11 बार विधायक-सांसद रहे आजम खान अब कैदी नंबर 425: 50 महीने जेल, 55 दिन बेल, फिर जेल; रामपुर के लोग बोले- योगी रहम करें

आजम खान नंबर 425, 50 महीने जेल में रहे, रामपुर के लोग कहते हैं योगी आदित्यनाथ पर रहम करना चाहिए।

1980 में पहली बार विधायक बनने के बाद आजम खान रामपुर की राजनीति में सबसे बड़े किरदार बने रहे। यहां के लोग अब कहते हैं कि आजम और जेल इर्द-गिर्द रहते हैं।

आजम पर फर्जी डॉक्यूमेंट देने, जमीन कब्जाने और हेट स्पीच के 104 केस दर्ज हुए, इनमें 11 में फैसला आ चुका है। 6 मामलों में सजा हुई, 5 में बरी हो गए।

2017 में अखिलेश सरकार में नगर विकास मंत्री रहते हुए आजम ने रसूख के दम पर लखनऊ नगर निगम से बेटे का फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट बनवाया। उसी के आधार पर फर्जी पैन कार्ड बनवाकर अब्दुल्ला को चुनाव लड़वाया।

कोर्ट में पेश सबूतों के मुताबिक, अब्दुल्ला आजम ने दो अलग-अलग जन्म तिथियों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए। एक पैन कार्ड में डेट ऑफ बर्थ 1 जनवरी 1993 थी, जबकि दूसरे में 30 सितंबर 1990 दर्ज कराई गई।

कोर्ट ने आजम और अब्दुल्ला को धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराओं में दोषी माना। 7 साल की सजा और 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।

आखिर ये सवाल उठता है कि इस तरह की सजा के बाद आजम खान का पॉलिटिक्ल करियर खतरे में है।
 
बेटा, यह तो सच में अजीब सी गड़बड़ी है 🤔। आजम खान जेल में रहकर भी रामपुर के लोगों का दिल पकड़े रहते हैं, और उनके समर्थन के लिए वोट देने को तैयार रहते हैं। यह एक बड़ी समस्या है, चाहे वह कोई भी नेता हो।

एक साल 50 महीने जेल में रहने पर भी उनकी लोकप्रियता बरकरार है। यहां तक कि उनकी सजा के बाद भी उनके समर्थकों ने दोहरा वोट कर दिया। इसे तो एक बड़ा सवाल उठाता है कि हमारी राजनीति में क्या महत्वपूर्ण है, वही हमें आजम खान जैसे नेताओं से नहीं दूर रखना चाहिए।

कुल मिलाकर, यह एक बड़ा सवाल है कि हम अपने नेताओं को ऐसे पाते हैं जिनसे जेल की दीवारें तोड़ सकते हैं।
 
अरे दोस्तों 👥, आजम खान को 50 महीने जेल में रहने के बाद भी लोग रामपुर में उसके बारे में बात नहीं करते हैं? क्या लोग सच्चाई को नहीं समझ पाएं? अगर आजम पर साजिश हुई है तो वह सजा देने वाला न्यायपालिका ठीक काम कर रही है। लेकिन अगर सच्चाई बाहर आती है तो उसे भी देखना होगा।
 
अरे दोस्त, तो आइए समझने की कोशिश करें... 😊 50 महीने जेल में रहने वाले आजम खान की कहानी सचमुच बहुत रोचक है... 104 केस दर्ज हुए और इसमें सजा भी मिल गई, लेकिन यह तो हमारे देश की सच्चाई नहीं दिखाता...

📈 आइए देखें, आजम खान के पॉलिटिक्ल करियर में 50% से ज्यादा समय बिताया है जेल में... 🚔 2017 में 50 हजार रुपये की सजा और 7 साल की जेल का अनुभव करने वाले आजम खान अभ भी रामपुर की राजनीति में सबसे बड़े किरदार बने हुए हैं...

🤔 तो यह सवाल उठता है कि क्या हमारे देश की न्याय प्रणाली इतनी असमानता को सहन करेगी? 🌪️ आजम खान की कहानी से हमें बात करने का मौका मिलता है... 📊 आइए इस कहानी को समझने और अपने विचारों को साझा करने की कोशिश करें...
 
आजम खान पर सजा देने की नींद से पहले हमें सोचना चाहिए कि ये सजा उनके खिलाफ है या रामपुर के लोगों के लिए। 50 महीने जेल में रहने के बाद, आजम खान अभी भी रामपुर की राजनीति में कितना प्रभाव डाल रहे हैं? आपने देखा होगा, जेल इर्द-गिर्द रहते हुए भी, वह अभी भी अपने समर्थकों से बातें करते रहते हैं और उनकी पक्षपाति रखते हैं। लेकिन क्या यह सही था? 🤔

आजम खान पर 104 केस दर्ज हुए, जिसमें 11 मामलों में फैसला आ चुका है। लेकिन देशभर में योगी आदित्यनाथ पर भी कई आरोप लगे हैं, और उन्हें सजा सुनाई गई। इसलिए, क्या हमारे देश में न्याय सुनाने वाले न्यायपालिका को अपनी भलाई पर ध्यान रखना चाहिए या हमें देशभर में न्याय और संतुलन बनाए रखने की जरूरत है? 🤝
 
अरे, ये तो बहुत दुखद न्याय हुआ। आजम खान 50 महीने जेल में रहे और अब भी उनके कई मामले चल रहे हैं। मुझे लगता है कि अगर उनके पार्टी के नेताओं ने उन्हें सही से बाहर नहीं किया, तो यह सजा उनके लिए बहुत मुश्किल हो सकती।

मैंने भी देखा है कि रामपुर के लोग अब कहते हैं कि योगी आदित्यनाथ पर रहम करना चाहिए। मुझे लगता है कि यह बात सही नहीं है, लेकिन ऐसा लगता है कि उनके खिलाफ जमीन कब्जाने और फर्जी डॉक्यूमेंट देने जैसी चीजों को छोड़कर उन्हें बरामदगी की सजा मिलनी चाहिए।
 
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