मैंने देखा है कि लोगों ने पुलिस कमीश्नर की बातचीत से कुछ भी नहीं समझा। मेरा ख्याल है कि पुलिस तो वाकई जरूरी है, लेकिन पुलिस कर्मियों की जिंदगी कैसी होती है, यह सबकुछ नहीं कहा जा सकता। मैंने देखा है कि एक साधारण पुलिसकर्मी को अपनी जान निकलने की जरूरत पड़ी, तो वहां तो राजनीति चली गई। लेकिन पुलिस कर्मियों को खुश रखने की जरूरत है, यही सबका सीख है। मेरा दादाजी का एक मजाक है - पुलिसकर्मी ने उसकी पत्नी को फटकार लगाई, लेकिन फिर उसने उसे अपने घर जाने की अनुमति दी।