यूपी: शिक्षकों को सोलर पैनल लगाने का आदेश! PM सूर्यघर योजना के नाम पर वेतन रोकने की चेतावनी

उत्तर प्रदेश में सरकारी योजनाओं के पालन में उलझने का एक नया रूप सामने आया है. पीएम सूर्यघर योजना के तहत, प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को अपने घरों पर सोलर पैनल लगवाने का आदेश दिया गया है, जिससे उनकी सरकारी वेतन रोक सकते हैं अगर ये आदेश निभाए नहीं मिलते.

इस बीच, उत्तर प्रदेश के जनपद मऊ में शिक्षकों को सोलर पैनल लगवाने का आदेश मिल गया है, जिसकी वजह से इन्हें सरकारी योजनाओं के पालन में उलझने का डर बढ़ गया है.

शिक्षा विभाग ने कहा है कि पीएम सूर्यघर योजना के तहत, प्रत्येक अध्यापक को अपने घर पर सोलर पैनल लगवाना होगा, और अगर यह आदेश नहीं मिलता तो उनकी सरकारी वेतन रोक दी जाएगी.

इस आदेश ने शिक्षक समुदाय को बहुत चिंतित कर दिया है, क्योंकि कई लोग इसे अनावश्यक प्रशासनिक दबाव बता रहे हैं और कुछ लोग यह सोच रहे हैं कि यह सरकारी योजना को जमीन पर उतारने की कोशिश है.

इस बीच, मऊ में शिक्षा विभाग ने यह भी कहा है कि खण्ड शिक्षा अधिकारियों से व्यक्तिगत संपर्क करने का आदेश दिया गया है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों से सोलर पैनल लगवाने का प्रमाण पत्र ल सकें.

इस आदेश ने शिक्षक समुदाय को बहुत चिंतित कर दिया है, और कई लोग इसे अनावश्यक बता रहे हैं कि यह प्रशासनिक दबाव है जो शिक्षा विभाग से मिला है.
 
😱🤦‍♂️🌞

[सूर्यघर योजना में शिक्षकों को सोलर पैनल लगाने की बात करते हुए, एक शिक्षक अपने घर पर झूठी बात बता रहा है कि उसके घर की दीवारें तेजी से आग ले रही हैं 😂]

[शिक्षा विभाग से पूछे जाने पर कि क्यों शिक्षकों को सोलर पैनल लगवाना पड़ रहा है, तो एक अधिकारी बिना चिंता के कहता है "क्या नहीं? यह तो सरकारी वेतन रोकने का तरीका है! 😜"]

[मऊ में शिक्षकों से पूछे जाने पर कि वे सोलर पैनल लगवाएंगे या नहीं, तो एक शिक्षक कहता है "फिर देखो, हमारी सरकार से पहले कुछ लोग सोलर पैनल लगाकर रोक गए हैं! 😮"]

[शिक्षा विभाग से यह भी कहा गया है कि शिक्षकों को खण्ड शिक्षा अधिकारियों से संपर्क करना पड़ रहा है, तो एक शिक्षक कहता है "अरे, मैं तो बस अपने-अपने क्षेत्र में पढ़ाई कर रहा हूँ, तो क्या मुझे खाना पैसा चाहिए? 😃"]
 
अरे यार, तुमने सुना, पीएम सूर्यघर योजना ने शिक्षकों पर इतनी बुरी तरह से दबाव डाल दिया है कि अब वे अपने घरों में सोलर पैनल लगाने को तैयार नहीं हो रहे हैं... यह सोचकर मुझे बहुत गुस्सा आता है, और मुझे लगता है कि यह सरकारी योजना हमेशा से ही शिक्षकों पर झूठी दबाव डालने वाली थी...

क्यों? क्यों उन्हें अपने घरों में सोलर पैनल लगाने को कहा गया है? यह तो बहुत बड़ा उलझना है... और अगर वे इसे नहीं करते हैं तो उनकी सरकारी वेतन रोक दी जाएगी, यह तो बहुत ही बुरा है... मुझे लगता है कि शिक्षा विभाग ने इसे सोचकर नहीं बनाया था, बल्कि कुछ लोगों की खुशी के लिए बनाया गया है...

मऊ में भी ऐसा ही हुआ, और अब शिक्षक समुदाय बहुत चिंतित हो रहा है... यह तो बहुत बड़ा प्रशासनिक दबाव है, जिसने उनकी जिंदगी को खतरे में डाल दिया है... मुझे लगता है कि सरकार ने इसे सोचकर नहीं बनाया था, बल्कि लोगों की बुराई करने वाली राजनीति को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है...
 
मुझे लगता है की यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है, शिक्षकों पर इतना दबाव डालना चाहिए कि उनकी सरकारी योजनाओं के पालन में उलझने का डर बढ़ जाए. मेरे दादाजी के जमाने में भी ऐसा नहीं था, शिक्षकों को खुलकर सोलर पैनल लगवाने का अवसर मिला होता। यह सरकार की योजनाओं के लिए एक बहुत बड़ा झुकाव है, और शिक्षा विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शिक्षकों की जरूरतें समझी जाएं।
 
सोलर पैनल लगवाने की बात तो अच्छी है, लेकिन सरकारी योजनाओं में उलझने का डर बढ़ गया है 🤔. शिक्षकों को अपने घर पर सोलर पैनल लगवाने का आदेश देना तो ठीक है, लेकिन इसके लिए व्यवस्था करनी चाहिए जैसे कि उनके घर में जगह मिलेगी और उनके पास पर्याप्त बिजली मिलेगी, नहीं तो यह अनावश्यक दबाव है ⚠️. शिक्षा विभाग से पूछना चाहिए कि इसके लिए कहाँ से धन खर्च किया जाएगा? और शिक्षकों की सरकारी वेतन पर रोक लगाना तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है 😔.
 
अरे ये तो बहुत बड़ा मुद्दा है ना? सरकारी योजनाओं में लोगों को ऐसे पैनल लगवाने के लिए मजबूर करना क्यों कर रही है? कौन सी बात है इतनी जिम्मेदार कि अगर हम इसे नहीं करते तो वेतन रोक दिया जाएगा? और फिर ये पैनल लगवाना एक मुश्किल काम है, खासकर जब आप छोटे शहर में रहते हैं और अपने घर पर सोलर पैनल लगवाने की सुविधा नहीं मिलती। लोगों को यह समझने की जरूरत है कि सरकारी योजनाएं भी उनके जीवन में सहायक होनी चाहिए न कि बर्दाश्त करनी चाहिए 🤔
 
अरे, यह तो बहुत ही अजीब है कि सरकार ने पीएम सूर्यघर योजना के तहत शिक्षकों को अपने घर पर सोलर पैनल लगवाने का आदेश दिया है. क्या वो लोग जानते हैं कि इतनी मुश्किल है? पहले कोई तय करें कि यह योजना कितनी फायदेमंद है, और फिर इसके बारे में इस तरह से आदेश देना? शिक्षकों को यह लगने लगा है कि सरकार को बस अपने लिए सोचकर ही काम कर रहा है.
 
पहले तो ये सोचते हैं कि सरकार सबकुछ अच्छी बात कर रही है, लेकिन जब कोई नौकरी की जान पड़ती है तो चिंता भरा ही माहौल होता है। इस पूरी बात को समझने से पहले यह सोच लेना चाहिए कि सरकार क्यों ऐसी गलती कर रही है, और शिक्षकों को भी यह सोचना चाहिए कि वे अपने अधिकार कैसे बचाएंगे।
 
[ GIF: एक शिक्षक नाक से खुजली लग रहा हुआ, और उसकी आँखें बड़ी हो गई हुईन ]

[ स्टिकमैन: पीएम सूर्यघर योजना, सरकारी योजनाओं के पालन में उलझने का एक नया रूप ]
 
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