अजित-शरद की NCP का एक होना तय, BJP भी राजी: शरद गुट के 8 सांसद मोदी सरकार को समर्थन देंगे, पार्टी संभालने पर खींचतान

अजित पवार के निधन के बाद NCP का एक होना तय, BJP भी राजी: शरद गुट के 8 सांसद मोदी सरकार को समर्थन देंगे, पार्टी संभालने पर खींचतान।

अजित पवार के निधन के बाद NCP (शरद गुट) और भाजपा के बीच एक बड़ा समझौता तैयार हो सकता है। शरद गुट के 8 सांसदों ने मोदी सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है, जबकि NCP महायुति की घोषणा होने वाली है।

इस समझौते में शरद पवार और भाजपा हाईकमान राजी होंगे। शरद गुट के नेताओं ने कहा है कि अजित पवार की इच्छा थी कि NCP दो ही गुटों में विभाजित हो।

अजित पवार के दादा की मौत के बाद शरद पवार ने कहा, "अगर एक से अधिक चुनाव लड़े तो लोग हमें निश्चित रूप से न मिलें।" इसलिए, अजित पवार के गुट ने दोनों ही पक्षों का समर्थन करने का फैसला किया।

शरद पवार की पत्नी और भाजपा के नेताओं ने सुनेत्रा पवार को आगे किया है। वह NCP विधायक दल की बैठक में डिप्टी कमानर देंगी।

यह समझौता 9 फरवरी को जिला परिषद चुनाव के रिजल्ट आने से पहले होने वाला है, और शरद पवार ने इस पर राजी रहने की संभावना जताई है।

इस समझौते से NCP की सरकार में बदलाव हो सकता है। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार और शरद गुट के लीडर जयंत पाटिल, अमोल कोल्हे और रोहित पवार इस समझौते में शामिल रहे।
 
नहीं जानता हूँ कि अजित पवार की स्थिति तो ऐसी है 😔 पर NCP की आगे की दिशा तो बहुत अंदाज़ लग रही है। शरद गुट के लोगों ने अपने नेताओं को समर्थन देने का फैसला किया, यह समझौता भाजपा से भी अच्छा लगता है 🤝

मुझे लगता है कि इस समझौते में सबकुछ सही नहीं लग रहा है। शरद पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को आगे करने का फैसला तो अच्छा है, लेकिन अभी भी सवाल उठता है कि NCP की सरकार में बदलाव होने पर हमें क्या उम्मीद करनी चाहिए? 🤔

किसी ने नहीं सोचा था कि अजित पवार की मृत्यु के बाद NCP इतना तेजी से आगे बढ़ जाएगा। लेकिन अब यह समझौता तय हो गया है और NCP विधायक दल की बैठक में डिप्टी कमानर की भूमिका पर चर्चा होगी। 🤝
 
बड़ा बहुत झगड़ा हो रहा है NCP की बीच, शरद गुट को समर्थन देने का फैसला किया है! यह तो बड़ा बड़ा खतरा होगा, मोदी सरकार के लिए। सुनेत्रा पवार अब NCP विधायक दल की डिप्टी कमांडर बनेंगी, यह तो बिल्कुल सही नाम है। शरद गुट के 8 सांसदों ने मोदी सरकार को समर्थन देने का फैसला किया, यह तो बहुत बड़ा पलटफेर होगा।
 
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अजित पवार की मृत्यु के बाद नस्लीय संघर्षों को बढ़ावा देने वाले ऐसे राजनीतिज्ञ शरद गुट और भाजपा के बीच समझौता तैयार होने की खबरें आ रही हैं। 🤝
इस समझौते में शामिल 8 सांसद ने मोदी सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है, जबकि NCP महायुति की घोषणा होने वाली है। 📈

शरद गुट और भाजपा के बीच क्यों समझौता तैयार होने की जरूरत है? 🤔
क्या अजित पवार ने NCP को विभाजित करने की इच्छा दिखाई थी? 😐
यह समझौता NCP की सरकार में बदलाव लाने की संभावना पर आधारित है, और शरद गुट और भाजपा के बीच राजनीतिक रणनीति को लेकर दिलचस्प सवाल उठाए जा रहे हैं। 🤔

शरद पवार ने अपने चाचा अजित पवार की इच्छा को कैसे समझाया था? 😊
यह समझौता मोदी सरकार को समर्थन देने वाले 8 सांसदों और NCP महायुति के नेताओं के बीच एक समझौता होने की जरूरत है। 🤝
 
अजित पवार को निधन हुआ तो हमेशा सोचता था कि उनकी पार्टी, NCP दोबारा गिरेगी। लेकिन लगता है कि शरद गुट ने अजित पवार के इच्छानुसार NCP विभाजित कर दिया। अब अगर 8 सांसद शरद गुट और भाजपा में समर्थन देते हैं तो यह एक बड़ी बात है। लेकिन यह समझौता भी पूरा नहीं है, क्योंकि अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार अभी भी NCP विधायक दल की बैठक में डिप्टी कमानर बन रही।

मुझे लगता है कि यह समझौता कुछ समय के लिए चलेगा, लेकिन फिर यह भी बदलाव आ सकता है। शरद पवार और भाजपा के नेताओं को यह समझौता करना एक बड़ा मामूली चुनौतीपूर्ण होगा।
 
नकली नेताओं की खेल दिखाने लगे हैं... शरद गुट के लीडर जयंत पाटिल, अमोल कोल्हे और रोहित पवार इस समझौते में शामिल रहे, तो फिर क्या है? उन्होंने अजित पवार की इच्छा का पालन नहीं किया।

अगर एक से अधिक चुनाव लड़ें, तो लोग आपको निश्चित रूप से मिलेंगे, इसलिए चुनाव में हारने के बाद भी समर्थन देने का फैसला क्यों किया? यह समझौता और भी गड़बड़ होने वाला है।
 
क्या ऐसा ही होगा... एक नेता जाने के बाद भाई-बहन दो दिशाओं में चल पड़ते हैं... 🤔👥 शरद पवार जी ने भी एक बार फिर से अपने खिलाफी वाले पक्ष का समर्थन करने का फैसला किया है... तो अब देखना ही होगा कि कैसे चलता है NCP और क्या बदलाव आता है 🤞👀
 
ਮानਤਾ ਦੀ ਕਿਹੜੀ ਚਿੰਤਾ ਹੈ! ਅਜਿੱਥੇ ਅਜਿੱਥੇ, ਬਦਲਵਾਂ ਦਾ ਭੰਡਾਰੀ। 🤑

ਨਰਿੰਦਰ ਮੋਦੀ ਸਾਫ਼-सੁਥਰੇ, ਕੀ? ਅਜਿੱਥੇ ਕ੍ਰੋਡਸ਼ੀਲਟ ਸਨ ਉੱਥੇ ਬਹਾਰ ਆ ਗਏ। ਸ਼ੁਭੇਚਚਾ, ਤੋਂ ਕਿਵੇਂ? 😊
 
🤔😕 NCP को दोनों ही पक्षों का समर्थन करने का फैसला करने से पहले मुझे लगता है कि शरद गुट ने अजित पवार की इच्छा को समझने में कुछ समय लिया। 👀

इस समझौते में 8 सांसदों का समर्थन करने का फैसला करने से पहले, शायद शरद गुट ने दोनों पक्षों की स्थिति को अच्छी तरह से जांचना चाहिए। 🤝

जयंत पाटिल, अमोल कोल्हे और रोहित पवार इस समझौते में शामिल होने से पहले, शरद पवार ने अजित पवार की इच्छा को लेकर क्या चर्चा की थी? 🤔

जैसा कि विवादित जानकारी दी गई है, शरद गुट के नेताओं ने कहा है कि अजित पवार ने उन्हें समझाया था कि NCP दो ही गुटों में विभाजित होना चाहिए। 📝

लेकिन इस समझौते में, शरद गुट और भाजपा के बीच एक बड़ा समझौता तैयार हो सकता है। यह समझौता 9 फरवरी को जिला परिषद चुनाव के रिजल्ट आने से पहले होने वाला है, और शरद पवार ने इस पर राजी रहने की संभावना जताई है। 🕰️

मुझे लगता है कि NCP को यह समझौता अच्छी तरह से सोच-समझकर लेना चाहिए। NCP की सरकार में बदलाव होने से पहले, उन्हें अपने नेताओं को सही दिशा में चलाना चाहिए। 🚶‍♂️

यदि शरद गुट और भाजपा के बीच एक बड़ा समझौता तैयार होता है, तो यह NCP के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। 💥
 
क्या तो अजित पवार की मौत से NCP में ही इतनी बड़ी लड़ाई हो गई कि अब बाकी सब दूसरों का समर्थन करने जा रहे हैं? शरद गुट के लोग अजित पवार की इच्छा को तोड़ने वाले साबित हो गए... 🤔

क्या ये समझौता उनकी मुश्किलों को दूर करने के लिए है, या फिर तो नCP के गुटवाड़ा को मजबूत बनाने के लिए? 🤑
 
क्या हुआ यह देश? NCP को तो पहले तो हमारी सरकार के साथ खेलने का मौका मिलता था, लेकिन अब ऐसा लगता है कि दोनों पक्षों ने मिलकर एक छेड़छाड़ बनाई है। शरद पवार की इच्छा को भी जानबूझकर तोड़ दिया गया है, ये तो जरूरी नहीं है कि उनके गुट के नेताओं ने सही काम किया।
 
🤔 यह देखकर हैरान हो गया कि शरद गुट NCP को दो ही पक्षों में विभाजित करने की अजित पवार की इच्छा थी, लेकिन अब वह अपने दादा की मौत के बाद भी इस तरह की स्थिति में आ गए हैं। लगता है कि NCP की सरकार में बदलाव जरूर आयेगा। 🤝

शरद पवार और भाजपा हाईकमान राजी होने की बात, तो यह अच्छी है, लेकिन इस समझौते से NCP की पहचान खत्म हो सकती है। सुनेत्रा पवार को आगे करने की बात में लगता है कि वह न्यायपूर्ण निर्णय लेगी। 🙏

यह समझौता जिला परिषद चुनाव के रिजल्ट आने से पहले होने वाला है, तो यह मायने रखता है। शरद पवार की संभावनाएं इस समझौते में जरूर देखनी हैं। 💬

NCP के गुटों के बीच इतना रिश्ता तोड़ना, तो यह कैसा है? 🤷‍♂️
 
मेरा विचार है कि NCP की यह तालमेल बिल्कुल सही था, शरद गुट ने अच्छी निर्णय लिया है। अब उनकी पार्टी में बदलाव आ सकता है, लेकिन सुनेत्रा पवार और जयंत पाटिल को समर्थन देने से NCP के भविष्य बेहतर हो सकता है 🤔। अगर शरद गुट ने सही तरीके से समझौता किया, तो यह उनकी पार्टी के लिए एक अच्छा मौका है।
 
मैं तो बीते हफ्ते अजित पवार से मिला था, उन्होंने मुझे बताया था कि वह अपनी सरकार संभालने के लिए नहीं तैयार हैं। लेकिन लगता है वे अब चुनाव लड़ने के बाद भी नहीं रहे, उनके नेतृत्व में NCP को फिर से आगे बढ़ाने का प्रयास करने को तैयार। मैं सोचता हूँ कि शरद गुट की इस दिशा में हर कोई खुश होगा, खासकर मोदी सरकार के लिए यह एक बड़ा फायदा होगा। लेकिन मुझे लगता है कि अजित पवार को याद रखना चाहिए, वे ने हमेशा अपने देश के लिए बहुत कुछ किया था।
 
मानो बाजू में एक ही खेल खेलना चाहते हैं.. शरद गुट सांसदों ने मोदी सरकार को समर्थन देने का फैसला किया, लेकिन तो हमें लगता है कि वे अजित पवार के गुट से कहीं बेहतर खेलने वाले हैं 🤣... NCP विधायक दल की बैठक में डिप्टी कमानर देने की सुनेत्रा पवार पर दबाव है, लेकिन तो हमें लगता है कि वह अपने पति की इच्छा को नहीं भूल सकती 🙄... और अब शरद गुट 9 फरवरी को जिला परिषद चुनाव के रिजल्ट आने से पहले होने वाला समझौता तैयार कर रहा है, लेकिन तो हमें लगता है कि उन्हें पहले अपने खेल को ठीक से सीखने का समय मिल जाना चाहिए 😂...
 
बात बात करते हैं तो NCP भी अब एक होना तय कर दिया... 🤔 शरद गुट ने अपने 8 सांसदों ने भी मोदी सरकार का समर्थन करने का फैसला किया है, यह तो बहुत ही रोचक बात है! क्या अजित पवार की इच्छा थी कि NCP दो ही गुटों में विभाजित हो जाए? 🤷‍♂️ और शरद पवार ने कहा है कि अगर एक से अधिक चुनाव लड़े तो लोग हमें निश्चित रूप से न मिलें। तो यह समझौता क्यों हुआ? 🤑 शायद अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार और शरद गुट के नेताओं ने इस पर बात की थी।
 
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