'वह कांग्रेस का बड़ा हिस्सा नहीं', थरूर और पार्टी के बीच मनमुटाव पर ये क्या बोल गए इमरान मसूद?

केरल चुनाव को लेकर चल रही खींचतान ने एक और सांसद ने शशि थरूर पर तंज किया है. कांग्रेस के इमरान मसूद ने कहा है कि शशि थरूर कांग्रेस पार्टी का कोई बड़ा हिस्सा नहीं है. यह बात उन्होंने शनिवार को केंद्रीय विधानसभा चुनाव से पहले केरल में चल रहे चुनाव को लेकर एक बैठक में कही थी, जहां वे इस बैठक में नहीं पहुंचे और केरल लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल हुए थे.
 
बता के भाई, ये सभी चुनाव पार्टियों के लोग तो अपने दोस्तों को नहीं पहचानते हैं 😒। शशि थरूर को इतना बड़ा खिलाफी क्या है? और इमरान मसूद ने जो बोला, वह तो बात ही नहीं करता है 🤥। ये सभी लोग चुनाव लड़ने के लिए चोरी से कुर्सी पर बैठने की कोशिश कर रहे हैं। और फिर वे दूसरों को तंज देने की कोशिश करते हैं 🙄। मुझे लगता है कि ये सभी लोग अपने आप को बहुत बड़ा समझते हैं, लेकिन सच्चाई तो जानने के लिए वे कभी तैयार नहीं होते 💔
 
केरल का चुनाव तो बहुत खीचतान दिख रही है 🤣, लेकिन मुझे लगता है कि यह सब कुछ एक बड़े गेम का हिस्सा है। शशि थरूर जैसे लोग आज भी कांग्रेस पार्टी के लिए बहुत उपयोगी हैं। उन्हें तो बस अपने आप में एक बड़ा आकर्षण बैना दिया जाता है 😒, और फिर वोटों को इकट्ठा करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

केरल में चुनाव तो बहुत राजनीतिक खेल है, जहां हर किसी ने अपनी टीम बनाकर वोट बाज़ाने लगे हैं। लेकिन क्या यह सब वास्तव में लोगों की जरूरतों को पूरा करता है? या यह सिर्फ एक खेल है जिसमें लोग अपना नाम दर्ज करने के लिए बोलते रहते हैं? 🤔 मुझे लगता है कि दूसरे सवाल का जवाब हमें सबसे ज्यादा पूछना चाहिए।
 
પ્રકાશ કે? અહીં એવું લાગે છે જો તુજે ચોક્કસ માહિતી નથી તો ભળી જવું. શશી ઠરૂર પણ એક વધારાવાળા મને લગતા છે. બિચારો સાથ આપવાની ક્ષમતા, વર્તમાન સમયમાં ઉચ્ચતાનું પ્રદર્શન...
 
केरल में चुनाव तो कितना रोमांचक है 🤩📊! मुझे लगता है कि इमरान मसूद जी ने बात कही ठीक थी, शशि थरूर जी कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़कर बड़ा सफल नहीं हो सकते. उनके लिए अपनी राजनीतिक यात्रा को देखें, उन्होंने मुंबई में अपनी कविता पढ़ी थी, फिर नाम बदलकर शशि थरूर बन गए. तो क्या उन्हें कांग्रेस पार्टी से जुड़ने की जरूरत थी? 🤔

नहीं, तो नहीं! मुझे लगता है कि शशि थरूर अपने बोलचाल और लेखन से दर्शकों को आकर्षित कर पाएंगे, वह कांग्रेस पार्टी की राजनीति में जरूरत कुछ नहीं थी. उनके बीच वोटों का गड़बड़ा होने की बात तो सही नहीं है, लेकिन चुनाव के नतीजों को देखें, वह जीतने के लिए अपनी मेहनत करेंगे या नहीं, यह हमें देखना होगा 📈
 
सोशल मीडिया पर यह सुनने में आता है कि कुछ लोग विरोधी पार्टियों के नेताओं को भी कांग्रेस के दुश्मन कहकर बुलाते हैं.. अगर ऐसा है तो शशि थरूर को भी अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए विरोधी पार्टियों से मिलने जाना एक अच्छा निर्णय लगता है.. अगर वे वास्तव में हमारे देश को बेहतर बनाने के लिए सच्चे राजनेता हैं तो उन्हें अपनी राजनीतिक स्थिति के लिए कोई फर्क नहीं पड़ता.. 🤔
 
शशि जी का चेहरा देखकर ये लगता है कि वे चुनाव के बाद से कमजोर हो गए हैं 🤔. इमरान मसूद ने उन पर यह तंज किया, तो फिर भी शशि जी को जवाब देने का मौका नहीं मिला। वाह! केरल लिटरेचर फेस्टिवल में उनकी उपस्थिति को लेकर पूरा चर्चा में है, और अब इमरान मसूद ने उन्हें तंज दिया। सोचता हूँ कि अगर शशि जी चुनाव के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दें, तो उनकी छवि पूरी तरह से बदल जाएगी। लेकिन शशि जी की बहन श्वेता थरूर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर उन्हें रिश्वत मिलने लगे, तो वे अपने पद छोड़ देंगे। यही अच्छा संदेश है ना, लेकिन शशि जी अभी भी खुद को एक अलग व्यक्ति बनाए रखते हैं। 🤷‍♂️
 
केरल चुनाव से पहले इतनी खींचतान हो रही है, यह तो दिखाता है कि पार्टियां और सांसद भी अपनी-अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं 🤔। शशि थरूर पर इमरान मसूद ने तंज किया है, लेकिन यह एक दूसरे को धमकाने की बात नहीं है। केरल में चुनाव की जीत या हार, प्रधानमंत्री को कैसे प्रभावित होगा, यह तो हम सभी को पता है 👀। कांग्रेस पार्टी ने अपनी रणनीति बनाई है, लेकिन विपक्षी दल भी अपने-अपने तरीके से लड़ने लगे हैं। चुनाव के परिणाम तो केवल केरल में नहीं होंगे, बल्कि देश के भविष्य को भी निर्धारित करेंगे।
 
मुझे लगता है कि ये चुनाव एक दूसरे को जीतने की रेस में लगे हुए हैं... 🤔 केरल लिटरेचर फेस्टिवल में जाने से इमरान मसूद ने शशि थरूर पर तंज किया है, लेकिन मुझे लगता है कि ये एक अच्छी बात है। शशि थरूर एक महान लेखक हैं और उनकी भाषा सुनने को मज़ा आता है, लेकिन चुनावों में जीतने की रेस में लगे रहने से कुछ अच्छा नहीं होता।
 
वाह, ये तो शशि थरूर पर बहुत तंज है 🤣। लेकिन मुझे लगता है कि इमरान मसूद जी की बात से हमें एक और प्रश्न उठना चाहिए। अगर कांग्रेस पार्टी ने शशि थरूर को अपना विश्वासपत्र नहीं माना, तो फिर यह सवाल उभरता है कि शशि थरूर कौन सा राजनीतिक दल के लिए काम करता है। और अगर वह कोई छोटा दल है, तो इसका अर्थ यह है कि उनकी नीतियों में गहराई नहीं है।
 
मुझे लगता है कि इमरान मसूद जी ने सही कहा है, चाहे वह किसी भी पार्टी से हों. शशि थरूर एक व्यक्ति, फिर मैं तो उनकी राजनीतिक पकड़ समझ नहीं सकता। लेकिन अगर वो कांग्रेस पार्टी का हिस्सा है तो क्या? उन्हें अपने मतदाताओं को जरूर जानबूझकर धोखा देना पड़ेगा, बिना एक मिनट भी सोचने के। लेकिन अगर वो सच्चे राजनीतिज्ञ हैं तो उन्होंने अपना क्या फायदा?
 
शशि थरूर की बहुत ही चतुराई दिख रही है! 🤓 केरल में चल रहे चुनाव में उनका बोलबाला हो गया है और यह देखकर लगता है कि वे अपने खिलाफ मचाए गए खींचतान से लोगों को प्रभावित नहीं कर रहे हैं। इमरान मसूद ने उनकी बात कही है, लेकिन शशि थरूर की राजनीतिक दुनिया में बहुत बड़ा महत्व है और वह चुनाव से पहले केरल में अपनी उपस्थिति दिखाने के लिए तैयार हैं।
 
मुझे लगता है कि इमरान मसूद ने अच्छी बात कही 🤔, लेकिन क्या शशि थरूर सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही नहीं हैं? क्या वो किसी अन्य पार्टी से भी जुड़े हुए होंगे? मुझे लगता है कि लोकतंत्र में ऐसे कई नेताओं की जरूरत होती है, जिन्हें अपनी राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाया जाए 🤷‍♂️
 
मैंने शशि थरूर पर तंज करना सही नहीं कहा, नहीं तो फिर वाह, यार! मैं तो लगता है कि इमरान मसूद ने गलत कहा, नहीं, मैं सही कह रहा हूँ, गलत कह रहा हूँ! शशि थरूर को फिलहाल अपनी पार्टी में रखना चाहिए, लेकिन फिर क्यों? केरल में उनकी संख्या तो बहुत कम है, खैर, मैं तो लगता हूँ कि वे वहां रहना चाहते हैं, और वहां रहना बिल्कुल सही है! 🤔
 
[Image of a person rolling their eyes with an exasperated expression 🙄]

केरल चुनाव में खींचतान की बात तो सुनने का मज़ा है... इमरान मसूद ने शशि थरूर का तंज दिया, लेकिन यार, क्या वो पूछ रहे हैं कि केरल में चुनाव की खींचतान कौन कर रहा है? 🤔[GIF of a person stuck in a loop with a "what's going on?" expression 😂]
 
केरल चुनाव की खींचतान को देखते हुए मुझे लगता है कि यह सब एक बड़ा खेल है। किसने कांग्रेस की पार्टी से शशि थरूर की जोड़ी तय कराई, लेकिन अभी तक उनकी राजनीतिक यात्रा की कहानी मुझे समझ नहीं आती है। इमरान मसूद ने बोला है, लेकिन मैं सोचता हूँ कि शशि थरूर को यह सब बस एक बड़ा मंच मिल गया है जहाँ वे अपनी लेखन और राजनीतिक सोच को दिखा सकते हैं।
 
शशि थरूर जी को माफ कर दें, लेकिन इमरान मसूद जी का कहना थोड़ा खुलेआम है 🤔। अगर वे चुनाव के बारे में इतना सख्त मौन बनाए रख सकते हैं तो शायद सरकार की नीतियों के प्रति उनकी आलोचनात्मक राय भी कम होती। लेकिन ये जरूरी नहीं है कि वे अपनी राय रखनी चाहें।

केरल में चुनाव जैसा हुआ, वहां भी एक नेता की आलोचना करने से पहले अपनी पार्टी की छवि पर देखा जाना चाहिए। अगर इमरान मसूद जी चाहते हैं कि लोग उनकी बात मानें तो उनकी राय रखनी चाहिए और सरकार की नीतियों के प्रति अपनी आलोचना व्यक्त करनी चाहिए।
 
अरे यार तो यह शशि थरूर की चाल पूरी तरह से विवादित है 😒। अगर वह इतना ईमानदार नहीं है तो क्यों उन्हें इस चुनाव में फिर से लड़ने का मौका दिया जाता है? और इमरान मसूद की बात सुनकर लगता है कि कांग्रेस पार्टी अपने नेताओं को अच्छी तरह से चुनती है, जिससे ऐसा व्यक्ति नहीं आ जाता। लेकिन यह तो शायद हमें रुकने का मौका नहीं देता 🙄
 
केरल चुनाव की मामला है तो यह तो बहुत ही जटिल है, लेकिन यह तो हमेशा इस तरह से चलने वाला नहीं होता. देखिए शशि थरूर और इमरान मसूद दोनों एक ही पार्टी में नहीं हैं और उन्होंने अलग-अलग दृष्टिकोण से, लेकिन कुछ तो जरूर समान है, जैसे कि दोनों ही चुनाव में बड़ा प्रभाव डालना चाहते हैं, खासकर जब यह केरल की राजनीति के बारे में बात कर रहे होते हैं. लेकिन यह तो हमें एक दूसरे से जुड़ने और समझने का मौका भी देता है कि पूरे चुनाव के दौरान कैसे वोटरों की भावनाओं पर नजर रखी जाएगी.
 
अरे दोस्त, यह तो बहुत सारी खींचतान है! 🤔 एक तरफ शशि थरूर जी की नीतीश कुमार से बात करते हैं और दूसरी तरफ इमरान मसूद सांसद उन्हें कांग्रेस पार्टी का छोटा सा नाम बता रहे हैं। लेकिन भाई, चुनावों में इतनी खींचतान करने से क्या अच्छा होगा? 🤷‍♂️ कोई और भी बड़ा नेता हो सकता था।
 
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