अरे दोस्त, यह जानकर मुझे बहुत खेद हुआ कि जो लोग स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें इन बगैरदिल्ली पुरस्कारों से सम्मानित करने का निर्णय क्यों लिया गया। ये सिर्फ एक खेल नहीं है, यह जीवन और मृत्यु की परीक्षा है। हमें इन पुरस्कारों को प्राप्त करने वालों की देखभाल करनी चाहिए, न कि उनकी उपलब्धियों का आदर करना।