बेंगलुरु की एक नवविवाहित जोड़ी गणवी और सूरज शिवन्ना की कहानी न केवल देश को हिलाती है, बल्कि यह हमारे समाज की गहराई में खूनी घाव भी उखड़ती है। अरेंज्ड मैरिज के महज दो महीने बाद ही हनीमून ट्रिप पर उनकी पुरानी दोस्ती का राज खुला, जिससे विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों की जान चली गई।
गणवी ने आत्महत्या की, जबकि सूरज ने 1000 किलोमीटर दूर नागपुर में एक होटल में फांसी लगाकर अपनी जिंदगी समाप्त कर ली। सूरज की माँ भी आत्महत्या की कोशिश की, लेकिन वे इस दुनिया से बच गईं। यह घटना न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे समाज को हिलाती है।
क्या हमारी समाज में यहां तक की शादी की तैयारी भी ऐसी हुई थी, जिससे दोनों की जिंदगी इस प्रकार खाली हो गई? क्या हमारी दुनिया में अभी भी इतने व्यक्ति हैं जिनकी जिंदगी एक शादी से और अधिक खतरनाक हो सकती है? यह सवाल हमें आज भी सोचने पर मजबूर करता है।
बेंगलुरु की इस दास्तां ने हमें यह याद दिलाया है कि जिंदगी में हर पल खुशियों और दर्दों का संगम होता है। हमें अपने परिवार, अपने विश्वासों और अपनी जिम्मेदारियाओं को कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
गणवी ने आत्महत्या की, जबकि सूरज ने 1000 किलोमीटर दूर नागपुर में एक होटल में फांसी लगाकर अपनी जिंदगी समाप्त कर ली। सूरज की माँ भी आत्महत्या की कोशिश की, लेकिन वे इस दुनिया से बच गईं। यह घटना न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे समाज को हिलाती है।
क्या हमारी समाज में यहां तक की शादी की तैयारी भी ऐसी हुई थी, जिससे दोनों की जिंदगी इस प्रकार खाली हो गई? क्या हमारी दुनिया में अभी भी इतने व्यक्ति हैं जिनकी जिंदगी एक शादी से और अधिक खतरनाक हो सकती है? यह सवाल हमें आज भी सोचने पर मजबूर करता है।
बेंगलुरु की इस दास्तां ने हमें यह याद दिलाया है कि जिंदगी में हर पल खुशियों और दर्दों का संगम होता है। हमें अपने परिवार, अपने विश्वासों और अपनी जिम्मेदारियाओं को कभी नहीं छोड़ना चाहिए।