11 बार विधायक-सांसद रहे आजम खान अब कैदी नंबर 425: 50 महीने जेल, 55 दिन बेल, फिर जेल; रामपुर के लोग बोले- योगी रहम करें

अजम खान को जेल जाने पर रामपुर के लोग बोले- योगी रहम करें

बीते 7 साल में आजम खान ने 50 महीने और 55 दिन जेल में काटे। 11 बार विधायक-सांसद रहे आजम खान अब कैदी नंबर 425 हैं। फिर भी रामपुर के लोग कहते हैं कि उन्हें योगी आदित्यनाथ को उनका ध्यान रखना चाहिए।

इस बीच फर्जी पैनकार्ड मामले में अब्दुल्ला, आजम खान के बेटे पर भी गंभीर सजा हुई है। अब बात सुरागों और सबूतों पर आ गई है।
 
योगी आदित्यनाथ को अजम खान की जेल जाने की बात में तो दिल दहल गया, लेकिन रामपुर के लोग यह कह रहे हैं कि योगी बहुत अच्छा नेता है... 🤔 मुझे लगने वाली बात है, क्योंकि योगी भी अजम खान की जेल जाने पर बोले होंगे... और आजम खान को जेल में छोड़ने के लिए पूरा रामपुर खड़ा हो सकता है... लेकिन मुझे लगता है कि योगी अपने निर्णय पर पहले सोचते हैं... और आजम खान भी जेल में बैठकर फिर से सोचते हैं कि क्या उन्होंने गलती की थी? 🤷‍♂️
 
अगर जेल से रिलीज़ हुए लोग अपने निर्वाचन क्षेत्र में नहीं आते, तो वो क्या कुछ कर रहे थे? आजम खान की जेल की बात है तो फिर भी उनके समर्थक रामपुर के लोग उन्हें ध्यान से देख रहे हैं। यह तो समझ में आता है, जब तक वो अपने निर्वाचन क्षेत्र की जिम्मेदारियों पर नहीं आये, तब तक उनके समर्थन में लोग उसके पक्ष में खड़े थे। अब कैदी बनकर भी वह वही स्थिति बना रहे हैं।
 
अरे, यह तो बहुत दुखद है कि अजम खान जेल जाएं। मैं समझ नहीं पाऊं, हमारे लोग ऐसा करेंगे? मुझे लगा की वह बहुत बुराई किया होगा, फिर भी लोग उन्हें योगी से छुटकारा देना चाहते हैं। यह तो ठीक नहीं है... *सोचते हुए*

मैंने पढ़ा था कि अजम खान जेल में कहाँ? वहाँ पर कितने दिन बिताएं? और अब्दुल्ला को इतनी सजा मिली है, यह तो बहुत बढ़ गई है... *चिंतित*
 
अजम खान को जेल जाने पर लोग कहते हैं कि योगी आदित्यनाथ को उनका ध्यान रखना चाहिए, यह तो बहुत दुखद है 🤕। मेरा कहना है कि जब तक अजम खान को न्याय मिल जाए, लोगों को उनके साथ खड़े रहने की जरूरत है। इससे उन्हें अच्छा महसूस होगा और हमारी समाज में एक नई दिशा ढूंढने की प्रक्रिया हो सकती है 🌈। लेकिन इस बीच, आजम खान पर दिए गए न्याय से भी हमें बहुत ज्यादा खुशी हुई है 🙏
 
अगर योगी जी सचमुच रामपुर के लोगों को ध्यान नहीं देते तो फिर चीजें कहाँ जा सकती हैं 🤔? पहले तो आजम खान जेल में थे, फिर उनके बेटे पर सजा हुई, और अब सुराग लगाए गए। यह सब क्यों नहीं दिखाई देता?

मुझे लगता है कि रामपुर की जनता को अपने नेताओं को सही से समझने की जरूरत है। अगर वे सचमुच उनके लिए लड़ने वाले हैं तो फिर चीजें अलग होंगी।

लेकिन सबसे ज्यादा मुझे लगता है कि हमारे देश की सड़कों पर चलने वाले प्लेटफॉर्म और उनकी नीतियां हमें देश की सच्चाई से दूर ले जा रही हैं। 🚗💨
 
अजम खान को जेल जाने की बात तो हमारे रामपुर के लोगो के मन में बहुत चल रही थी। लेकिन जब वो 7 साल पहले भी जेल गए थे, तो फिर उन्हे ध्यान नहीं मिला था। अब जब वह फिर से जेल में हैं और उनके बेटे पर सजा हुई है, तो मुझे लगता है कि योगी आदित्यनाथ साहब को अपने मनpasand व्यक्ति नहीं होना चाहिए। हमारे देश की सड़कों पर लूटपाट करने वाले किसी को भी सजा मिलनी चाहिए। फिर क्यों वह जेल से निकलते रहते?
 
जेल में रहने वाले लोगों को अपने जीवन में क्या बदलाव आ गया होगा... अजम खान जैसे लोग जो 50 महीने से जेल में बैठे हैं उनकी पत्नी दुल्हन और बच्चे अभी भी उसके साथ रहते हैं... यह तो बहुत ही दुखद स्थिति है और योगी आदित्यनाथ को भी इस पर विचार करना चाहिए...
 
अजम खान जेल गये तो लोग योगी आदित्यनाथ से राहत मांग रहे हैं। यह तो बहुत अजीब बात है, क्या हमारे देश के लोग अब जेल गई नेताओं को उनके अपराधों के लिए सजा नहीं देना चाहते।

अगर आजम खान की बेटी अब्दुल्ला को भी सजा मिली, तो यह तो एक अच्छा संदेश होगा। लेकिन अगर रामपुर के लोग अभी भी योगी आदित्यनाथ से मांग रहे हैं कि उन्हें ध्यान देना चाहिए, तो यह एक बड़ा जोखिम है कि हमारा देश औरतक गलत दिशा में चल गया।

मुझे लगता है कि इस देश की सबसे बड़ी समस्या है लोगों का ध्यान भटकना। पहले तो अजम खान, फिर अब्दुल्ला, और अब वो कौन होगा? हमें अपने नेताओं को उनके अपराधों के लिए सजा देनी चाहिए, न कि उन्हें ध्यान रखने की। **😒**
 
अजम खान जेल में बैठे हुए तो लोगों ने योगी आदित्यनाथ को ध्यान रखना कहा, यह अच्छा नहीं लग रहा। अगर सच्चाई कहें, तो अजम खान को उनके अपराधों के लिए सजा मिलनी चाहिए। लेकिन फिर भी, रामपुर के लोग अभी भी उन्हें अपना स्वागत करने वाले हैं! यह देखकर पागलपन हो गया है 🤯

क्यों ऐसा होता है? आजम खान के बेटे पर सजा हुई, और अब लोग जेल में बैठने वालों की तरह ही सोच रहे हैं। यह सिर्फ एक राजनीतिक मामला नहीं है, यह एक देश की हालत दर्शाता है जिसमें न्याय की चीजें हिलाने को तैयार होते हैं 🚨
 
अजम खान जेल जाने का यह दृश्य मुझे बहुत उदास कर देता है 🤕। मैं समझती हूँ कि लोगों ने उन्हें फिर से ध्यान आकर्षित करने की उम्मीद, लेकिन ये सब सही तरीके से नहीं चालू हो रहा है। आजम खान जेल में 7 साल तक रहने के बाद भी उन्हें अपनी गलतियों पर रुख देने की जरूरत है, न कि उनके विरोधियों की ओर झुकना। और अब उनके बेटे अब्दुल्ला को सजा मिलने से सबूतों की भूमिका समझ में नहीं आ रही है। यह हमारी समाज के लिए एक बड़ा चेतावनी है 🚨
 
अजम खान की जेल जाने की बात तो सुनकर मुझे थोड़ा अजीब लगा, लेकिन अगर वास्तव में उन्होंने ऐसा कुछ गलत किया है और सजा का मुंह खाया है, तो फिर भी मैं समझ नहीं पा रहा हूँ कि रामपुर के लोग इतने दिनों से उनकी बात मांग रहे थे। योगी आदित्यनाथ जी ने उन्हें ध्यान देने की कोशिश की है और आज भी ऐसा किया है। लेकिन अगर सजा न मिलने पर, तो समझ में नहीं आता। अब यह फर्जी पैनकार्ड मामले में उनके बेटे अब्दुल्ला की गिरफ्तारी तो जरूरी है, लेकिन अजम खान जेल में रहने के मायने क्या हैं? 🤔👮
 
आजम खान को जेल जाने पर लोगों की बात सुनकर मुझे लगता है कि रामपुर के लोग अपने विधायक को फिर से चुनने का निर्णय नहीं लेंगे। योगी आदित्यनाथ जी को यह गंभीरता से देखना जरूरी है। आजम खान के बेटे पर सजा मिलने से सबूतों और सुरागों की तरफ से कुछ पाया गया है, लेकिन रामपुर के लोगों को अपने विधायक को फिर से चुनने का निर्णय नहीं लेंगे।
 
क्या मजाक है! आजम खान जेल में हैं तो रामपुर के लोग योगी से माफी चाहते हैं... लेकिन फिर भी योगी बैठे रहते हैं और उनके पार्टी के लोग अजम खान के बेटे पर सजा दिला रहे हैं। यह तो बहुत शरारती है! मुझे लगता है कि सच्चाई तो हमेशा पहले से चली जाती है, और लोगों की बुद्धिमत्ता भी पहले से ही कम हो गई है।
 
जेल में 50 महीने और 55 दिन बिताने के बाद भी आजम खान को उनके लोग अभी भी योगी आदित्यनाथ का ध्यान रखना चाहते हैं... यह तो बहुत ही अजीब है 🤔। मुझे लगता है कि लोग कुछ और सोच रहे होंगे, शायद उन्हें अपने विरोधी को भूलना ही चाहिए, परंतु याद रखना भी जरूरी है। आजम खान की मुश्किलें बीत गए 7 साल को देखते हुए और उनके परिवार को सहारा देने की जरूरत है, लेकिन फिर भी लोग उन्हें अपने पार्टी नेता के पास रखना चाहते हैं... यह तो एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है 😔
 
अजम खान जेल गया तो लोग फिर भी योगी सरकार को उनका ध्यान रखना चाहते हैं... मुझे लगता है कि अगर हमारे देश की सड़कें और भवन बनाने के लिए इतना पैसा बर्बाद कर रहे हैं, तो फिर क्यों हम अपने लोगों को जेल में बैठाया जा रहा है? 🤔

और अब अजम खान के बेटे पर सजा होने से पहले, यह देखकर अच्छी नहीं लग रहा है कि आगे बढ़े तो सबकी जिंदगी में क्या बदलाव आ सकता है। लोगों को अपने विपक्षियों को समझने और उनके साथ बातचीत करने की बात क्यों नहीं करते? यह भी एक अच्छी बात होगी अगर हमारे नेताओं में से कुछ लोग ऐसा होते। 🙏
 
अजम खान को जेल जाने की बात तो चली है, लेकिन रामपुर के लोग क्या कर सकते हैं? वह योगी आदित्यनाथ से नाराज़ हैं, लेकिन उनकी जिंदगी में कुछ नहीं बदलेगा। आजम खान को जेल में काटने की बात तो हुई थी, लेकिन फिर भी वे राजनीति में रहते रहे। अब उन्हें ध्यान रखना चाहिए या नहीं, यह सवाल हमेशा से रहेगा। लेकिन जिंदगी में ऐसी बातों को समझना आसान नहीं होता... 🤔
 
अजम खान जेल में फिर से आया तो रामपुर के लोग उसकी खुशी मना रहे हैं... ना देखा कि वह 50 महीने के भाई विधायक-सांसद रहकर क्या सब कुछ सही से कर पाया? 🤷‍♂️

कैदी नंबर 425 तो अच्छा ही था, अगर वह कभी अपने बेटे पर रिश्वत लेने का मामला नहीं चुकाता, फिर क्यों ना खुद जेल से निकल जाए? 🤔 और अब जब उसके बेटे पर सजा हुई, तो यही सवाल उठता है... कि आजम खान की पोतियों को कौन देख रहा है?
 
अजम खान जैसे लोगों को वास्तव में जेल में छोड़ देना चाहिए, नहीं तो उन्हें अपने गलत कार्यों की सजा मिलनी चाहिए। लेकिन योगी आदित्यनाथ जी ने उनको फिर से बचाने वाले हुए देखे हैं और इसके पीछे कुछ गहराई हो सकती है जिसे हम समझ नहीं पा रहे हैं। मुझे लगता है कि आजम खान जैसे लोगों को अपने गलत कार्यों के लिए सच्ची सजा मिलनी चाहिए, न कि फिर से बचाने के लिए। 🤔
 
जेल में काटने वाले लोगों को याद करते समय तो मैं सोचता हूँ, जब पहली बार आजम खान ने रामपुर के लोगों को ध्यान दिलाया था, उनके जेल जाने पर लोगों ने उनकी जगह कोई और काटना चाहिए था। आज भी ऐसा ही लगता है, जब योगी आदित्यनाथ सरकार की सीटों पर बैठते हैं, तो उन्हें अपने सुरक्षाकर्मियों और पुलिसवालों से नहीं, लोगों से बात करनी चाहिए। जेल में काटने वाला यही सबका खेल है, लेकिन अभी भी जब योगी आदित्यनाथ सरकार को दोषी ठहराया जाए, तो लोगों को फिर से याद रखना चाहिए कि यह सरकार कैसे बनी, और इस सरकार में कौन-कौन थे।
 
Back
Top