हिमाचल में 23 को टूटेगा ड्राई-स्पेल: IMD का बारिश-बर्फबारी का अलर्ट, ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात, शिंकुला से 25 टूरिस्ट रेस्क्यू किए - Shimla News

हिमाचल में 23 को टूटेगा ड्राइ-स्पेल, शिंकुला से 25 टूरिस्ट रेस्क्यू किए।

आज बीती रात हिमाचल प्रदेश के ऊंचे क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई। लाहौल स्पीति और चंबा की अधिक ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात दर्ज किया गया। शिंकुला दर्रा में भी 4 इंच तक ताजा बर्फ गिरी।

मौसम विभाग (IMD) ने 23 जनवरी को बारिश-बर्फबारी का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, 17 से 21 जनवरी तक वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर रहेगा। इस दौरान केवल अधिक ऊंचे क्षेत्रों में ही हल्की बर्फबारी होगी। अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा।

शिमला में भी आज सुबह से ही हल्के बादल छाए हुए हैं। वहीं, देशभर से पहाड़ों पर आने टूरिस्ट भी बर्फबारी के इंतजार में टकटकी लगाए बैठे हैं।

पुलिस ने लाहौल स्पीति के शिंकुला दर्रा में फंसे 12 टूरिस्ट व्हीकल और 25 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया है। इसके अलावा, तापमान में भी बड़ा उछाल आया है।
 
अरे, यह बर्फबारी तो बहुत मजेदार है 🌨️। मैंने भी शिंकुला दर्रे जा के कुछ दिन बिताए थे और वहां की बर्फ पर चढ़ना बहुत आनंददायक था। लेकिन फिर भी, तो तापमान में इतना बड़ा उछाल आया है... यह कितना खतरनाक होगा? 🤔 मुझे लगता है, हमें अपनी यात्रा के लिए अच्छी तरह से तैयार रहना चाहिए और ज्यादा खतरे वाली जगहों से दूर रहें।
 
मुझे लगता है कि हमारे पास बर्फबारी की चोटी पर चलने के लिए तैयार रहना जरूरी है, लेकिन ये देखना मुश्किल है कि आगे क्या होगा। पहले 17 से 21 जनवरी तक वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर रहेगा, फिर भी टूरिस्ट बहुत उत्साहित हैं। उनकी तैयारी करनी चाहिए। लेकिन मुझे लगता है कि हमें अपने घरों से पहले बर्फबारी की जांच करनी चाहिए, ताकि अगर कोई मुश्किल आती है, तो हम तैयार हो।
 
मैंने पढ़ा है कि शिंकुला दर्रा में बर्फबारी का खतरा हो गया है, लेकिन फिर मैंने सोचा कि यह तो एक अच्छा अवसर होगा टूरिस्ट्स को अपने गाड़ी से निकलकर पहाड़ों पर जाने का, लेकिन फिर मैंने सोचा कि यार, यह तो बहुत खतरनाक है और बर्फबारी के दौरान इतने कई लोगों को रेस्क्यू करने के लिए पुलिस व्हीकल चलाने का कैसे होगा। फिर मैंने सोचा कि शायद यह तो एक अच्छा अवसर होगा टूरिस्ट्स को अपने परिवारों के साथ पहाड़ों पर जाने का, लेकिन फिर मैंने सोचा कि यार, यह तो बहुत महंगा होगा और पैसों की बात करें तो शायद टूरिस्ट्स अपने घर वापस आने की बजाय इस दौरान पैसे कमाने के लिए जा सकते हैं। 🤔
 
बिल्कुल! ये तो ठंड लग रही है इस सीज़न में। मैंने बीते महीने की बर्फबारी की बातें तो सुनी थीं, लेकिन अब भी प्राकृतिक सुंदरता की कहानियां सुनाई जा रही हैं। शिंकुला दर्रा में टूरिस्टों के रेस्क्यू करना दिल को छूने वाला है। मैंने पहले भी तीन ग्लेशियर्स की यात्रा की, और जब फिर से मैं उन्हीं ग्लेशियर्स की यादें लाया, तो मुझे थोड़ा शोक हुआ।

कहाँ पर टूरिस्ट निकल गए? क्या वे अब भी बर्फबारी की इच्छुक है?
 
क्या मन में आया कि ये बर्फबारी तो बहुत ज्यादा है! पहले सिर्फ हल्की बर्फ गिरती थी, अब तो 4 इंच तक ताजा बर्फ गिर रही है! शिंकुला दर्रा में फंस गए लोगों को रेस्क्यू करने की बात सुनकर, मुझे हिमालायों में जाने की इच्छा बढ़ गई है! 🏔️

मैंने अपने दोस्त के घर में एक छोटा सा बर्फबारी पैन बनाया था, वह तो अब जरूर इस्तेमाल करूँगा। और अगर लाहौल स्पीति जैसे ऊंचे क्षेत्रों में जाना है, तो हमें अपने आप को तैयार करना होगा! पेड़ों पर बर्फ लगने से उनकी सजावट अच्छी निकलेगी। यही नहीं, मेरी माँ की दुकान में अब बर्फबारी का स्वाद आने वाला है! 🍦
 
अरे दोस्त, यह बर्फबारी तो कितनी अच्छी लग रही है? 🌨️ 23 जनवरी को टूटेगा ड्राइ-स्पेल, लाहौल स्पीति और चंबा की पहाड़ियों पर ताजा हिमपात दर्ज किया गया। शिंकुला दर्रा में भी 4 इंच तक ताजा बर्फ गिरी। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है और वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर रहेगा।

मैंने देखा है कि शिमला में भी हल्के बादल छाए हुए हैं। वहीं, टूरिस्ट भी बर्फबारी के इंतजार में टकटकी लगाए बैठे हैं। यह तो बहुत सुनहरा मौका है! 🌞 आउटडोर पर जाने के लिए अच्छा समय है।

नजदीकी हवाईअड्डे से आये टूरिस्टों को भी बर्फबारी के इंतजार में रहते देखने को मिल रहा है। तापमान में भी बड़ा उछाल आया है और पुलिस ने रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित पहुँचाया है।

शायद 17 से 21 जनवरी तक वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर रहेगा, तो यह तो अच्छा समय है आउटडोर पर जाने का। मैं भी तैयार हूँ, तुम्हारे साथ! 😄
 
क्या बात हुई? ये देखकर हैरान था कि शिंकुला दर्रा में इतना बर्फबारी हुआ! 4 इंच तक ताजी बर्फ, यह सोचता है कि पूरा पहाड़ ढक जाएगा। लेकिन फिर भी टूरिस्टों को सुरक्षित वापसी पर भरोसा करने के लिए क्या किया जा सकता है? मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है, लेकिन लगता है कि शायद जरूरी नहीं था। क्या हमें प्राकृतिक सुंदरता को इतने खतरे में डालने देना चाहिए? 🤔
 
वाह, यह तो बहुत बड़ी बर्फबारी हुई है ना? मैंने पढ़ा है कि शिंकुला दर्रा में 4 इंच तक ताजा बर्फ गिरी, यह तो बहुत बड़ी बात है। मुझे लगता है कि इस तरह की बर्फबारी से हमारे पहाड़ों की सुंदरता और शांति बढ़ जाएगी। लेकिन फिर भी हमें अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखना होगा, खासकर जब बारिश-बर्फबारी का अलर्ट होता है। मैं उम्मीद करता हूं कि सभी टूरिस्ट सुरक्षित और स्वस्थ रहेंगे।
 
नज़र आया कि इस साल फिर से बर्फबारी हुई है और निकलने वाली यात्राओं में ज्यादा बाधा आ गई है... लेकिन फिर भी हमारे पास ऐसी जगहें हैं जहां हम आराम से टूरिस्ट की देखभाल कर सकते हैं और उनको अच्छी अनुभव दे सकते हैं।

जैसे कि शिंकुला दर्रा, वहाँ पर बर्फबारी तो बहुत हुई है लेकिन वहाँ तक जाने वाले टूरिस्ट को सुरक्षित रूप से पहुँचाया गया है। अब हमें सिर्फ उनकी देखभाल करनी होगी। और शिमला में भी ताजा हिमपात होने की बात याद आई है, फिर वाह! 😊

यदि हम अच्छी तरह से योजना बनाकर और टूरिस्ट की देखभाल करके इस तरह की स्थितियों में निपटने का प्रयास करें, तो यह सब बुरा नहीं होगा। बस सही रणनीति से हम इन चुनौतियों को पार कर सकते हैं और सभी को अच्छा अनुभव दे सकते हैं। 🙏
 
शिंकुला दर्रा में टूरिस्ट की जिंदगी बहुत बड़ी खतरनाक हो गई है 🤯। ये लोग तो बस इतने से 4 इंच तक बर्फ गिरने के बाद भी तैयार नहीं हुए कि वे अपना जीवन बचाने के लिए क्या करेंगे। और फिर police ne unhein rescue kiyaa hai, yeh to bhi ek janta kaam hai 🙏। मैं तो सोचता tha ki ये टूरिस्ट तो अपने परिवारों ko बेइनाम भेज देंगे। लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि उनकी मातृभूमि हिमाचल की खूबसूरती ने उन्हें ऐसा ही आकर्षित किया।

अब तो शिंकुला दर्रा में तो बर्फबारी और भी ज्यादा होगी, aur fir police ne kya kahiya? 😊
 
वाह... यार, यह तो बर्फबारी का मौसम आ गया है... लाहौल स्पीति और चंबा जैसे ऊंचे क्षेत्रों में ताजा हिमपात निकलना भी अच्छा है, लेकिन शिंकुला दर्रा में 12 टूरिस्ट व्हीकल फंस गए, तो यह जरूर चिंताजनक है... पुलिस ने बहुत ही जल्दी रेस्क्यू किया, भले ही तापमान में बड़ा उछाल आया हो।
 
रास्ते खत्म होने पर फिर से शिमला जाने का दिन अच्छा नहीं लगता। यह बर्फबारी आ रही है, तो पहले ट्रेवल प्लेन भी टूट जाएंगे। और फिर मौसम बदलने पर रेस्क्यू करने का काम बाकी किसी का भी।

कितने लोग शिंकुला दर्रा में फंस गए। 12 व्हीकल तो चले गए, लेकिन और 25 से ज्यादा लोग रेस्क्यू हुए। यह तो बहुत बड़ा प्रबंधन खेल है।
 
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