6 सीएम, 16 मंत्री, 200 सांसद हफ्तों बिहार में रहे: बीजेपी ज्यादातर चुनाव हारती क्यों नहीं; 8 फैक्टर्स ने इलेक्शन मशीन में बदला

नडा सरकार की 14 नवंबर को हुई बड़ी जीत से तो हमें कुछ खुशियां महसूस होंगी, लेकिन उसके बाद हम देख रहे हैं कि क्या बीजेपी ने अपनी चुनौती मानी है या नहीं।

मुझे लगता है कि नडा सरकार की जीत को उनके सरकारी योजनाओं और आर्थिक विकास के कारण लोगों द्वारा देखा गया, बस पूरा बिहार एक-दूसरे को चुनने में लगा था।

लेकिन अगर हम राज्य की स्थिति को देखें, तो हमें लगता है कि कुछ जगहों पर गंगा नदी से बहते हुए भी बंगाल तक पहुंचना कहीं आसान नहीं है।

मुझे ऐसा लगता है कि नडा सरकार की जीत को लेकर हमें एक दूसरे के प्रति एक नई दिशा में सोचना चाहिए।
 
बिहार में नडा सरकार की 14 नवंबर को हुई बहुत बड़ी जीत के बाद, मैं तो बहुत खुश हूँ 🎉! यह जीत न डॉ. राबड़ी देवी जी की नेतृत्व करने वाली नडा सरकार की कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रमाण है। मैं उनकी सफलता को बिल्कुल भी नहीं कम करता 🙏। यह जीत हमें दिखाती है कि शिक्षा, आर्थिक विकास, और सामाजिक न्याय पर ध्यान देने से हमारा राज्य कितना आगे बढ़ सकता है। मैं इस जीत को बहुत गर्व की बात मानता हूँ 🙌
 
बिहार की ये जीत बहुत ही आश्चर्यजनक है 😮। लोगों ने नडा सरकार को अपने वादों से परिपूर्ण पाएं हैं। गंगा नदी तक पहुंचने का वादा करना और पश्चिम बंगाल में जंगलराज को उखाड़ फेंकने का आश्वासन देना एक बड़ा कदम है। लेकिन अभी भी कई सवाल उठते हैं... 🤔
 
🤔 इस बिहार के चुनाव से मुझे लगता है कि जनता ने अपनी आवाज़ सुनाई है। लेकिन हमारे यहाँ प्रेसीडेंसी जैसी बनावट वाला फोरम तो खिलाफ है, यहाँ मतदाताओं की बात नहीं सुनी जा रही है तो यह कैसे संभव है? 🤷‍♂️

बिहार में नडा सरकार की जीत पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की बातें सुनकर लगता है कि उन्हें उनके द्वारा बनाए गए आर्थिक विकास और शिक्षा प्रणाली के नाम पर जनता की आशा को ध्यान में रखा जाना चाहिए। लेकिन फोरम पर यह बात कहीं सुनाई नहीं दे रही। 🙄
 
🤔 भले ही नडा सरकार ने बिहार में बहुत बड़ी जीत हासिल कर ली, तो हमें यह सवाल पूछना चाहिए कि उनकी सफलता मुख्य रूप से किसी एक नीति या योजना पर आधारित थी? क्या वे निश्चित रूप से अपने मतदाताओं के उत्थान को देख सकते हैं और कह सकते हैं कि उनकी जीत मुख्य रूप से शिक्षा प्रणाली और आर्थिक विकास पर आधारित थी।

मुझे लगता है कि हमें यह भी सवाल पूछना चाहिए कि भाजपा नेताओं द्वारा कही गई जीत की बात मान लेने से पहले, हमें पता करना चाहिए कि उनकी सफलता मुख्य रूप से किसी एक क्षेत्र पर आधारित थी।
 
नडा सरकार की 14 नवंबर को बिहार में हुई प्रचंड जीत के बाद से बहुत चर्चा चल रही थी। मुझे लगता है कि राज्य में भाजपा ने हालात बिगड़ाने वाली प्रमुख पार्टी होकर दिखाई नहीं ,क्योंकि नडा सरकार ने 200 सांसदों और 16 मंत्रियों के साथ हफ्तों रहकर अपनी सफलता का साबित किया।

अगर हम बिहार में भाजपा की जीत को देखें तो हमें लगता है कि भारतीय जनता पार्टी ने 200 सांसदों और 16 मंत्रियों के साथ हफ्तों रहकर अपनी सफलता का साबित किया।
 
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