मुझे लगता है कि यह खबर बिल्कुल सच नहीं हो सकती है। अगर दुनिया में हर कोई चेहरे पर खाली प्लॉट है, तो इसका मतलब यह होगा कि हमारा सामना करने वाला जीवन एक बड़ा खेल है और हमें अपने प्लॉट्स को खोजने की जरूरत है। लेकिन अगर ऐसा मानकर चलें, तो हमारा जीवन एक बड़ा रोमांस फिल्म बन जाएगी, जहां हर कोई अपने प्यार के प्लॉट को खोज रहा है।
लेकिन मुझे लगता है कि यह खबर एक विचार की तरह है, जो हमें सोचने पर मजबूर करती है। क्या हमारे चेहरे पर खाली प्लॉट्स हैं? क्या हम अपने जीवन के प्लॉट्स को खोजने की कोशिश कर रहे हैं? या हमें बस अपने सामने की दुनिया को देखने की जरूरत है और अपने प्लॉट्स को निकालने की जरूरत नहीं है?