Weather: उत्तर भारत में ठंड और कोहरे का कहर; दृश्यता कम होने से नूंह में पांच वाहन भिड़े, दो लोग जिंदा जले

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के साथ घने कोहरे का कहर बना हुआ है। कश्मीर और लद्दाख में रविवार को कई जगह तापमान माइनस में दर्ज किया गया, जबकि पंजाब के अमृतसर में तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। सुबह के समय घने कोहरे के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात पर भारी असर पड़ा।

हरियाणा के नूंह में कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे पर कोहरे के कारण पांच वाहनों में टक्कर के बाद लगी आग में दो लोग जिंदा जल गए। नूंह में हाल ही में घटित हुए यह हादसा इस इलाके में कई वर्षों से पहले का है और इसमें कोई भी वाहन की टक्कर में नहीं गई थी।

उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिमी राजस्थान और सौराष्ट्र में घना कोहरा छाया रहा। यूपी के अमरोहा में दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे पर दो घंटे में तीन रोडवेज बस समेत 50 से अधिक वाहन एक दूसरे से भिड़ गए। हादसे में कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आईं हैं। कई अन्य स्थानों पर कोहरे के कारण वाहनों की भिड़ंत हुई।

कश्मीर घाटी में सभी जगह तापमान 4 डिग्री तक गिर गया, जबकि लद्दाख के द्रास में तापमान माइनस 20 डिग्री दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिमी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि 24 जनवरी तक कोहरे का असर बना रहेगा।

दिल्ली में न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री रहा, जबकि पंजाब का अमृतसर सबसे ठंडा रहा। यूपी में हर्दोई सबसे ठंडा रहा, जबकि चंडीगढ़ और हरियाणा के नारनौल में भी तापमान 5.5 डिग्री दर्ज किया गया।

इस समय इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि 23 जनवरी तक कोहरे का असर बना रहेगा।
 
कितना ठंडा है? यह तो ठंडी नहीं है! हमें पूरी तरह से घने कोहरे में डुबो दिया गया है! 😂 राज्यों-राज्यों में भारी असर पड़ रहा है, बसों और वाहनों में टक्कर के बाद आग लगने, लोग जिंदा जलने... यह तो एक बड़ा खेल नहीं है! 🤣 कश्मीर और लद्दाख में इतनी ठंड है कि यहाँ लोग निश्चेतना हो गए होंगे! ❄️
 
पहले तो लोगों ने कहा था कि ये ठंड तो हमेशा दिल्ली में रहती है पर अब पंजाब और हरियाणा में भी ठंड का असर देखा जा रहा है। यह ठंड कितनी गहरी है, इसकी बात सुनकर लगता है कि लद्दाख में तो -20 डिग्री तक तापमान हो गया है। और इतनी ठंड में भी लोग कहीं और नहीं जा सकते हैं क्या? यह तो दुर्भाग्यपूर्ण है कि ट्रेनों या बसों में सीट बुक करने में परेशानी हो रही है।
 
कश्मीर और लद्दाख जैसे जगहों पर तापमान माइनस में गिर गया है... यह तो बहुत ठंड की बात है! 🤩 तो सड़क, रेल और हवाई यातायात पर भारी असर पड़ रहा है। मुझे लगता है कि इस तरह के मौसम में हमें अपने जीवन को थोड़ा बदलना चाहिए।

उदाहरण के लिए, हमें अपने घरों में ऊर्जा की बचत करनी चाहिए, ताकि हमारे पास अच्छी और सुरक्षित व्यवस्था हो। इसके अलावा, हमें वाहनों को भी ऐसा चुनना चाहिए जो कम प्रदूषण में हो। इससे हम अपने आसपास के पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं और अपने भविष्य को सुरक्षित रख सकते हैं।

किसी भी तरह, हमें इस समय ऐसी चीजों की खोज करनी चाहिए जिससे हम अपने जीवन को स्वस्थ और सुरक्षित बना सकें।
 
मुझे लगता है कि यह ठंड बहुत तेजी से आ गई, तापमान माइनस हो गया है और लोगों को घर पर रहने की सलाह देनी चाहिए। यह ठंड इतनी तीव्र है कि हमारे रास्ते पर घने कोहरे बन जाते हैं और यातायात पर बहुत बड़ा असर पड़ता है। पिछले कई वर्षों में ऐसा कभी नहीं हुआ था, अब यह ठंड इतनी तेज है कि हमें उसके बारे में सोचने की जरूरत है।
 
काल्पनिक परिस्थितियों में चुनौतियों का सामना करना हमेशा मुश्किल होता है 🌫️। लेकिन जैसा कि न्यूटन ने कहा, "जब तुम विरोधी शक्ति के सामने खड़े हो, तो सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि तुम्हारे पास कोई भी शक्ति नहीं है।"
 
क्षेत्र में ठंड की ऐसी बात तो होती रहती है लेकिन कोहरे से ज्यादा दुःखद है। सड़क, रेल और हवाई यातायात पर असर पड़ना चिंताजनक है, खासकर जब वाहनों में टक्कर लगने से आग लग जाए। नूंह की घटना को एक बड़ा झटका लगता है क्योंकि इससे पहले कभी कोई भी वाहन टक्कर में नहीं गया। उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में घना कोहरा छाया रहा, जिससे यात्रियों को मामूली चोटें लगीं।

कश्मीर घाटी में तापमान 4 डिग्री तक गिर गया है, जो बेहद ठंडी बात है। लद्दाख के द्रास में तापमान माइनस 20 डिग्री दर्ज किया गया, जो एक और चिंताजनक आंकड़ा है। हमें उम्मीद है कि जल्द ही ठंडी हवाएं विराम लेंगी। ⛅
 
क्या यह देश अभी भी सही से चल पाएगा? पहले तो बारिश, फिर ठंड, और अब कोहरे। यह तो सोच लेता है कि जीवन में कभी अच्छाई न मिले, चाहे वह तापमान या सड़कों पर घने कोहरे की।
 
क्या ये कोई मजाक नहीं है? उत्तर भारत में घना कोहरा लगा हुआ है और फिर भी लोग अपने साथ वाहन लेकर कहां जाना चाहते हैं? 🤔 अमृतसर में तापमान 1.7 डिग्री तक गिर गया, यह तो कोई बड़ा बदलाव नहीं है, बस ठंड का मौसम है। और फिर भी, लोग सड़क, रेल और हवाई यातायात पर भारी असर देने के लिए अपने वाहनों का उपयोग कर रहे हैं।

क्या हमें नहीं पता था कि उत्तर भारत में इस समय यही परिस्थितियां होंगी? और फिर भी, लोग शायद ही किसी बात को सोचकर अपने वाहनों का उपयोग कर रहे हैं। 😒 तो अब दोबारा सोचने का समय आ गया है - क्या हमें अपने वाहनों का उपयोग करने से पहले मौसम की जानकारी लेनी चाहिए? 🚗
 
कोहरे तो ठीक है, लेकिन इतनी देर तक रहने वाला ना? क्या हुआ, प्रकृति का यह नहीं बदला? जानवर भी ठंडे में बैठकर नहीं रह सकते, लेकिन मनुष्य तो इतना बुद्धिमान कैसे बन गया? 🐈😷

कश्मीर और लद्दाख में तापमान 4 डिग्री तक गिर गया, यह तो ठंडी है, लेकिन जिंदा नहीं रहना भी ठंडी नहीं है। क्या सरकार ने सड़कों पर घने कोहरे के बारे में कोई योजना बनाई? 🚗

उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, यह अच्छी खबर है, लेकिन क्या इसका मतलब है कि जीवन से पहले जीने का मौका नहीं मिलेगा? 🌂

मुझे लगता है कि प्रकृति हमें सीखने को ही देती है, लेकिन हम तो अक्सर ध्यान नहीं देते। 🐱
 
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