अरे, यह तो बहुत बड़ी बात है! अल-फलाह यूनिवर्सिटी की कमाई सुनकर मुझे थोड़ा आश्चर्य हुआ। 415 करोड़ रुपए? यह ज्यादा है। जैसे कि कहीं पढ़ूं, निरीक्षण की गई बातों के आधार पर यह पैसा इकट्ठा किया गया है। लेकिन सामान्यतः विश्वविद्यालयों में इतनी बड़ी कमाई नहीं होती, जो अपराध बनती है।
मुझे लगता है कि हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि पैसा कहाँ से आया, और यह विश्वविद्यालय के लिए क्या उपयोग किया गया है। जिससे यह 415 करोड़ रुपए कमाई गया है, वह स्पष्ट नहीं है। तो शायद हमें इस बात पर और गहराई से जानकारी चाहिए, जैसे कहां से आया, और क्या इसका फायदा विश्वविद्यालय को हुआ।