78 साल पुरानी दोस्ती होगी और मजबूत, कई मायनों में खास पुतिन का दौरा, मीटिंग से लेकर डिफेंस डील

पुतिन और मोदी का दौरा, एक नया आयाम भारत-रूस संबंधों में जुड़ेगा। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार (4 दिसंबर 2025) को नई दिल्ली पहुंच रहे हैं, जहां उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिनर मेजबानी कराएगा।

भारत और रूस की दोस्ती 78 साल पहले से शुरू हुई थी, लेकिन पुतिन की इस यात्रा से यह दोस्ती एक नया आयाम जुड़ सकती है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की शुरुआत 1950-1960 के दशक में हुई थी।

पुतिन के कार्यक्रम का शिद्यूल बहुत बिजी है, जिसमें राष्ट्रपति भवन, राजघाट, महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि, और भारत मंडपम में मिलना शामिल है। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाए जाने की बात कही है।

भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। एस-400 मिसाइल प्रणाली, सुखोई 30 लड़ाकू विमानों के अपग्रेड, और अन्य महत्वपूर्ण सैन्य साजो सामान खरीदने पर भी चर्चा हो सकती है।

पुतिन और मोदी के बीच दो अहम मुलाकात होनी है, एक क्लोज डोर बैठक और दूसरी बैठक में, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा। भारत रूस से प्रतिवर्ष लगभग 65 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के सामान और सेवाएं खरीदता है, जबकि रूस का भारत से आयात लगभग पांच अरब अमेरिकी डॉलर है।

पुतिन और मोदी की बैठक एक नए दौर को लेकर भारत-रूस संबंधों में महत्वपूर्ण होगी। यह यात्रा भारत और रूस के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर करने का अवसर प्रदान कर सकती है।
 
मुझे लगता है कि ये दोनों देश कितने दिनों से मिलते आ रहे थे, लेकिन अब व्लादिमीर पुतिन आएंगे। भारत और रूस की दोस्ती हमेशा अच्छी रही है, तो फिर बातें हो सकती हैं नई. अमेरिका ने जो टैरिफ कहा है वह बहुत बड़ा मुद्दा है। शायद पुतिन और मोदी की बैठक से कुछ अच्छा हो सकता है, लेकिन मुझे लगता है कि पोत्रियों की बातें होनी चाहिए, ताकि ये समझाएं कि वास्तव में क्या बदलेगा। 🤔
 
पुतिन और मोदी की बैठक से हमें बहुत उम्मीदें हैं 🤞। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करना वास्तव में महत्वपूर्ण है। भारत-रूस संबंधों को एक नया आयाम जोड़ने की उम्मीदें बहुत उचित हैं। और यह यात्रा अमेरिका के टैरिफ लगाने के खिलाफ हमारी समर्थन करने में भी मदद कर सकती है। 😊
 
अपनी दोस्ती बढ़ाने का मौका दिया जाए तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा पर फायदा होगा 🥗🚀 भारत और रूस की बैठक का मतलब है हमारे देश में नए उत्पादन संयंत्र बनाए जाएंगे, और लाखों लोगों को नौकरी मिलेगी। 👍

अगर अमेरिकी टैरिफ बढ़ जाते तो हमारा व्यापार हिल सकता है 🤯 लेकिन रूस के साथ हमारी दोस्ती ने हमें यह बेहतरीन अवसर दिया है। हम अपने खाद्य पदार्थों को अब अमेरिकियों की मांग पर नहीं रखना होगा। 🙌

पुतिन और मोदी की मुलाकात से वास्तव में सैन्य सहयोग बढ़ सकता है 💪 हमारी रक्षा बलों को अब उन्नत तकनीक और हथियार देने का एक नए आयाम जुड़ सकता है।
 
पुतिन और मोदी की यात्रा से पहले, मुझे लगता है कि भारत-रूस संबंधों में एक नया आयाम जुड़ सकता है 🚀। रूसी आर्थिक सहायता बढ़ाने पर देशों को ध्यान देना चाहिए, यह 65 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च करने से भारत को फायदा होगा। साथ ही, एस-400 मिसाइल प्रणाली और सुखोई 30 लड़ाकू विमानों पर चर्चा करना महत्वपूर्ण है 🤝

क्या यह यात्रा भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक फायदेमंद अवसर हो सकती है? रूस से आयात बढ़ाने से हमारे देश में नौकरियां और व्यापार में वृद्धि हो सकती है। 📈

मुझे लगता है कि पुतिन और मोदी की बैठकों में भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं। जैसे कि रूसी ऑटोमोबाइल उद्योग में भारतीय कंपनियों को सहयोग करने का मौका मिल सकता है। 🚗

लेकिन, क्या हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि ये समझौते हमारे देश की राजनीतिक और आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखेंगे? 🤔
 
🤕 पुतिन और मोदी की बैठक से पहले, दोनों देशों को आर्थिक दृष्टि से बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भारत में सूखा, रूस में तापमान बढ़ने की समस्याएं... 🌪️

भारत-रूस संबंधों में रक्षा सहयोग बढ़ाने से अमेरिका को फायदा हो सकता है। अमेरिका की आर्थिक शक्ति और तकनीक से भारत रूस को पीछे छोड़ देगा। 🚨

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की इस यात्रा को लेकर बहुत उत्साह है, लेकिन मैं इसे एक जोखिम के रूप में देख रहा हूं। भारत और रूस के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर करने से पहले, हमें अपनी आर्थिक और राजनीतिक स्थिति को अच्छी तरह से सोचना होगा। 🤔

पुतिन और मोदी की बैठक एक नए दौर को लेकर है, लेकिन यह भी एक बड़ा जोखिम हो सकता है। हमें अपने निर्णयों को अच्छी तरह से विचार करना होगा ताकि हमारे देश को फायदा हो। 🤞
 
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