उत्तर प्रदेश में सरकारी योजनाओं के पालन में उलझने का एक नया रूप सामने आया है. पीएम सूर्यघर योजना के तहत, प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को अपने घरों पर सोलर पैनल लगवाने का आदेश दिया गया है, जिससे उनकी सरकारी वेतन रोक सकते हैं अगर ये आदेश निभाए नहीं मिलते.
इस बीच, उत्तर प्रदेश के जनपद मऊ में शिक्षकों को सोलर पैनल लगवाने का आदेश मिल गया है, जिसकी वजह से इन्हें सरकारी योजनाओं के पालन में उलझने का डर बढ़ गया है.
शिक्षा विभाग ने कहा है कि पीएम सूर्यघर योजना के तहत, प्रत्येक अध्यापक को अपने घर पर सोलर पैनल लगवाना होगा, और अगर यह आदेश नहीं मिलता तो उनकी सरकारी वेतन रोक दी जाएगी.
इस आदेश ने शिक्षक समुदाय को बहुत चिंतित कर दिया है, क्योंकि कई लोग इसे अनावश्यक प्रशासनिक दबाव बता रहे हैं और कुछ लोग यह सोच रहे हैं कि यह सरकारी योजना को जमीन पर उतारने की कोशिश है.
इस बीच, मऊ में शिक्षा विभाग ने यह भी कहा है कि खण्ड शिक्षा अधिकारियों से व्यक्तिगत संपर्क करने का आदेश दिया गया है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों से सोलर पैनल लगवाने का प्रमाण पत्र ल सकें.
इस आदेश ने शिक्षक समुदाय को बहुत चिंतित कर दिया है, और कई लोग इसे अनावश्यक बता रहे हैं कि यह प्रशासनिक दबाव है जो शिक्षा विभाग से मिला है.
इस बीच, उत्तर प्रदेश के जनपद मऊ में शिक्षकों को सोलर पैनल लगवाने का आदेश मिल गया है, जिसकी वजह से इन्हें सरकारी योजनाओं के पालन में उलझने का डर बढ़ गया है.
शिक्षा विभाग ने कहा है कि पीएम सूर्यघर योजना के तहत, प्रत्येक अध्यापक को अपने घर पर सोलर पैनल लगवाना होगा, और अगर यह आदेश नहीं मिलता तो उनकी सरकारी वेतन रोक दी जाएगी.
इस आदेश ने शिक्षक समुदाय को बहुत चिंतित कर दिया है, क्योंकि कई लोग इसे अनावश्यक प्रशासनिक दबाव बता रहे हैं और कुछ लोग यह सोच रहे हैं कि यह सरकारी योजना को जमीन पर उतारने की कोशिश है.
इस बीच, मऊ में शिक्षा विभाग ने यह भी कहा है कि खण्ड शिक्षा अधिकारियों से व्यक्तिगत संपर्क करने का आदेश दिया गया है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों से सोलर पैनल लगवाने का प्रमाण पत्र ल सकें.
इस आदेश ने शिक्षक समुदाय को बहुत चिंतित कर दिया है, और कई लोग इसे अनावश्यक बता रहे हैं कि यह प्रशासनिक दबाव है जो शिक्षा विभाग से मिला है.