि यह बहुत दुखद समाचार है। बांग्लादेशी खिलाड़ियों को राज्य सरकारों से समर्थन मिलता है, लेकिन भारतीय प्रशासन इसे अस्वीकार कर देता है। तो अब वे टी-20 वर्ल्ड कप में नहीं भाग सकते। यह बिल्कुल सही नहीं किया गया। हमें अपने खिलाड़ियों को समर्थन देना चाहिए, न कि बाहर कर देना।
 
बेटा, यह तो बहुत दुखद खबर है 🤕 बांग्लादेशी क्रिकेटर्स को इतना खेद है कि उनकी टीम को टी-20 वर्ल्ड कप में भाग नहीं लेने पर मजबूर करना पड़ा है। जानते हैं क्या बेटा, यहाँ किसी भी खिलाड़ी की सफलता या असफलता पर हमारी राजनीति को फंसाने से कुछ नहीं होता। अगर सरकार ने वास्तव में उनके समर्थन को स्वीकार किया होता, तो यह सब तो अलग होता। लेकिन अब जब इतनी बातें हुई हैं, तो टीम के लिए खेलने की जगह खुद को गुमराह करने का मौका मिल गया है। सिर्फ चिंतित हूं बेटा, हमारी प्रेमपूर्ण दुनिया क्यों इतनी जटिल और भयावह होती जा रही है?
 
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