अमेरिका में हाल के दिनों में ट्रंप प्रशासन ने अपने 'अमेरिका फर्स्ट' एजेंडे के तहत इमिग्रेशन नियमों को और सख्त कर दिया है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काम से जुड़े वीज़ा नियमों को कड़ा कर रहे हैं और जांच प्रक्रिया को और मजबूत बना रहे हैं। इसके तहत अमेरिका की ट्रंप सरकार ने घोषणा की है कि 15 दिसंबर से H-1B वीजा और उनके परिवार (H-4) आवेदकों की जांच और कड़ी होगी।
इस फैसले में सबसे पहले सभी वीजा आवेदकों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘पब्लिक’ करना होगा, ताकि अधिकारी उनकी ऑनलाइन गतिविधियों की जांच कर सकें। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि वीजा पाना एक अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेष अनुमति है। हर वीजा जांच राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है।
मामले में अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी उपलब्ध जानकारी देखकर ही फैसला लें कि आवेदक को वीजा दिया जाए या नहीं। इससे पहले भी सितंबर में राष्ट्रपति ट्रंप ने एक आदेश जारी कर नए H-1B वीजा आवेदन पर 100,000 डॉलर (लगभग 88 लाख रुपये) की एकमुश्त फीस लगा दी थी।
इस फैसले से अमेरिका में वीजा पर काम करने वाले भारतीयों के लिए थोड़ी-बहुत चिंता बढ़ने की बात कही जा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि H-1B वीजा लेने वालों में बड़ी संख्या भारतीय प्रोफेशनल्स की है, इसलिए यह फैसला भारतीयों पर खास असर डाल सकता है।
इस हमले का आरोपी लाकनवाल (29) अफगान नागरिक है, जो ऑपरेशन एलाइस वेलकम कार्यक्रम के तहत 2021 में अमेरिका पहुंचा था। ऐसे में अमेरिकी सरकार का कहना है कि वह किसी भी तरह के सुरक्षा खतरे को रोकने के लिए ज्यादा सतर्क रहना चाहती है, इसलिए वीजा और इमिग्रेशन प्रक्रियाओं को और कड़ा किया जा रहा है।
इस फैसले में सबसे पहले सभी वीजा आवेदकों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘पब्लिक’ करना होगा, ताकि अधिकारी उनकी ऑनलाइन गतिविधियों की जांच कर सकें। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि वीजा पाना एक अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेष अनुमति है। हर वीजा जांच राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है।
मामले में अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी उपलब्ध जानकारी देखकर ही फैसला लें कि आवेदक को वीजा दिया जाए या नहीं। इससे पहले भी सितंबर में राष्ट्रपति ट्रंप ने एक आदेश जारी कर नए H-1B वीजा आवेदन पर 100,000 डॉलर (लगभग 88 लाख रुपये) की एकमुश्त फीस लगा दी थी।
इस फैसले से अमेरिका में वीजा पर काम करने वाले भारतीयों के लिए थोड़ी-बहुत चिंता बढ़ने की बात कही जा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि H-1B वीजा लेने वालों में बड़ी संख्या भारतीय प्रोफेशनल्स की है, इसलिए यह फैसला भारतीयों पर खास असर डाल सकता है।
इस हमले का आरोपी लाकनवाल (29) अफगान नागरिक है, जो ऑपरेशन एलाइस वेलकम कार्यक्रम के तहत 2021 में अमेरिका पहुंचा था। ऐसे में अमेरिकी सरकार का कहना है कि वह किसी भी तरह के सुरक्षा खतरे को रोकने के लिए ज्यादा सतर्क रहना चाहती है, इसलिए वीजा और इमिग्रेशन प्रक्रियाओं को और कड़ा किया जा रहा है।