5 राज्य, 1 UT में SIR की समयसीमा बढ़ी: MP-छत्तीसगढ़ में 18, UP में 26 दिसंबर तक फॉर्म भर सकेंगे; पहले 11 दिसंबर लास्ट डेट थी

छत्तीसगढ़ में 18 दिसंबर तक, उत्तर प्रदेश में 26 दिसंबर तक मतदाता सूची भरने की समय सीमा बढ़ाई गई है। इससे पहले यह समय 11 दिसंबर तक था।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में, चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की समय सीमा बढ़ाई है। इस दौरान मतदाता सूची भरने की आखिरी तारीख 18 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। इससे पहले यह समय 11 दिसंबर तक था।

इसके अलावा, उत्तर प्रदेश में भी SIR की समय सीमा बढ़ाई गई है। यहां मतदाता सूची भरने की आखिरी तारीख 26 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। इससे पहले यह समय 11 दिसंबर तक था।

गुजरात और तमिलनाडु में, SIR की समय सीमा 14 दिसंबर तक बढ़ाई गई है, जबकि अंडमान-निकोबार में, यह समय 18 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है।

चुनाव आयोग ने बताया है कि इससे पहले SIR की समय सीमा 30 नवंबर तक थी, लेकिन अब इसे एक सप्ताह बढ़ा दिया गया है।

इस बीच, चुनाव आयोग ने कहा है कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने-हटाने का एन्यूमरेशन पीरियड (मतदाता जोड़ने-हटाने की अवधी) अब 11 दिसंबर तक चलेगा। इससे पहले यह समय 4 दिसंबर तक था।

इसके अलावा, आयोग ने कहा है कि गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में SIR की समय सीमा समाप्त हो गई है, जबकि ड्राफ्ट मतदाता सूची 16 दिसंबर तक प्रकाशित की जाएगी।
 
बिल्कुल सही! चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की समय सीमा बढ़ाई है, इससे पहले यह 11 दिसंबर तक था, अब यह 18 दिसंबर तक जा रही है 🕰️
 
बड़े भाई, यह बहुत अच्छी खबर है कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची भरने की समय सीमा बढ़ाई गई है। इससे पहले लोगों को बहुत परेशानी होती थी, लेकिन अब ये समय 26 दिसंबर तक है, जिससे कोई भी चिंतित नहीं होना चाहिए। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी SIR की समय सीमा बढ़ाई गई है और इसका फायदा लोगों को अच्छी तरह होगा।
 
क्या ये अच्छी न्यूज़ है! सिर्फ चुनाव में हारने वालों को तैयार करने की जरूरत नहीं, बल्कि सारे लोगों को मतदान करने की ज़रूरत है, और इससे पहले के समय में शायद कुछ गलत था 🤔. अब सभी राज्यों में SIR की समय सीमा बढ़ा दी गई, तो कोई भी मतदाता सूची भरने की आखिरी तारीख 18 दिसंबर तक है! और इससे पहले यह समय था कि कुछ लोगों ने अपना पता बदल लिया हो। अब सबको अपने रजिस्टर में रखना चाहिए। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में सिर्फ 11 दिसंबर तक मतदाता सूची भरने की समय सीमा है, और इस दौरान कोई भी मतदाता अपना नाम जोड़ने-हटाने की अनुमति नहीं लेगा।
 
🤣👀 वोट लिस्ट भरने में इतनी देर तो क्यों लग रही है? 🙄🕰️ चुनाव आयोग का मनोबल खराब हो रहा है... 😅
 
बोले लोगों के बीच सुनने में तो ये बहुत अच्छी खबर है... अब वोटर्स की जानकारी भरने का समय अच्छा से बढ़ गया है, इससे पहले 11 दिसंबर तक था, अब 18 दिसंबर तक। लेकिन अगर मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने की अवधि भी बढ़ा दी गई है तो फिर यह अच्छी नहीं है... क्योंकि इससे पहले 4 दिसंबर तक था, अब 11 दिसंबर तक चलेगी, लेकिन कुछ वोटर्स की जानकारी भरने में समस्या हो सकती है, इसलिए सावधानी बरतनी चाहिए... 😊
 
बोलते हुए भी, ये तो चुनाव आयोग की बात है... लेकिन सोचते हुए, मैंने सोचने लगा कि इससे पहले, वोटर सूची भरने की समय सीमा 30 नवंबर तक थी, और फिर बढ़ा दिया गया, तो यारें क्या करेंगे? यह तो लोगों को ध्यान देने का मौका नहीं मिल रहा।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश... यारें सिर्फ चुनाव आयोग पर भरोसा करते हैं, लेकिन चुनाव आयोग की खामियों को देखने का मौका नहीं मिल रहा।

क्या इससे पहले भी ऐसी खामियाँ आई थी, यारें तो नहीं पते।
 
Wow! 🤔 मतदाता सूची भरने में थोड़ा समय देने से तो अच्छा है ना? लेकिन 14 दिसंबर तक मतदाता सूची भरने की आखिरी तारीख बढ़ा दी गई है, तो यह एक अच्छी बात नहीं लग रही। 🤷‍♂️
 
मुझे लगता है कि चुनाव आयोग ने स्मार्ट वोटिंग सिस्टम लागू करने पर विचार कर रहा है, जिससे मतदाताओं को अपनी पसंद दर्ज करने में आसानी हो। इससे पहले, समय सीमा थोड़ी कम थी, अब यह बढ़ा दिया गया है। इसने न केवल चुनाव आयोग को लाभ पहुंचाया, बल्कि आम आदमी को भी मतदान करने में मदद मिलेगी।
 
बिल्कुल सही निकलने वाली यह फैसली 🤔, अब कुछ भी गलत नहीं होगा। इससे पहले तो समय सीमा बहुत कम थी, लेकिन अब यह बढ़ा दिया गया है, जिससे माता-पिता को अपने बच्चों के नाम जोड़ने-हटाने में एक सप्ताह का समय मिलेगा। इससे पहले तो बहुत से लोगों की प्राथमिकता भी थी, लेकिन अब उन्हें बिना परेशानियां के अपने बच्चों के नाम जोड़ने-हटाने का मौका मिलेगा। यह अच्छा फैसला है और चुनाव आयोग ने सिर्फ सही किया है। 👍
 
मतदाता सूची भरने की समय सीमा बढ़ाने में कुछ बातें थोड़ी अजीब लग रही हैं... एक ओर, यह अच्छा है कि अधिक समय दिया गया है, लेकिन दूसरी ओर, इससे पहले भी पर्याप्त समय मिल जाता था, तो फिर इतनी बढ़ावारी क्यों की गई?

इसके अलावा, कई राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की समय सीमा 14 दिसंबर तक है, जबकि अन्य राज्यों में यह समय 18 दिसंबर तक है, तो यह तो एक बात है कि सभी राज्यों में समान समय नहीं दिया गया है।

लेकिन फिर भी, चुनाव आयोग ने कहा है कि इससे पहले SIR की समय सीमा 30 नवंबर तक थी, लेकिन अब इसे एक सप्ताह बढ़ा दिया गया है, तो यह अच्छा है कि अधिक समय मिल जाए, लेकिन फिर भी कई सवाल उठते हैं...
 
😊👍 चुनाव आयोग ने अच्छी बात की है मतदाता सूची भरने का समय बढ़ाया गया है, इससे पहले यह थोड़ी जल्दी था, अब कम से कम 18 दिसंबर तक हो सकता है 🕰️👌। मुझे लगता है कि इससे मतदाताओं को और अधिक समय मिलेगा अपनी सूची भरने में 🤔
 
अरे भाई, यह तो बहुत अच्छी खबर है कि चुनाव आयोग ने SIR की समय सीमा बढ़ा दी है। इससे पहले हमें इसे 11 दिसंबर तक करना पड़ता, अब हमें थोड़ा और समय मिल गया है। मुझे लगता है कि इससे हम मतदाताओं को ध्यान नहीं सूंघ पाएंगे, परंतु यह अच्छा है कि हमें कम दबाव महसूस होगा।

मैंने देखा है कि गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में SIR की समय सीमा समाप्त हो गई है, और ड्राफ्ट मतदाता सूची 16 दिसंबर तक प्रकाशित की जाएगी। यह अच्छा है कि हमें अपने वोटों की बात करने में समय मिलेगा।

मुझे लगता है कि यह फैसला चुनाव आयोग की तरफ से बहुत अच्छा है, और इससे हमारे लिए अच्छा माहौल बनेगा।
 
मुझे लगता है कि ये बढ़ी हुई समय सीमा बहुत अच्छी बात है 🤩। इससे लोगों को अपने मतदान कार्य को और भी शांतिपूर्ण तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी। अब मतदाताओं को अपने नाम जोड़ने-हटाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा, इससे उन्हें चुनावी माहौल में अधिक शांति से रहने का अवसर मिलेगा।
 
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