उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित 9 राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) की 23 मौत हो गई है, जिसके पीछे उनकी खुद की शादी या नौकरी जैसे सामान्य कारण नहीं हैं, बल्कि उनकी जानबूझकर मौत हो रही है।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में ब्लो सुधीर कुमार कोरी की शादी होनी थी, लेकिन 2 दिन पहले उनके ERO (इलेक्शन रजिस्ट्रार ऑफिसर) घर आकर डांटने लगे। 24 नवंबर की शाम में सुधीर ने अपने कमरे में फांसी लगा ली।
इसी तरह, मध्य प्रदेश के रायसेन में ब्लो नारायण सोनी छह दिन से लापता हैं। परिजनों ने कहा, टारगेट, देर रात मीटिंग और निलंबन की चेतावनी से वो परेशान थे।
राजस्थान के जयपुर में 48 साल के ब्लो मुकेश जांगिड़ ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। मुकेश सरकारी टीचर थे।
यूपी के नोएडा में SIR ड्यूटी से तंग महिला टीचर ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे में लिखा- मैंने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के 215 फॉर्म फीड कर दिए हैं। अब मुझसे BLO का काम नहीं होगा, न ही पढ़ा पाऊंगी।
ब्लो ड्यूटी पर लगे सरकारी कर्मचारियों पर जबरदस्त वर्कलोड की शिकायतें हर राज्य से आ रही हैं। ब्लो ड्यूटी पर लगने वाले कर्मचारियों को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में लागू किए जाने वाले 200 फॉर्म दैनिक रूप से भरना होता है, लेकिन कई ब्लो इस काम को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित 9 राज्यों में SIR की शुरुआत हुई है। इसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, गोवा, तमिलनाडु, केरल और गुजरात के साथ 3 केंद्र शासित प्रदेशों - निकोबार, लक्षदीप और पुडुचेरी में 4 नवंबर से प्रक्रिया शुरू हो गई।
सिर्फ 15 दिन में ब्लो ज्यादा समय तक काम नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा, कई लोगों को SIR के लिए फॉर्म भरना और स्कैन करना आसान नहीं है, खासकर उन्हें जो रात में काम करते हैं और 8 बजे तक घर नहीं जा सकते।
सिर्फ 10 किमी दूर ड्यूटी पर लगी BLOs से निकाले गए, ब्लो सुधीर कुमार कोरी की शादी होनी थी, लेकिन उनकी शादी होने के पहले 2 दिन उसका ERO घर आकर डांटने लगा।
उम्र 40 से अधिक ब्लो SIR का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाते। ब्लो नारायण सोनी छत्तीसगढ़ में लापता हैं। परिजनों ने कहा, टारगेट, देर रात मीटिंग और निलंबन की चेतावनी से वो परेशान थे।
सिर्फ 15 दिन में BLO ज्यादा समय तक काम नहीं कर सकते, इसके अलावा कई ब्लो SIR के लिए फॉर्म भरना और स्कैन करना आसान नहीं है। खासकर उन्हें जो रात में काम करते हैं और 8 बजे तक घर नहीं जा सकते।
ब्लो द्वारा भरे गए SIR फॉर्म में कई गलतियां होती रहतीं। इसलिए, ब्लो को फिर से F.R. (फॉर्म रिकॉल) करना पड़ता है। इससे उनकी काम करने की सुविधा कम हो जाती है और तनाव बढ़ जाता है।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में ब्लो सुधीर कुमार कोरी की शादी होनी थी, लेकिन 2 दिन पहले उनके ERO (इलेक्शन रजिस्ट्रार ऑफिसर) घर आकर डांटने लगे। 24 नवंबर की शाम में सुधीर ने अपने कमरे में फांसी लगा ली।
इसी तरह, मध्य प्रदेश के रायसेन में ब्लो नारायण सोनी छह दिन से लापता हैं। परिजनों ने कहा, टारगेट, देर रात मीटिंग और निलंबन की चेतावनी से वो परेशान थे।
राजस्थान के जयपुर में 48 साल के ब्लो मुकेश जांगिड़ ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। मुकेश सरकारी टीचर थे।
यूपी के नोएडा में SIR ड्यूटी से तंग महिला टीचर ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे में लिखा- मैंने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के 215 फॉर्म फीड कर दिए हैं। अब मुझसे BLO का काम नहीं होगा, न ही पढ़ा पाऊंगी।
ब्लो ड्यूटी पर लगे सरकारी कर्मचारियों पर जबरदस्त वर्कलोड की शिकायतें हर राज्य से आ रही हैं। ब्लो ड्यूटी पर लगने वाले कर्मचारियों को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में लागू किए जाने वाले 200 फॉर्म दैनिक रूप से भरना होता है, लेकिन कई ब्लो इस काम को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित 9 राज्यों में SIR की शुरुआत हुई है। इसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, गोवा, तमिलनाडु, केरल और गुजरात के साथ 3 केंद्र शासित प्रदेशों - निकोबार, लक्षदीप और पुडुचेरी में 4 नवंबर से प्रक्रिया शुरू हो गई।
सिर्फ 15 दिन में ब्लो ज्यादा समय तक काम नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा, कई लोगों को SIR के लिए फॉर्म भरना और स्कैन करना आसान नहीं है, खासकर उन्हें जो रात में काम करते हैं और 8 बजे तक घर नहीं जा सकते।
सिर्फ 10 किमी दूर ड्यूटी पर लगी BLOs से निकाले गए, ब्लो सुधीर कुमार कोरी की शादी होनी थी, लेकिन उनकी शादी होने के पहले 2 दिन उसका ERO घर आकर डांटने लगा।
उम्र 40 से अधिक ब्लो SIR का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाते। ब्लो नारायण सोनी छत्तीसगढ़ में लापता हैं। परिजनों ने कहा, टारगेट, देर रात मीटिंग और निलंबन की चेतावनी से वो परेशान थे।
सिर्फ 15 दिन में BLO ज्यादा समय तक काम नहीं कर सकते, इसके अलावा कई ब्लो SIR के लिए फॉर्म भरना और स्कैन करना आसान नहीं है। खासकर उन्हें जो रात में काम करते हैं और 8 बजे तक घर नहीं जा सकते।
ब्लो द्वारा भरे गए SIR फॉर्म में कई गलतियां होती रहतीं। इसलिए, ब्लो को फिर से F.R. (फॉर्म रिकॉल) करना पड़ता है। इससे उनकी काम करने की सुविधा कम हो जाती है और तनाव बढ़ जाता है।