1.25 करोड़ हिंदुओं ने लड़ना शुरू किया तो… मोहन भागवत का बांग्लादेश को कड़ा संदेश

बांग्लादेश में हिंदुओं की एकजुटता कितनी जरूरी है? आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इस बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमारे पास करीब साढ़े एक करोड़ हिंदू रहते हैं। अगर वे एकजुट हो जाएं तो वहां की राजनीतिक व्यवस्था उनके हित में काम करने के लिए मजबूर हो सकती है, लेकिन इसके लिए उनका एकजुट होना बेहद जरूरी है। अच्छी बात यह है कि इस बार उन्होंने संघर्ष नहीं छोड़ा, बल्कि वहां पर ही संघर्ष करेंगे। अगर वे संघर्ष करना चाहते हैं तो एकता सबसे जरूरी है। जितनी जल्दी वे एकजुट होंगे, उतना ही बेहतर होगा। बांग्लादेश में हिंदुओं की वर्तमान संख्या के साथ वे अपनी स्थिति में बड़ा सुधार ला सकते हैं।
 
मुझे लगता है की अगर हमारे हिंदू दोस्तों बांग्लादेश में इकट्ठा हो जाए तो वे अपनी समस्याओं को बहुत अच्छी तरह से समझ सकेंगे। लेकिन अगर वे अलग-अलग रहते हैं तो उनकी समस्या और भी ज्यादा बढ़ जाएगी। मुझे लगता है कि हमें उन्हें अपनी एकजुटता के बारे में सोचना चाहिए।
 
बिल्कुल बोले जाने वाले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की बात सुनकर मुझे एकदम उदासी छा गई 🤕। मैं तो समझता हूं कि कैसे एकजुटता हमेशा फायदेमंद रहती है, लेकिन अगर बांग्लादेश में हिंदुओं को अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए तो उनकी एकजुटता बहुत जरूरी हो सकती है। हमें चाहिए कि वे एक-एक करके अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाएं, और अगर उन्हें लगता है कि उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़े तो वे जरूर करें। हमें एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए, और मुझे लगता है कि अगर बांग्लादेश में हिंदुओं को अपने जीवन को सुधारने के लिए मौका मिल जाए तो उनकी एकजुटता जरूरी होगी।
 
भागवत जी का यह सोच काफी ही प्रेरक है! हिंदुओं को एकजुट होने से न केवल उनकी राजनीतिक व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि वहां के लिए भी बेहतर भविष्य की दिशा मिलेगी। लेकिन यह तो जरूरी नहीं कि एकजुट होकर उन्हें स्वाभाविक रूप से सुधार होगा। हमें देखना चाहिए कि वे अपनी एकता के पीछे किस प्रेरणा और संघर्ष को उठाने जा रहे हैं?
 
बात ये तो सचमुच बहुत जरूरी है बांग्लादेश में हिंदुओं की एकजुटता, otherwise अगर वहां पर उनकी संख्या बढ़ने का मौका मिल जाए तो उनके लिए बड़ी संभावनाएँ होंगी, और अगर उन्होंने संघर्ष करने की जगह खुद को अलग कर दिया तो वहां पर बहुत बड़ा नुकसान होगा 🤔

आज तक हमारे देश में भी कई जगह ऐसे हैं जहाँ पर हिंदू और अन्य धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं, और अगर हम सभी एकत्र होकर काम करें तो सबकुछ आसान हो जाएगा

बांग्लादेश में कुल 16.5% हिंदुओं की संख्या है, और अगर वे सभी एकजुट हो जाएंगे तो उनके लिए बहुत बड़ा फायदा होगा, और राजनेताओं के लिए भी बहुत आसान होगा 📊

मेरी राय में बांग्लादेश में हिंदुओं की एकजुटता बहुत जरूरी है, अगर वे एक साथ खड़े होंगे तो उनके लिए बहुत बड़ा बदलाव हो सकता है
 
मुझे लगता है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जी ने बिल्कुल सही कहा 🤔। अगर हमारे हिंदू बहुल समाज में एकजुटता नहीं होती तो यहां पर बहुत सारे हमारे विरोधियों को आराम कराया जा सकता है। लेकिन अगर हम एकजुट होकर संघर्ष करते हैं तो हम अपने अधिकारों के लिए लड़ने में सफल हो सकते हैं। मुझे लगता है कि इस बात पर और भी जोर देना चाहिए कि अगर हम एकजुट नहीं होते तो यहां पर बहुत सारे हमारे प्रतिद्वंद्वियों को फायदा होगा। लेकिन मुझे लगता है कि हमें अपनी एकजुटता और संघर्ष की शिक्षा देने के लिए सरकार पर दबाव डालना चाहिए। अगर हम सब मिलकर एकजुटता की शिक्षा देते हैं तो यहां पर बहुत सारे हमारे प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाया जा सकता है।
 
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