अरुणाचल में जमी हुई झील में फिसलकर दो युवक डूबे: शव मिले, दोनों केरल के थे; लेक के ऊपर बर्फ की परत टूटने से हादसा

अरुणाचल में सेला लेक में फिसलकर दो युवक डूबे, दोनों केरल के थे। शव मिले, पर्यटकों को न जाने की सलाह दी गई। तवांग जिले में एक प्रमुख पर्यटन स्थल वाली सेला लेक में हादसा हुआ, जिसमें 2 युवक डूब गए।

इस हादसे में शुक्रवार को जल्दी शव मिला, जबकि शनिवार को दूसरा शव मिला। इन दोनों युवकों ने जमी हुई झील पर मौज-मस्ती कर रहे थे, जब उनके पैर जाने लगे। इसके बाद, उन्होंने अपने दोस्तों को पानी में उतरने की सलाह दी, लेकिन दोनों ही युवक बर्फीले पानी में गिर गए और डूब गए।

इस घटना ने बहुत सारे सवाल उठाए हैं। जब तक तवांग जिले में शीतल वातावरण के साथ-साथ कठिन ऊंचाई पर पर्यटन का काम किया जा रहा है, तब तक इससे बचने की सलाह दी गई है। इस हादसे ने तवांग जिले में एक महत्वपूर्ण सबक सिखाया है और यह भी संदेश दिया है कि जब तक पर्यटन का काम नहीं किया जाता, तब तक इससे दूर रहना चाहिए।

इस घटना के बाद, तवांग जिला प्रशासन ने जमी हुई झीलों पर वॉर्निंग बोर्ड लगाए गए हैं और पर्यटकों को इन जगहों पर नहीं आने की सलाह दी गई है।
 
मुझे लगता है कि यह घटना एक बड़ा संदेश देती है हमें अपने आसपास की सुरक्षा का ध्यान रखने का। तवांग जिले में पर्यटन का काम करना बहुत खतरनाक हो सकता है, इसलिए सरकार और प्रशासन को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। हमें अपने परिवार और दोस्तों के लिए सबसे पहले सुरक्षित रहने की कोशिश करनी चाहिए।

मुझे लगता है कि सरकार ने सही सलाह दी है पर्यटकों को इन जगहों पर नहीं आने की, लेकिन इसके बाद भी हमें अपने युवाओं को सुरक्षित रहने की शिक्षा देनी चाहिए। यह घटना हमें एक बड़ा सबक सिखाती है कि हमारे आसपास की सुरक्षा का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। 🚨💔
 
अरुणाचल में ऐसे हादसे होते रहते हैं, लेकिन यह एक बार फिर से हमें याद दिलाता है कि पार्टี้ करने से पहले विचार करना बहुत जरूरी है। जैसे मैंने भी अपने बचपन की यादों को देखा, पर्यटन स्थलों पर मजाक कर रहे लोगों को कभी-कभी शिकायतें आती हैं। तवांग जिले में यह घटना बहुत बड़ी है और अब जरूरी है कि इस जगह पर वॉर्निंग बोर्ड लगाए जाएं और पर्यटकों को याद दिलाया जाए कि सावधानी बरतनी चाहिए। 🚨
 
मेरे दोस्तों को, अरुणाचल प्रदेश में यह तो हमारे लिए सबक है कि जब तक ऊंचाई पर चढ़ना और शीतल वातावरण का आनंद लेना नहीं छोड़ दिया जाता, तब तक ऐसी भी घटनाएं न हों। इस हादसे में हमारे दो युवक डूब गए, और यह सब एक सीख है कि पर्यटन के साथ-साथ सुरक्षा का खास ध्यान रखना जरूरी है।

मुझे लगता है, अगर जमीनी स्तर पर भी हमें तैयारी करनी चाहिए। अरुणाचल प्रदेश में तवांग जिले में शीतल वातावरण के साथ-साथ कठिन ऊंचाई पर पर्यटन का काम जारी रखना हमारी सरकार की जिम्मेदारी है। तो जब तक हमें वहाँ नहीं जाने देते, तब तक यह घटनाएं न हों।

किसी भी पर्यटक स्थल पर पहले से ही वॉर्निंग बोर्ड लगाना चाहिए और उन्हें सुरक्षित परिवहन के साथ-साथ सावधानियां बरतने के लिए सलाह देनी चाहिए। तो अगर हम सब मिलकर मिलकर इस तरह की घटनाओं को रोक सकते हैं तो यह अच्छा होगा।
 
मुझे लगता है कि तवांग जिले में शीतल वातावरण के साथ-साथ कठिन ऊंचाई पर पर्यटन करना एक बहुत ही स्वस्थ और सुरक्षित विकल्प है। यह देश की खूबसूरतता और विविधता को दिखाने का एक अच्छा तरीका है और हमें अपने पर्यटन उद्योग को विकसित करने में मदद करता है।

यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं है, बल्कि हमारी खुलेपन और अनिवार्यता का एक नतीजा है। अगर हम अपने आप को इतने अवरुद्ध रखते थे, तो यह नहीं होता। अब जब हमें अपने पैरों पर खड़े होकर देखने का मौका मिला, तो आइए इसका सीख लें और आगे बढ़ें।

वॉर्निंग बोर्ड लगाने और पर्यटकों को नहीं आने की सलाह देने से हमें एक नई दिशा में चलने का अवसर मिल सकता है। आइए हम अपने पर्यटन उद्योग को विकसित करने के लिए नए और अनोखे तरीके ढूंढें।
 
अरे भाई, यह तो बहुत दुखद है कि कैसे दो युवक अपनी मज़े में गिर गए। उनके लिए जान लेना कितना दुर्भाग्य सा है। तवांग जिले में पर्यटन का काम करना जरूरी है, लेकिन इतनी खतरनाक नहीं होना चाहिए। सरकार और प्रशासन को ऐसे हादसों को रोकने के लिए कुछ न कुछ करना चाहिए, जैसे कि सुरक्षा के बोर्ड लगाना और पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह देना। हमें अपने पर्यटन स्थलों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। श्रद्धांजलि वे दोनों युवकों को। 🙏💔
 
अरे भाई, यह घटना बहुत ही चोटकारी है... तवांग जिले में शीतल वातावरण के साथ-साथ कठिन ऊंचाई पर पर्यटन का काम करना एक बड़ा खतरा है। अगर पहले ही नहीं किया गया तो अब दूसरे लोगों को भी इस तरह की चोट लगने का मौका नहीं मिलना चाहिए। सरकार और पर्यटन विभाग को अपने विचारों को एक साथ लाकर सुरक्षित यात्रा के नियम बनाने चाहिए, ताकि आगामी वर्षों में इस तरह की घटनाओं का रुकावट लग सके।
 
अरे वाह, सेला लेक में फिसलकर डूबने की क्या जानबूझकर करनी थी? ये दोनों युवक तो जरूर अपने परिवार को बहुत प्यार करते थे, न कि अपनी जान बचाने को। अब तवांग जिले में पर्यटन करना और भी खतरनाक हो गया है, तो चलिए फिर से सोचते हैं कि कैसे इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

और यह बात, तवांग जिला प्रशासन ने जल्दी ही वॉर्निंग बोर्ड लगाने चाहिए, लेकिन अब तो यह भी जरूरी है कि पर्यटकों को इन जगहों पर नहीं आने की सलाह दी गई हो, और वॉर्निंग बोर्ड लगाए गए हों।

मुझे लगता है, अगर हमारे पास इतनी सारी जानकारी होती, तो इन जगहों पर जाने से पहले यही सलाह देनी चाहिए कि तुम्हें अपनी जान बचाने के लिए।
 
यह तो बहुत बड़ा घटना हुआ, दोनों युवक कैसे गिर गए? उनके पैर जाने लगे तो औरतें भी डूब जाएंगी, यह सोचकर मैं घबराया हुआ हूँ। तवांग जिले में पर्यटन का काम करने से पहले सभी को जानकारी देनी चाहिए, कि यहाँ कैसे पानी में उतरना है और खतरे कैसे हैं। अगर तो हम सब सावधानी बरतकर जाएं तो इससे निपटना आसान होता।
 
मुझे ये घटना बहुत गंभीर लगती है 🙏। तवांग जिले में सेला लेक पर्यटन को बढ़ावा देने के निर्णय के बाद इस तरह की घटनाएं घट रही हैं। यह हमारी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्धि का दुरुपयोग करने का एक उदाहरण है। पर्यटकों को सूचित करने के अलावा, सरकार को भी अधिक सुरक्षा उपायों के लिए कदम उठाने चाहिए। 🚨

शव मिलने से पहले तो दोनों युवकों को पानी में उतरने की सलाह दी गई थी, लेकिन वे अपने दोस्तों के साथ मौज-मस्ती कर रहे थे। यह हमारे समाज में जिम्मेदारी और सावधानी की कमी का एक उदाहरण है। 🤦‍♂️

अब तवांग जिले में जमी हुई झीलों पर वॉर्निंग बोर्ड लगाए गए हैं और पर्यटकों को इन जगहों पर नहीं आने की सलाह दी गई है। यह एक अच्छा निर्णय है, लेकिन इसके साथ ही सरकार को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अधिक प्रयास करने चाहिए। 🚫

मैं उम्मीद करता हूँ कि आगे ऐसी घटनाएं न होंगी। हमें अपने पर्यटन उद्योग को विकसित करने और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। 🌟
 
अरे, ये बहुत बड़ा हादसा हुआ, तवांग जिले में सेला लेक में। दोनों युवक डूब गए, शुक्रवार और शनिवार को शव मिले। यह तवांग जिले में बहुत बड़ा सवाल उठाता है कि पर्यटकों की सुरक्षा कैसे करनी है, जब उनका मन लग जाए तो खतरा है। जल्दी वॉर्निंग बोर्ड लगाने और पर्यटकों को सलाह देने से इससे बचने की कोशिश की जा सकती थी।
 
ਇਸ ਘਟਨਾ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੈਂ ਕਿਹਾ ਜਾਏ, ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਉਸ ਲੱਗਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਕਿ ਆਪਣੇ ਮੁੜ-ਵਾਧੇ ਅਤੇ ਮਨੋਰੰਜਨ ਲਈ, ਭਾਵੇਂ ਸਥਾਨਕ ਬਿਲਡਿੰਗਾਂ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਉੱਚੀ ਹੋਵੇ, ਜੇਕਰ ਆਪ ਅਸਲੀ ਮਨੋਰੰਜਨ ਦਾ ਸ਼ੌਕੀਨ ਹੈ।
 
ਹाँ, ਇਹ ਸੋਚਣਾ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ। ਅਰुणਾਚਲ ਵਿੱਚ ਫਿਲਮ ਦੇ ਪਸ਼ਾਵਰ ਸਥਾਨਾਂ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਜੋ ਪ੍ਰਕ੍ਰਿਆ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਉਹ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਟੀਚਰ ਅਤੇ ਵਾਤਾਵਰਣ ਦੁਆਰਾ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਸੀ।
 
अरुणाचल में इस तरह के हादसे होना बहुत चिंताजनक है 🤕, यह तो सोच लेना जरूरी है कि कैसे पर्यटन के नाम पर जाने-पहचाने स्थलों पर और भी अधिक बुराई हो सकती है। अगर जमी हुई झीलों पर वॉर्निंग बोर्ड लगाए गए तो अच्छा है लेकिन इसके लिए जरूरी है कि पर्यटकों में जागरूकता भी बढ़े। इसके अलावा, तवांग जिले में शीतल वातावरण के साथ-साथ कठिन ऊंचाई पर पर्यटन का काम करने से पहले इसके खिलाफ सभी प्रकार के जोखिमों को समझना चाहिए।
 
बहुत सारे लोग तवांग जिले में गिरी हुई एक झील को देख रहे थे, लेकिन किसी ने भी इसका ध्यान नहीं दिया। यह वही मोहनटा ट्रैक है जहां पर ये दोनों युवक डूब गए, जिसमें से पहले भी कई अन्य घटनाएं हुई थीं। अगर हम इस तरह की खतरनाक गतिविधि को रोकना चाहते हैं, तो मुझे लगता है कि हमें यहां पर पुल या बांध बनवाने की जरूरत है। लेकिन जब तक हम ऐसा नहीं करते, तब तक यहां पर खेलने की जगह नहीं बन रही।
 
बात कर रही है यह हादसा, तवांग जिले में ऐसा क्यों हुआ? जब तक वहाँ पर्यटन का काम किया जा रहा है, तब तक इससे बचने की सलाह देनी चाहिए। और भी ऐसा लगता है कि जमी हुई झीलों में सुरक्षा की ताकत निकल गई है। मुझे लगता है कि यह एक बड़ा सबक है, जिसने हमें सीखने को दिया है कि जब तक पर्यटन का काम नहीं किया जाता, तब तक इससे दूर रहना चाहिए।

मैं अपनी दोस्तों के साथ वहाँ घूमने के लिए कभी नहीं कहूंगी, मुझे यह बात समझ में आती है। तवांग जिले में पर्यटन का काम करने वाले लोगों को हमेशा सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

🏔️
 
ये बहुत भयावह है यह घटना 🤕, मुझे लगता है कि तवांग जिले में पर्यटन को नियंत्रित करने की जरूरत है, वॉर्निंग बोर्ड लगाने से पहले हमें शीर्ष पर्यटकों को सावधान करने की जरूरत है 🚨। जमी हुई झीलों पर पर्यटन का मामला तो बहुत भयानक है, अगर वॉर्निंग बोर्ड न लगाते तो दूसरे शव मिल जाएंगे 😱। तवांग जिले के प्रशासन को अपनी पकड़ में लेने की जरूरत है और पर्यटन स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए 🙏
 
🌊 ये तो बहुत बड़ा मुद्दा है 🤯, जब तक हमारे देश में पर्यटन का काम जारी रहता है, तब तक इससे बचने की कोई निश्चित तरीका नहीं है। शायद अगर लोगों को पहले से ही इन जगहों पर जाने से पहले सलाह दी जाती, तो इस तरह की घटनाएं न होतीं। और अब जब हमारी सरकार ने वॉर्निंग बोर्ड लगा दिए हैं, तो फिर क्या बदलाव आएगा? 🤔
 
मैंने सुना है कि अरुणाचल में तवांग जिले की सेला लेक में 2 युवक डूब गए। यह बहुत दुखद है। मुझे लगता है कि वार्निंग बोर्ड लगाना एक अच्छा कदम है, लेकिन मैं समझ नहीं पाता, क्योंकि अगर वार्निंग बोर्ड तो लगा हुआ है, तो फिर पर्यटकों से न जाने की सलाह देना सही है? 🤔

मेरी बहन ने हाल ही में अरुणाचल पहुंची थी, वह बहुत प्यार की जगह लगाई थी। लेकिन उसने कहा है कि वहां की बर्फीली सड़कें बहुत दूर कर रही हैं। मैं समझ नहीं पाता, यानी वहां की सड़कें इतनी दूर क्यों? 🚗

मुझे लगता है कि हमें अपने परिवार और दोस्तों को ऐसी जगहों पर जाने से पहले बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। लेकिन मैं नहीं समझ पाता, क्योंकि अगर हमें सावधानी बरतनी है, तो फिर वहां का आनंद नहीं लेने दिया जा सकता। 🤷‍♀️
 
मुझे ये बहुत दुखद है 🤕, जब तक हमारे पास सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती, तब तक लोग नुकसान उठाते रहते हैं। यह तो अच्छी बात है कि अब वॉर्निंग बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन फिर भी हमें अपने पर्यटन स्थलों की सुरक्षा के बारे में थोड़ा सोच-समझकर चलना चाहिए। तवांग जिले में पर्यटन का काम करना अच्छा है, लेकिन यह भी जरूरी है कि हम अपने यात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों की सुरक्षा में विश्वास करें।
 
Back
Top