होली के बाद बिहार की यात्रा पर निकलेंगे तेज प्रताप यादव, बोले- 'RJD में अब कुछ नहीं बचा'

बिहार में आरजेडी की स्थिति खराब होती जा रही है। पार्टी के नेताओं को अपने फैसलों पर विश्वास करना पड़ता है, लेकिन अब यह पता चल गया है कि लालू यादव का फैसला भी पार्टी में नहीं चलता है। जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव ने आरजेडी और उनके नेताओं पर जोरदार निशाना साधा, कहा है कि पार्टी अब कार्यकर्ताओं की नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी पार्टी है जहां रोज लोग हमारी पार्टी से जुड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार में होली के बाद यात्रा पर निकलने की तैयारी चल रही है, जिसके लिए वे तैयार हैं। उन्होंने आरजेडी को साफ बताया कि यह अब एक मजदूर पार्टी नहीं है जहां कार्यकर्ताओं को मजदूरी मिलती है, बल्कि उद्योगपतियों को फायदा होता है।

चूड़ा-दही भोज में लालू यादव के आशीर्वाद देने की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अब सबको पता चल गया है कि असली जनशक्ति जनता दल ही है। उन्होंने आरजेडी पर टिकट बेचने और कार्यकर्ताओं से पैसे लेने के आरोप में भी कहा।

उन्होंने बताया कि आरजेडी लगातार कमजोर हो रही है, इसलिए पार्टी अब 25 सीटों पर सिमट चुकी है। उन्होंने 'जयचंदों' को लेकर भी कहा कि उन नेताओं ने तो हमारे पिताजी (लालू यादव) को भी बर्बाद कर दिया।

आरजेडी पर टिकट बेचने के आरोप में उन्होंने कहा कि कोई गलत क्या कह रहा है? चुनाव के समय कार्यकर्ताओं से पैसे की मांग होती है, जो कार्यकर्ता दिन-रात मेहनत करते हैं, उन्हें मजदूरी नहीं मिलती और उद्योगपतियों को फायदा मिलता है।
 
जय चंदों की बात करते हैं तो भूल जाइए। आरजेडी पार्टी की स्थिति खराब होती जा रही है और इसके नेताओं को अपने फैसलों पर विश्वास करना पड़ता है। लेकिन अब यह पता चल गया है कि लालू यादव का फैसला भी पार्टी में नहीं चलता। तेज प्रताप यादव ने आरजेडी और उनके नेताओं पर जोरदार निशाना साधा है।
 
अरे, यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है आरजेडी की स्थिति खराब होती जा रही है, लेकिन इसके पीछे क्या कारण है?

मुझे लगता है कि आरजेडी की असफलता का सबसे बड़ा कारण उनके नेताओं में से कुछ नेताओं की कमजोरियां और गलत फैसलों में पड़ना है। जैसे लालू यादव का फैसला, यह तो पूरी तरह से अनस्वीकार्य था।

और इस बात की बात करते हुए, आरजेडी पर टिकट बेचने के आरोप में तेज प्रताप यादव ने बहुत कड़ी आलोचना की, लेकिन यह भी पता चलता है कि कार्यकर्ताओं से पैसे लेने का खेल और टिकट बेचने का खेल आरजेडी में फैला हुआ है।
 
आरजेडी की स्थिति खराब होती जाने से मुझे लगता है की बिहार में नेताओं की ताकत कम होती जा रही है। मैंने भी देखा है की लोग आरजेडी में नहीं जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरजेडी अब एक मजदूर पार्टी नहीं है, बल्कि यह उद्योगपतियों को फायदा देने वाली पार्टी बन गई है। मुझे लगता है की भाई तेजप्रताप यादव के बोलने से आरजेडी के नेताओं पर दबाव पड़ेगा। मैं उन्हें सही कह सकता हूं, यह पार्टी अब कार्यकर्ताओं को मजदूरी नहीं दे रही है।
 
बिहार में आरजेडी की स्थिति खराब होती जा रही है, लेकिन तेज प्रताप यादव ने दिखाया है कि कहीं उन्होंने भूल नहीं गया है कि चूड़ा-दही भोज में खाने के साथ-साथ उसके बाद तैयारी करना भी बहुत जरूरी है 🍽️। लालू यादव को आशीर्वाद देने की चर्चा करते समय उन्होंने कहा है कि असल में जनशक्ति जनता दल ही है, लेकिन तेज प्रताप यादव ने भी खाने के बाद उसके बाद की तैयारी करने को दिलचस्प नहीं समझा। 🤣
 
आरजेडी की स्थिति खराब होने की बात सच है, लेकिन यह तो आरजेडी के नेताओं द्वारा अपने फैसलों पर विश्वास करने की कमी ही नहीं बल्कि उनकी रणनीति में भी समस्या है। आरजेडी ने जैसे ही कुछ नए नेता आ गए, पुराने लोग जो वरिष्ठता रखते थे, उन्हें छोड़ दिया गया। इससे युवाओं और नए नेताओं को सशक्त बनाने में देर हुई।
 
क्या पार्टी के नेताओं को अपने फैसलों पर विश्वास करना चाहिए? ये तो साफ तौर पर नहीं चल रहा। और अब जनशक्ति जनता दल तेज प्रताप यादव द्वारा भी इस तरह से आलोचना किया जा रहा है। लेकिन क्या कोई विरोध करने वाला है? चुनाव में कुछ फायदा हुआ है या फिर कुछ नुकसान?

मुझे लगता है कि पार्टी के नेताओं को अपने आप को समझना और अपने लोगों की जरूरतों को समझना चाहिए। साफ तौर पर यह पता चल गया है कि आरजेडी बहुत कमजोर होती जा रही है, अब कैसे सुधारा जाए?
 
आरजेडी पर तेज प्रताप यादव की बात सुनकर लगता है कि उनके नेताओं को अपने फैसलों पर विश्वास करना पड़ता है, लेकिन अब यह पता चल गया है। मुझे लगता है कि आरजेडी की स्थिति खराब होती जा रही है और पार्टी को अपने रास्ते पर चलने का साहस देना होगा।
 
आरजेडी की स्थिति खराब होती जा रही है और यह एक पूरी तरह से अलग पार्टी बन गई है, जहां लालू यादव की राजनीतिक कल्पनाओं पर विश्वास करना पड़ता है। तेज प्रताप यादव ने आरजेडी को मजदूर पार्टी के रूप में दिखाया, लेकिन वास्तविकता वहीं है कि यह एक उद्योगपतियों की पक्षपाती पार्टी बन गई है। और फिर, चूड़ा-दही भोज में आशीर्वाद देने से कोई फर्क नहीं पड़ता, इसके बाद भी आरजेडी लगातार कमजोर हो रही है 🤔
 
आरजेडी की स्थिति खराब होती जा रही है तो लालू यादव के बोलने पर विश्वास नहीं करना चाहिए 🤔। जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव की बात सुनने में अच्छी लगी है कि अब यह एक मजदूर पार्टी नहीं है, बल्कि उद्योगपतियों को फायदा होता है। 🤑
 
Back
Top