उत्तर भारत में शीत ऋतु का चरम समय है, जब ठंड का व्यापक प्रभाव देखने को मिलता है। उत्तर प्रदेश में, यह महीना ठंडे और धुंधले माहौल से भरा रहता है, जहां पश्चिमी और मध्य यूपी में शाम-शाम कोहरा छाया रखता है। न्यूनतम तापमान कई बार 4-6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जिससे शीतलहर का असर जनजीवन पर पड़ता है।
उत्तराखंड में, यह महीना ऊंचाई के अनुसार अलग-अलग रहता है। मैदानी इलाकों में ठंड रहती है जबकि पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी और तापमान शून्य से नीचे चल जाता है।
हिमाचल प्रदेश में, जनवरी सबसे ठंडा महीना होता है, जहां शिमला, मनाली और ऊंचे क्षेत्रों में लगातार हिमपात होता है। इस मौसम में पर्यटन बढ़ता है लेकिन यातायात प्रभावित हो सकता है।
पंजाब और हरियाणा में, यह महीना कड़खट ठंड और कोहरे से भरा रहता है, जहां तापमान कई बार 2-3 डिग्री तक गिर जाता है। खेतों में खड़ी फसलों पर मौसम का प्रभाव पड़ता है।
राजस्थान में, यह महीना क्षेत्र के अनुसार बदलता है, जहां पश्चिमी राजस्थान में रातें बेहद ठंडी हो जाती हैं और तापमान शून्य के आसपास पहुंच सकता है। दिन अपेक्षाकृत सुहावने रहते हैं।
जम्मू-कश्मीर में, यह महीना अत्यंत ठंडा होता है, जहां कश्मीर घाटी में भारी बर्फबारी होती है और डल झील जैसी जलस्रोतों पर बर्फ जमने लगती है। लद्दाख क्षेत्र में अत्यधिक ठंड और शुष्क मौसम रहता है।
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में, यह महीना ठंड और कोहरे से भरा रहता है, जहां घना कोहरा छाया रहता है और सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होता है। चंडीगढ़ में भी यह महीना ठंड और कोहरे से भरा रहता है।
कुल मिलाकर, उत्तर भारत में जनवरी मौसम ठंड, कोहरा, शीतलहर और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी से जुड़ा रहता है। यह एक ओर प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाता है लेकिन दूसरी ओर दैनिक जीवन और यातायात के लिए चुनौतियाँ भी पैदा करता है।
उत्तराखंड में, यह महीना ऊंचाई के अनुसार अलग-अलग रहता है। मैदानी इलाकों में ठंड रहती है जबकि पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी और तापमान शून्य से नीचे चल जाता है।
हिमाचल प्रदेश में, जनवरी सबसे ठंडा महीना होता है, जहां शिमला, मनाली और ऊंचे क्षेत्रों में लगातार हिमपात होता है। इस मौसम में पर्यटन बढ़ता है लेकिन यातायात प्रभावित हो सकता है।
पंजाब और हरियाणा में, यह महीना कड़खट ठंड और कोहरे से भरा रहता है, जहां तापमान कई बार 2-3 डिग्री तक गिर जाता है। खेतों में खड़ी फसलों पर मौसम का प्रभाव पड़ता है।
राजस्थान में, यह महीना क्षेत्र के अनुसार बदलता है, जहां पश्चिमी राजस्थान में रातें बेहद ठंडी हो जाती हैं और तापमान शून्य के आसपास पहुंच सकता है। दिन अपेक्षाकृत सुहावने रहते हैं।
जम्मू-कश्मीर में, यह महीना अत्यंत ठंडा होता है, जहां कश्मीर घाटी में भारी बर्फबारी होती है और डल झील जैसी जलस्रोतों पर बर्फ जमने लगती है। लद्दाख क्षेत्र में अत्यधिक ठंड और शुष्क मौसम रहता है।
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में, यह महीना ठंड और कोहरे से भरा रहता है, जहां घना कोहरा छाया रहता है और सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होता है। चंडीगढ़ में भी यह महीना ठंड और कोहरे से भरा रहता है।
कुल मिलाकर, उत्तर भारत में जनवरी मौसम ठंड, कोहरा, शीतलहर और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी से जुड़ा रहता है। यह एक ओर प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाता है लेकिन दूसरी ओर दैनिक जीवन और यातायात के लिए चुनौतियाँ भी पैदा करता है।