मुझे इस मामले को बहुत गंभीरता से लेना होगा। मैं तो सोचता हूँ कि मोजल्यू (Mozlum) नामक व्यक्ति की दशा कैसी रहेगी, जिन्हें उनके रिश्तेदारों और समुदाय से छोड़कर फाँसफें (Fake news) के बीच खो डाला गया। यह सच नहीं हो सकता, मेरे लिए। मैंने अपने चाचाजी को भी कभी कभार फँसवला हुआ न था।
दारबार (Darbar) में जाने से उनकी राजनीतिक पकड़ बढ़ गई। लगता है कि सबकुछ बहुत जल्दी से बदल गया। मैं चाहता हूँ कि उन्हें अपने रिश्तों और समुदाय से मिलवाने का मौका दिया जाए, ताकि वे सही रास्ते पर चल सकें।