अनुराग ठाकुर बोले- TMC सांसद सदन में ई-सिगरेट पी रहे: सौगत रॉय ने कहा- केंद्रीय मंत्री की बात छोड़िए, हम पी सकते हैं, स्पीकर बोले- कार्रवाई होगी

अनुराग ठाकुर ने बताया है कि संसद में ई-सिगरेट पीने वालों में सौगत रॉय भी शामिल हो सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में सांसद सदन में ई-सिगरेट पीने का चल रहा विवाद इस बीच और बढ़ गया है। लोकसभा में आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन बिल पेश किए। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा से भरपूर मणिपुर गुड्स एंड सर्विस टैक्स बिल (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 बिल है। इस बिल को पारित कर दिया गया।

इसी बीच, अनुराग ठाकुर ने बताया कि अगर तीन दिनों तक सदन में विपक्षी सांसद सदन में ई-सिगरेट पी रहे हैं और विपक्षी सांसद भी ऐसा करते हैं, तो कुछ लोग उन्हें 'जंग' बनाने लगेंगे।

इस दौरान, अनुराग ठाकुर ने बताया कि सौगत रॉय एक बार सदन में ई-सिगरेट पी रहे थे, परंतु कोई विपक्षी सांसद उन्हें 'ई-शहबाज' कह दिया। इस पर उन्होंने बताया कि उनको लगा कि अगर वह अपने अधिकार का उपयोग नहीं कर पाते हैं, तो वे सदन में क्या हैं?

इसी बीच, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि कार्रवाई होने वाली है।
 
क्या ई-सिगरेट पीने वालों में सौगत रॉय भी शामिल हो सकते हैं? तो मतलब तो सदन में जंग लगने की बात कर रहे हैं। लेकिन अगर सौगत रॉय ई-शहबाज है तो फिर ओम बिरला की कार्रवाई कहाँ? 🤣🚭
 
🚭 ई-सिगरेट पीने का मुद्दा तो बड़ा हुआ है दिल्ली। लेकिन यह भी सच है कि सदन में विपक्षी सांसदों ने अपने अधिकार का इस्तेमाल करने से पहले थोड़ी शिकायत कर ली है। अगर अनुराग ठाकुर और सौगत रॉय सहित विपक्षी सांसद वास्तव में सदन में ई-सिगरेट पीना चाहते हैं, तो उन्हें थोड़ा इंतजार करना चाहिए।
 
मुझे ये देखकर बहुत हैरानी हो रही है कि सदन में ई-सिगरेट पीने वालों को लेकर इतनी गाड़बड़ी हो गई है। लेकिन अगर हम सच्चाई तो कहें, तो यह ज्यादा मजाक नहीं है। चाहे वह जंग बनाने की बातें करें, या ई-सिगरेट पीने वालों को 'ई-शहबाज' कहना, लेकिन हमारे देश में सदन में इस तरह की बातचीत होने से पहले हमें अपने अधिकारों और नैतिकता को भूलना पड़ता है।
 
सांसदों को यह काम तो करना चाहिए कि सदन में ई-सिगरेट पीने का विवाद बस जाए। 🤔

कुछ लोग सोचते हैं कि अगर अनुराग ठाकुर और सौगत रॉय भी सदन में ई-सिगरेट पीते हैं, तो सबकुछ ठीक हो जाएगा। लेकिन यह काम नहीं है। परंतु विपक्षी सांसदों को अपना अधिकार चलाना चाहिए।

अगर सदन में ई-सिगरेट पीने वाले सभी लोग एक ही पृष्ठ पर आते हैं, तो सबकुछ ठीक हो जाएगा। लेकिन यह काम नहीं है। 🤷‍♂️
 
🤔 यह देश में कुछ अजीब चीजें भी हो रही हैं... तीन दिनों तक सदन में ई-सिगरेट पीने की बात, मुझे लगता है कि यह एक बड़ा मजाक है। 🙄 लेकिन सौगत रॉय जैसे लोगों को अगर ऐसा करने का अवसर मिलता है, तो फिर क्यों नहीं? 🤷‍♂️

लेकिन सच्चाई यह है कि सदन में ई-सिगरेट पीने से कोई फर्क नहीं पड़ता, चाहे आप सरकार का नेता ही या विपक्षी। इसका उद्देश्य केवल एक है - लोकसभा में चर्चा बढ़ाना। 📢 और अगर इस तरह की बातचीत से चर्चा बढ़ जाए, तो यह अच्छा नहीं होगा? 🤔
 
अगर ऐसे लोग हों जो सदन में ई-सिगरेट पी रहे हैं तो फिर सारे विपक्षी सांसद भी उन्हें 'जंग' बनाने लगेंगे। लेकिन अगर कोई नेता अपने अधिकार का उपयोग नहीं कर पाता तो क्या? हमें अपने अधिकारों को समझना चाहिए और उन्हें पहचानना चाहिए, लेकिन फिर भी हमें अपने विपक्षी सांसदों से अच्छे से बात करनी चाहिए।
 
मुझे लगता है कि यह विवाद थोड़ा दिलचस्प है, लेकिन कुछ लोग जो सदन में ई-सिगरेट पीते हैं उन्हें 'जंग' बनाने लग रहे हैं। मेरे ख्याल में, अगर कोई ऐसा करता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि वो कुछ गलत कर रहा है। हमें अपने अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन इससे पहले कि किसी को 'जंग' बनाया जाए।

मुझे लगता है कि सरकार ने इस मुद्दे पर कुछ सोच लेनी चाहिए। यह एक अच्छा अवसर हो सकता है कि हमें अपने देश में ऐसे कुछ नए रूट्स और ट्रेड्स शुरू करने का मौका मिले।
 
संसद में ई-सिगरेट पीने का विवाद तो हमेशा से रहेगा, लेकिन यही बात है जिससे हमें शिक्षित होते हैं कि जब भी कोई नई चीज़ आती है, उसे समझने और अपने नियमों का पालन करने की जरूरत होती है। अगर सौगत रॉय और अन्य सांसद ई-सिगरेट पीने लगें, तो यह तो हमें सोचने पर मजबूर करता है कि सरकार के नियमों का हम विरोध नहीं कर सकते, फिर भी अपने अधिकारों का उपयोग करने की जरूरत होती है।
 
ਇਹ ਦेखने को मिला कि सरकार ने ਜਿੰਨਾ ਵੀਰਯਾ ਕਰ ਲਿਆ, ਤਾਂ ਅੱਗੇ ਸਮਝੋ। ਬਿਲ ਪਾਸ ਹੋ ਗਿਆ, ਲੇਕਿਨ ਜ਼ਰੂर ਘਟਨਾ ਤੋਂ ਘਟਨਾ ਵੱਲ ਦੌੜਦੇ ਹਨ। ਅੱਗੇ ਕਿਸੇ ਜਿਹੀ ਬਿਮਾਰੀ ਆਉਣ ਦੀ ਖ਼ਾਤਰ, ਜਿਸ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ 'ਤੇ ਕੁੱਪ' ਬਾਰੀਂ ਵਿਚਾਰਦੇ ਹਨ।
 
अरे, यह तो बहुत ही अजीब बात है कि सदन में ई-सिगरेट पीने का मुद्दा इतना बड़ा हो गया है। मुझे लगता है कि शायद ये विवाद थोड़ा गंभीर नहीं है, हमारी सरकार और सदन में लोग एक दूसरे को ज्यादा पसंद नहीं करते। लेकिन फिर भी, यह तो बहुत ही अजीब है कि कोई सांसद को 'ई-शहबाज' कह देते हैं।
 
सीनियर नेताओं में भी ऐसी गलतियां हो सकती हैं! 🤔 अनुराग ठाकुर की बात सुनकर लगता है कि सरकार और विपक्ष दोनों में ई-सिगरेट पीने वाले लोग हो सकते हैं। लेकिन इससे कुछ भी निकाल नहीं सकते। 🚭
 
अगर सदन में ई-सिगरेट पीने वालों में सौगत रॉय भी शामिल हो जाएं, तो यह दिखाएगा कि सरकार ई-सिगरेट पर बातचीत करने में सचमुच मुश्किल नहीं है। लेकिन अगर विपक्षी सांसद सदन में ई-Sig पी रहे हैं, तो यह तो एक और दिखावा है 🙄। मुझे लगता है कि सरकार को अपने विरोधियों को चुनौती देने के लिए समय आ गया है।
 
सौगत रॉय की ई-सिगरेट पीने की बात तो बस मनोरंजन की बात है, लेकिन जब ये मनोरंजन हमारे नेताओं के मुद्दे से जुड़ जाता है तो यह दिलचस्प हो जाता है 🤔। अनुराग ठाकुर की बात तो सही, अगर विपक्षी सांसद सदन में ई-सिगरेट पी रहे हैं और लोग उन्हें 'जंग' बनाने लगेंगे, तो यह एक बड़ा मुद्दा है 🚨। शायद सरकार को इस पर ध्यान देने की जरूरत है, न कि सौगत रॉय को एक व्यक्तिगत मुद्दे की बात करने पर 😊
 
अरे दोस्तों! ई-सिगरेट पीने का यह मुद्दा अब तो हर जगह फैल गया है... मुझे लगता है कि सरकार इस पर ध्यान देनी चाहिए, लेकिन इतनी जल्दी कुछ नहीं कर सकती। हमें अपने राज्यों में भी इस पर सोच-समझकर निर्णय लेने की जरूरत है। और यह बात सच है कि अगर विपक्षी सांसद भी ई-सिगरेट पीते हैं, तो कुछ लोग उन्हें 'जंग' बनाने लगेंगे। लेकिन मुझे लगता है कि हमें अपने राजनेताओं पर भरोसा करना चाहिए, और उनकी बातों पर ध्यान देना चाहिए।
 
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