अजनाला में 282 शहीदों के कंकाल, जिन्हें अंग्रेजों ने जिंदा दफनाया था, उनकी पहचान हो गई है। ये शहीद 1857 के विद्रोह के बाद सैनिक थे। इनमें से अधिकांश उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे, जबकि एक से तीन परिवार तमिलनाडु में रहते हैं।
जांच से पता चला है कि ये शहीदों को अंग्रेज अधिकारी कूपर ने जिंदा दफनाया था। इसके बाद उन्हें एक लोहे के बक्से में रखकर छोड़ दिया गया था, जिसमें उनके अवशेष सुरक्षित रहे।
यह बताते हुए प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने कहा, ‘पहली बार यह पता चला कि अजनाला में 1857 में अंग्रेजों को खत्म करने वाले शहीदों के अवशेष हैं, हमारे पास एक ईमेल आ गया। इस ईमेल में लिखा था कि आपका परिवार भी ब्रिटिश आर्मी में था। आपके दादाजी ने 1857 के विद्रोह में भाग लिया था।’
जांच से पता चला है कि ये शहीदों को अंग्रेज अधिकारी कूपर ने जिंदा दफनाया था। इसके बाद उन्हें एक लोहे के बक्से में रखकर छोड़ दिया गया था, जिसमें उनके अवशेष सुरक्षित रहे।
यह बताते हुए प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने कहा, ‘पहली बार यह पता चला कि अजनाला में 1857 में अंग्रेजों को खत्म करने वाले शहीदों के अवशेष हैं, हमारे पास एक ईमेल आ गया। इस ईमेल में लिखा था कि आपका परिवार भी ब्रिटिश आर्मी में था। आपके दादाजी ने 1857 के विद्रोह में भाग लिया था।’