आपका पैसा- सेविंग अकाउंट पर पाएं FD के बराबर ब्याज: जानें पूरा प्रोसेस, खाते में कितना मिनिमम बैलेंस जरूरी, कैसे मिलेगा फायदा
सेविंग अकाउंट को अक्सर रोज के लेनदेन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें लोग बहुत पैसे नहीं रखते हैं, क्योंकि आमतौर पर सेविंग अकाउंट में ब्याज बहुत कम मिलता है।
फिक्स डिपॉजिट (FD) की समस्या यह है कि पैसा लॉक हो जाता है। इसका मतलब है कि FD के लॉक-इन पीरियड के दौरान पैसे नहीं निकाल सकते हैं। ऐसा करने पर बैंक पेनल्टी लगाता है।
इस समस्या को दूर करने के लिए कई बैंक ऐसे सेविंग अकाउंट की सुविधा दे रहे हैं, जिनमें पैसा जमा करके FD के बराबर ब्याज कमाया जा सकता है। इसमें न तो पैसा फिक्स करने की जरूरत है और न ही जरूरत पर पैसे निकालने में कोई पेनल्टी लगती है।
यह विकल्प खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो सेविंग अकाउंट में कुछ समय के लिए अच्छी-खासी रकम रखते हैं।
सवाल- आपका पैसा से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए
आपका पैसा- CIBIL स्कोर खराब, नहीं मिल रहा क्रेडिट कार्ड: FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड है अच्छा विकल्प, एक साल में सुधरेगा स्कोर
ऑटो स्वीप अकाउंट या फ्लेक्सी फिक्स डिपॉजिट से पैसा जमा करके FD के बराबर ब्याज कमाया जा सकता है। इसमें न तो पैसा फिक्स करने की जरूरत है और न ही जरूरत पर पैसे निकालने में कोई पेनल्टी लगती है।
यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो सेविंग अकाउंट में कुछ समय के लिए अच्छी-खासी रकम रखते हैं।
सवाल- ऑटो स्वीप सुविधा के क्या फायदे हैं?
ऑटो स्वीप सुविधा उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिनके सेविंग अकाउंट में बड़ा अमाउंट जमा रहता है। लेकिन साथ ही वो अपना पैसा लंबी अवधि के लिए ब्लॉक भी नहीं करना चाहते। उन्हें कभी भी अकाउंट से पैसे निकालने की जरूरत पड़ सकती है। वे चाहते हैं कि अच्छा ब्याज मिले और FD में पैसा लॉक भी न हो।
ऑटो स्वीप सुविधा में तय सीमा से ज्यादा रकम अपने-आप FD में चली जाती है, जिससे अच्छा रिटर्न मिलता है। जरूरत पड़ने पर FD टूट जाती है और पैसा फिर सेविंग अकाउंट में आ जाता है। इससे लिक्विडिटी बनी रहती है, पैसा सुरक्षित रहता है और बिना किसी मेहनत के बेहतर ब्याज मिलता है।
सवाल- हाई इंटरेस्ट सेविंग अकाउंट में बेहतर ब्याज के लिए क्या करना चाहिए?
आमतौर पर बैंक ऐसे ग्राहकों को ज्यादा ब्याज देते हैं, जो खाते में नियमित रूप से अच्छी रकम रखते हैं। इसके अलावा कुछ फिनटेक एप्स अपने बैंकिंग पार्टनर्स के साथ मिलकर 6.75% तक ब्याज की सुविधा देते हैं।
हाई इंटरेस्ट सेविंग अकाउंट में बेहतर ब्याज के लिए ज्यादा-से-ज्यादा बैलेंस बनाए रखना चाहिए। इससे बिना अलग निवेश किए बेहतर रिटर्न मिलता है।
सवाल- क्या सभी सेविंग अकाउंट्स पर लागू हो सकता है?
नहीं, यह सुविधा हर सेविंग अकाउंट पर अपने-आप लागू नहीं होती है। आमतौर पर यह ऑप्शन हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNI), प्रीमियम या डिजिटल सेविंग अकाउंट्स में दिया जाता है।
हालांकि अब कई बैंक सामान्य सेविंग अकाउंट होल्डर्स को भी ऑटो स्वीप जैसी सुविधाएं देने लगे हैं। इसके लिए अलग से रिक्वेस्ट करनी पड़ सकती है या कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं।
बेहतर होगा कि आप अपने बैंक से संपर्क कर यह जान लें कि आपके सेविंग अकाउंट में यह सुविधा उपलब्ध है या नहीं और इसे कैसे एक्टिवेट किया जा सकता है।
सवाल- ऑटो स्वीप FD के लिए क्या प्रक्रिया है?
ऑटो स्वीप FD की सुविधा लेने के लिए सबसे पहले आपको अपने बैंक से इसे एक्टिवेट कराना होता है। इसके लिए आप ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल एप या बैंक ब्रांच की मदद ले सकते हैं।
एक्टिवेशन के समय आपको एक तय लिमिट चुननी होती है, जैसे 25,000 या 50,000 रुपए। इस लिमिट से ज्यादा जो भी पैसा खाते में आएगा, वह अपने-आप FD में बदल जाएगा। जरूरत पड़ने पर यह FD टूटकर रकम फिर सेविंग अकाउंट में आ जाती है। इससे पैसा सुरक्षित रहता है और बेहतर ब्याज भी मिलता है।
सवाल- क्या ऑनलाइन भी इसका फायदा उठाया जा सकता है?
हां, ऑटो स्वीप FD की सुविधा का फायदा ऑनलाइन भी उठाया जा सकता है। आज ज्यादातर बैंक और डिजिटल बैंकिंग एप्स इसे नेट बैंकिंग या मोबाइल एप के जरिए एक्टिवेट करने का विकल्प देते हैं।
कुछ बैंक अकाउंट खोलते समय ही यह सुविधा ऑफर करते हैं, जबकि कई बैंक बाद में इसे ऑन करने की सुविधा देते हैं। इसके लिए ब्रांच जाने की जरूरत नहीं होती और कुछ ही क्लिक में यह सुविधा चालू की जा सकती है।
सवाल- इसके नुकसान क्या हैं?
ऑटो स्वीप FD के ज्यादा नुकसान नहीं होते, लेकिन इन्हें समझना जरूरी है। कुछ मामलों में ब्याज टैक्सेबल होता है या पेनल्टी लग सकती है।
ऑटो स्वीप FD से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स के दायरे में आता है। इस पर आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना होता है। इसमें सेक्शन 80C जैसी कोई टैक्स छूट नहीं मिलती, जो टैक्स सेविंग FD में मिलती है।
ऑटो स्वीप FD पर रेगुलर FD के मुकाबले थोड़ी कम ब्याज दर देते हैं। वजह यह है कि इसमें जरूरत पड़ने पर FD जल्दी टूट सकती है। ऐसे में लंबे समय के निवेशकों को अपेक्षाकृत कम रिटर्न मिल पाता है।
ऑटो स्वीप अकाउंट में बनने वाली FD आमतौर पर 180 दिन या उससे कम अवधि की होती है। इस पर मिलने वाला ब्याज लंबी अवधि वाली FD के मुकाबले कम होता है, जो ज्यादा रिटर्न चाहने वालों को निराश कर सकता है।
सवाल- ऑटो स्वीप अकाउंट में तय लिमिट कितनी होनी चाहिए?
ऑटो स्वीप FD के लिए बैंक द्वारा तय किया जाता है कि खाते में जमा करने वाला पैसा कितनी रकम तक सीमित होता है। अगर इसमें कोई सीमा नहीं है, तो आप निश्चित रूप से अधिक पैसे अपने-आप FD में बदल सकते हैं।
ऑटो स्वीप अकाउंट में खाता में जो रकम जमा करनी चाहिए, उसे बैंक की वेबसाइट या मोबाइल एप पर एक्टिवेट करना जरूरी होता है। अगर आप ब्रांच जाने की जरूरत नहीं है, तो यह सुविधा ऑनलाइन एक्टिवेट की जा सकती है।
ऑटो स्वीप अकाउंट में खाते में जमा करने वाली रकम कितनी होनी चाहिए, इसका निर्णय बैंक द्वारा लिया जाता है। ऐसी सीमाएं हो सकती हैं, जैसे कि 25,000 या 50,000 रुपए।
सेविंग अकाउंट को अक्सर रोज के लेनदेन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें लोग बहुत पैसे नहीं रखते हैं, क्योंकि आमतौर पर सेविंग अकाउंट में ब्याज बहुत कम मिलता है।
फिक्स डिपॉजिट (FD) की समस्या यह है कि पैसा लॉक हो जाता है। इसका मतलब है कि FD के लॉक-इन पीरियड के दौरान पैसे नहीं निकाल सकते हैं। ऐसा करने पर बैंक पेनल्टी लगाता है।
इस समस्या को दूर करने के लिए कई बैंक ऐसे सेविंग अकाउंट की सुविधा दे रहे हैं, जिनमें पैसा जमा करके FD के बराबर ब्याज कमाया जा सकता है। इसमें न तो पैसा फिक्स करने की जरूरत है और न ही जरूरत पर पैसे निकालने में कोई पेनल्टी लगती है।
यह विकल्प खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो सेविंग अकाउंट में कुछ समय के लिए अच्छी-खासी रकम रखते हैं।
सवाल- आपका पैसा से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए
आपका पैसा- CIBIL स्कोर खराब, नहीं मिल रहा क्रेडिट कार्ड: FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड है अच्छा विकल्प, एक साल में सुधरेगा स्कोर
ऑटो स्वीप अकाउंट या फ्लेक्सी फिक्स डिपॉजिट से पैसा जमा करके FD के बराबर ब्याज कमाया जा सकता है। इसमें न तो पैसा फिक्स करने की जरूरत है और न ही जरूरत पर पैसे निकालने में कोई पेनल्टी लगती है।
यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो सेविंग अकाउंट में कुछ समय के लिए अच्छी-खासी रकम रखते हैं।
सवाल- ऑटो स्वीप सुविधा के क्या फायदे हैं?
ऑटो स्वीप सुविधा उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिनके सेविंग अकाउंट में बड़ा अमाउंट जमा रहता है। लेकिन साथ ही वो अपना पैसा लंबी अवधि के लिए ब्लॉक भी नहीं करना चाहते। उन्हें कभी भी अकाउंट से पैसे निकालने की जरूरत पड़ सकती है। वे चाहते हैं कि अच्छा ब्याज मिले और FD में पैसा लॉक भी न हो।
ऑटो स्वीप सुविधा में तय सीमा से ज्यादा रकम अपने-आप FD में चली जाती है, जिससे अच्छा रिटर्न मिलता है। जरूरत पड़ने पर FD टूट जाती है और पैसा फिर सेविंग अकाउंट में आ जाता है। इससे लिक्विडिटी बनी रहती है, पैसा सुरक्षित रहता है और बिना किसी मेहनत के बेहतर ब्याज मिलता है।
सवाल- हाई इंटरेस्ट सेविंग अकाउंट में बेहतर ब्याज के लिए क्या करना चाहिए?
आमतौर पर बैंक ऐसे ग्राहकों को ज्यादा ब्याज देते हैं, जो खाते में नियमित रूप से अच्छी रकम रखते हैं। इसके अलावा कुछ फिनटेक एप्स अपने बैंकिंग पार्टनर्स के साथ मिलकर 6.75% तक ब्याज की सुविधा देते हैं।
हाई इंटरेस्ट सेविंग अकाउंट में बेहतर ब्याज के लिए ज्यादा-से-ज्यादा बैलेंस बनाए रखना चाहिए। इससे बिना अलग निवेश किए बेहतर रिटर्न मिलता है।
सवाल- क्या सभी सेविंग अकाउंट्स पर लागू हो सकता है?
नहीं, यह सुविधा हर सेविंग अकाउंट पर अपने-आप लागू नहीं होती है। आमतौर पर यह ऑप्शन हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNI), प्रीमियम या डिजिटल सेविंग अकाउंट्स में दिया जाता है।
हालांकि अब कई बैंक सामान्य सेविंग अकाउंट होल्डर्स को भी ऑटो स्वीप जैसी सुविधाएं देने लगे हैं। इसके लिए अलग से रिक्वेस्ट करनी पड़ सकती है या कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं।
बेहतर होगा कि आप अपने बैंक से संपर्क कर यह जान लें कि आपके सेविंग अकाउंट में यह सुविधा उपलब्ध है या नहीं और इसे कैसे एक्टिवेट किया जा सकता है।
सवाल- ऑटो स्वीप FD के लिए क्या प्रक्रिया है?
ऑटो स्वीप FD की सुविधा लेने के लिए सबसे पहले आपको अपने बैंक से इसे एक्टिवेट कराना होता है। इसके लिए आप ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल एप या बैंक ब्रांच की मदद ले सकते हैं।
एक्टिवेशन के समय आपको एक तय लिमिट चुननी होती है, जैसे 25,000 या 50,000 रुपए। इस लिमिट से ज्यादा जो भी पैसा खाते में आएगा, वह अपने-आप FD में बदल जाएगा। जरूरत पड़ने पर यह FD टूटकर रकम फिर सेविंग अकाउंट में आ जाती है। इससे पैसा सुरक्षित रहता है और बेहतर ब्याज भी मिलता है।
सवाल- क्या ऑनलाइन भी इसका फायदा उठाया जा सकता है?
हां, ऑटो स्वीप FD की सुविधा का फायदा ऑनलाइन भी उठाया जा सकता है। आज ज्यादातर बैंक और डिजिटल बैंकिंग एप्स इसे नेट बैंकिंग या मोबाइल एप के जरिए एक्टिवेट करने का विकल्प देते हैं।
कुछ बैंक अकाउंट खोलते समय ही यह सुविधा ऑफर करते हैं, जबकि कई बैंक बाद में इसे ऑन करने की सुविधा देते हैं। इसके लिए ब्रांच जाने की जरूरत नहीं होती और कुछ ही क्लिक में यह सुविधा चालू की जा सकती है।
सवाल- इसके नुकसान क्या हैं?
ऑटो स्वीप FD के ज्यादा नुकसान नहीं होते, लेकिन इन्हें समझना जरूरी है। कुछ मामलों में ब्याज टैक्सेबल होता है या पेनल्टी लग सकती है।
ऑटो स्वीप FD से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स के दायरे में आता है। इस पर आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना होता है। इसमें सेक्शन 80C जैसी कोई टैक्स छूट नहीं मिलती, जो टैक्स सेविंग FD में मिलती है।
ऑटो स्वीप FD पर रेगुलर FD के मुकाबले थोड़ी कम ब्याज दर देते हैं। वजह यह है कि इसमें जरूरत पड़ने पर FD जल्दी टूट सकती है। ऐसे में लंबे समय के निवेशकों को अपेक्षाकृत कम रिटर्न मिल पाता है।
ऑटो स्वीप अकाउंट में बनने वाली FD आमतौर पर 180 दिन या उससे कम अवधि की होती है। इस पर मिलने वाला ब्याज लंबी अवधि वाली FD के मुकाबले कम होता है, जो ज्यादा रिटर्न चाहने वालों को निराश कर सकता है।
सवाल- ऑटो स्वीप अकाउंट में तय लिमिट कितनी होनी चाहिए?
ऑटो स्वीप FD के लिए बैंक द्वारा तय किया जाता है कि खाते में जमा करने वाला पैसा कितनी रकम तक सीमित होता है। अगर इसमें कोई सीमा नहीं है, तो आप निश्चित रूप से अधिक पैसे अपने-आप FD में बदल सकते हैं।
ऑटो स्वीप अकाउंट में खाता में जो रकम जमा करनी चाहिए, उसे बैंक की वेबसाइट या मोबाइल एप पर एक्टिवेट करना जरूरी होता है। अगर आप ब्रांच जाने की जरूरत नहीं है, तो यह सुविधा ऑनलाइन एक्टिवेट की जा सकती है।
ऑटो स्वीप अकाउंट में खाते में जमा करने वाली रकम कितनी होनी चाहिए, इसका निर्णय बैंक द्वारा लिया जाता है। ऐसी सीमाएं हो सकती हैं, जैसे कि 25,000 या 50,000 रुपए।