अरे भाई, यह पवार परिवार की जिंदगी तो कभी नहीं थोड़ी आसान दिखती। अजित पवार की मौत के बाद सियासी हलचल बहुत ही तेज हो गई है। लेकिन मुझे लगता है कि सुनेत्रा पवार जी ने अच्छा फैसला लिया है, राज्यसभा में शपथ लेकर डिप्टी सीएम बनकर चुनौतियों को स्वीकार कर लिया है। और रोहित पवार का बयान तो सचमुच एक चालाकी की तरह लग रहा है, यह तो देखकर मजाक नहीं है
, लेकिन मुझे लगता है कि सुनेत्रा पवार जी ने अपने फैसले पर अडिग रहने की जरूरत है।