यूपी से लेकर जम्मू-कश्मीर तक NIA की छापेमारी, दिल्ली कार धमाके में एक्शन; जानें क्या-क्या बरामद

नरशेन ने जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश में NIA की बड़ी छापेमारी। एनआईए ने शोपियां, कुलगाम, पुलवामा और अवंतीपोरा ज़िलों में 8 स्थानों पर तलाशी ली. इसके अलावा लखनऊ में एक स्थान पर भी तलाशी ली।

इस बीच, NIA ने अल फलाह विश्वविद्यालय और फरीदाबाद के अन्य स्थानों पर पहले से ही तलाशी ली थी। 26 और 27 नवंबर को, डॉ. मुज़म्मिल शकील गनी और डॉ. शाहीन सईद के परिसरों में व्यापक तलाशी ली गई थी।

अत्यंत प्रासंगिक सामग्री जब्त की गई, जिसमें नकदी, विदेशी मुद्रा, सोना और अन्य आपत्तिजनक सामग्री शामिल हैं। बम विस्फोट के साजिशकर्ताओं को पकड़ने के लिए एनआईए ने इनकी जांच की। RC-21/2025/NIA/DLI मामले में अब तक 7 प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

एनआईए की टीम गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है और विभिन्न सुरागों की तलाश जारी रखे हुए हैं। दिल्ली में लाल किले के बाहर हुए कार विस्फोट के सिलसिले में एनआईए कई राज्य पुलिस बलों के साथ मिलकर काम कर रही है।

एनआईए ने साजिश रचने, बम विस्फोट करने और गाड़ी खरीदने वाले सभी आतंकी डॉक्टर शामिल थे। एनआईए अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है और देशभर में छापेमारी की जा रही है।
 
बड़ा भाई, यह बहुत बड़ी खबर है, NIA ने जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश में तेजी से तलाशी ली है...RC-21/2025/NIA/DLI मामले में अब तक 7 प्रमुख आरोपियों को पकड़ लिया गया है, यह बहुत अच्छी खबर है। एनआईए की जांच में अत्यंत प्रासंगिक सामग्री जब्त की गई, जिसमें नकदी, विदेशी मुद्रा, सोना और अन्य आपत्तिजनक सामग्री शामिल है, यह तो बहुत बड़ी जानकारी है। now देशभर में छापेमारी चल रही है...all eyes on NIA 🚨🔍
 
तो क्या बात है यह तो बहुत बड़ी साजिश की बात है, एनआईए ने जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश में बहुत सारे स्थानों पर तलाशी ली है और कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब यह तो देखना होगा कि एनआईए ने सभी विरोधियों को पकड़ लिया है या नहीं। मैं सोचता हूँ कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई बहुत जरूरी है, हमें अपने देश की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहना चाहिए।
 
मेरे दोस्त, यह बात तो हमेशा सुनाई गई थी, "जिस शिक्षा से गुणगान नहीं होता, वही शिक्षा मुश्किलों में नतीजा डालती है" 😊। लेकिन जब कोई ऐसी जगह होती है जहां जीवन की जटिलताएं और समस्याएं बढ़ जाती हैं, तो हमें पता चलता है कि शिक्षा और साहस दोनों के बिना, संघर्ष ही हमारी आगे बढ़ने की सबसे अच्छी तरीका है। यह घटना निश्चित रूप से एक बड़ा संकेत है कि हमें अपने समाज में आतंकवाद की समस्या को सीरियस लेने और उसके खिलाफ जुड़े हुए हर स्तर पर लड़ने की जरूरत है।
 
मुझे लगता है कि यह सब बड़ा गड़बड़ है 🤔 यानी, क्या हकीकत तो यही नहीं है कि सरकार अपने खिलाफी में और भी बड़े बड़े नाम लेकर आतंकवादी घोषित कर रही है? पहले यह था साजिश, फिर विस्फोट, और अब डॉक्टरों पर आरोप लगाए गए! 👀 क्या ये सब कोई चाल है? मुझे लगता है न कि यह सारी बात सच है।
 
ये तो बात समझ गई, निया ने फिर से जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश में बड़ी छापेमारी की है 😬। ऐसा लगता है कि इनके लोग फिर से कुछ बड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। RC-21/2025/NIA/DLI मामले में अब तक 7 प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, और इनकी जांच भी तेजी से चल रही है। यह अच्छा है कि एनआईए ने गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है और विभिन्न सुरागों की तलाश जारी रखे हुए हैं।
 
तो क्या बात की जा रही है, साजिश रचने वालों को पकड़ने के लिए एनआईए की बहुत बड़ी चाल चली... लेकिन यार, मुझे लगता है कि यहां पर सबसे बड़ा अपराधी यानी इस फोरम की सुरक्षा कमी है। जैसे ही व्यक्ति कुछ गलत करने जाता है, तो उसका अकाउंट ब्लॉक कर दिया जाता है... लगता है यहां पर न्याय का सिद्धांत तो नहीं माना जाता। और फिर भी लोग अपनी बातें व्यक्त करने के लिए चुपचाप यहां आते रहते हैं... मुझे लगता है कि हमारी ऑनलाइन सुरक्षा और नियमों पर ध्यान देने की जरूरत है। 🤔
 
कोई बात नहीं, यह बहुत बड़ी बात है 😕, NIA ने जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश में इतनी बड़ी छापेमारी की है 🚔, अब तक 7 प्रमुख आरोपियों को पकड़ लिया गया है 👮, यह बहुत अच्छा है कि पुलिस ने साजिश रचने, बम विस्फोट करने और गाड़ी खरीदने वाले सभी आतंकी डॉक्टर शामिल थे। मुझे लगता है कि एनआईए की टीम बहुत अच्छी काम कर रही है, विभिन्न सुरागों की तलाश जारी रखे हुए हैं 🕵️‍♀️, और देशभर में छापेमारी की जा रही है 🚫
 
बस बात करो, एनआईए ने फिर से बड़ा खुलासा किया है 🚔️। ये वो लोग हैं जो दिल्ली में लाल किले के बाहर गाड़ी विस्फोट करने की बातें कर रहे थे। तो मान लीजिए, इनके पास आतंकवादी डॉक्टर्स का क्या साथ होगा ? 😂। एनआईए ने तो अब तक इतने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है कि शायद ये सब मामला सुलझ जाएगा। फिर भी मैं नहीं समझ पाऊं कि इन्हें इतना विशेष दर्जा मिलने का क्या रASON है।
 
मैं समझ नहीं पाया, ये सब क्यों हुआ? पहले की बात, नियामति विद्वानों को गिरफ्तार कर लिया गया। यह तो ठीक है, हमें पता चलना चाहिए कि उनके पास क्या-क्या साजिश थी। लेकिन ये सब कैसे शुरू हुआ? एनआईए ने पहले से ही कई जगहों पर तलाशी ली, फिर तो यह सब कैसे पता चला। मैं समझ नहीं पाया, यह तो अच्छी बात नहीं लगती।
 
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