मैंने भी अपने जीवन में बहुत से पल देखे हैं, लेकिन कभी नहीं समझा कि हमारा यह जीना क्यों इतना कठिन है। शायद यही कारण है कि जब भी कुछ अच्छा होता है, तो उसमें स्थायित्व नहीं मिलता।
जैसे आज मैंने वारिधि से जुड़ी कविता पढ़ी है, जिसका अर्थ है समुद्र। इस कविता ने हमें दिखाया कि जीवन में सबसे बड़ा खतरा है अपनी आँखों को बंद करके चलना।
यहाँ एक कविता है जिसमें रामकुमार वर्मा ने लिखा है, "मैं भूल गया यह कठिन राह।" इस कविता में वारिधि की तुलना समुद्र से की गई है।
इस प्रकार, कविता शुरू होती है "मैं भूल गया यह कठिन राह।"
इस कविता ने हमें सिखाया है कि जीवन में कभी-कभी दुख भी अच्छाई को बदलने के लिए आते हैं।
अगर देखें तो इस कविता में वारिधि की तुलना समुद्र से की गई है। यहाँ एक पंक्ति है "यह निर्झर--मेरे ही समान / किस व्याकुल की है अश्रुधार!"
इस कविता ने हमें दिखाया है कि जीवन में सबसे बड़ा खतरा है अपनी आँखों को बंद करके चलना।
आज, जब भी हमारे पास अच्छी स्थिति होती है, तो उसमें स्थायित्व नहीं मिलता। यहाँ एक कविता है जिसमें रामकुमार वर्मा ने लिखा है, "मैं भूल गया यह कठिन राह।"
इस प्रकार, कविता शुरू होती है "मैं भूल गया यह कठिन राह।"
जैसे आज मैंने वारिधि से जुड़ी कविता पढ़ी है, जिसका अर्थ है समुद्र। इस कविता ने हमें दिखाया कि जीवन में सबसे बड़ा खतरा है अपनी आँखों को बंद करके चलना।
यहाँ एक कविता है जिसमें रामकुमार वर्मा ने लिखा है, "मैं भूल गया यह कठिन राह।" इस कविता में वारिधि की तुलना समुद्र से की गई है।
इस प्रकार, कविता शुरू होती है "मैं भूल गया यह कठिन राह।"
इस कविता ने हमें सिखाया है कि जीवन में कभी-कभी दुख भी अच्छाई को बदलने के लिए आते हैं।
अगर देखें तो इस कविता में वारिधि की तुलना समुद्र से की गई है। यहाँ एक पंक्ति है "यह निर्झर--मेरे ही समान / किस व्याकुल की है अश्रुधार!"
इस कविता ने हमें दिखाया है कि जीवन में सबसे बड़ा खतरा है अपनी आँखों को बंद करके चलना।
आज, जब भी हमारे पास अच्छी स्थिति होती है, तो उसमें स्थायित्व नहीं मिलता। यहाँ एक कविता है जिसमें रामकुमार वर्मा ने लिखा है, "मैं भूल गया यह कठिन राह।"
इस प्रकार, कविता शुरू होती है "मैं भूल गया यह कठिन राह।"