अरे ये तो बहुत बड़ा खेल है! बजट में क्या बदलाव आ गया है, यह देखना अच्छा लग रहा है। लेकिन मैं सोचता हूँ कि यह कुछ भी नहीं करेगा। जैसा हुआ था वैसा ही होगा, राजकीय खेल है और सब समझेंगे।
मुस्लिम लीग ने अपने मुठभेड़ में बात की है, लेकिन इसका सारा मतलब नहीं चलेगा। अर्थव्यवस्था तो बहुत जटिल है, यह एक बड़ी चुनौती है। और बाजार का ध्यान रखना भी मुश्किल है।
मुझे लगता है कि यह बजट अधिकांश लोगों के लिए नहीं फायदेमंद हो पाएगा। रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ नहीं बदलेगा, बस नई-नई चीजें होने लगेंगी।