अरुणाचल में ट्रक खाई में गिरा, 21 की मौत: जिंदा बचा एक मजदूर 2 दिनों तक पैदल चलकर आर्मी कैंप पहुंचा, तब हादसे की जानकारी मिली

अरुणाचल प्रदेश के अनजॉ जिले के हयुलियांग इलाके में एक ट्रक 1000 फीट गहरी खाई में गिर गया। इस हादसे में ड्राइवर और क्लीनर समेत 21 की मौत हो गई। बचाव दल को 18 शव मिल चुके हैं। यह हादसा 8 दिसंबर का है। जानकारी गुरुवार को सामने आई।

हादसे में एक व्यक्ति जीवित बचा था, जो दो दिन तक पैदल चलकर किसी तरह आर्मी कैंप पहुंचा। इसके बाद आज सुबह आर्मी के बचाव दल की टीमें मौके पर पहुंचीं। टीम को घटनास्थल पर पहुंचने में 10 से ज्यादा घंटे लगे।

हादसे वाली जगह चगलगाम से लगभग 12 किलोमीटर आगे पहाड़ी और घने जंगल वाला इलाका है। यहां बहुत ही कम आवाजाही होती है।

ट्रक हादसे से जुड़ी तस्वीरें...

इस रोड की चौड़ाई 10 फीट से भी कम है। इस रोड पर ट्रक गिर गया था, जिससे यह दूर से नजर नहीं आ रहा था। बचाव टीमों को 18 शव मिल चुके हैं, जिन्हें बेले रोप्स की मदद से ऊपर लाया जा रहा है।

अनजॉ के ADC हायुलियांग ने बताया कि जिला परिषद सदस्य और चगलगाम के ठेकेदारों से भी पूछताछ की जा रही है, जिससे मजूदरों की पहचान की जा सके।
 
अरुणाचल प्रदेश में ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं बहुत ही अक्सर होती रहती हैं... 🤕 1000 फीट गहरी खाई में ट्रक गिरने से जान लेना एक बड़ा झटका है... क्या सरकार द्वारा ऐसे खतरनाक इलाकों पर नजर रखी जाएगी? इसके बाद भी मजदूरों को जान बचाने में इतनी देर लग रही है... 🚗🕰️

कुछ साल पहले भी यही तरह का हादसा हुआ था, और तब भी ज्यादातर शव ढूंढने में विफल हो गए थे... इसके लिए हमें सरकार को जवाबदेह बनाने की जरूरत है... 💔 न केवल मजदूरों का जीवन खतरे में रहता है, बल्कि उनके परिवार का भी भविष्य सुनाहा जाता है...

तस्वीरें देखने से लगता है कि ट्रक गिरने के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए आकर चले थे, लेकिन अभी तक पुलिस और अन्य अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है... इसके लिए मुझे लगता है कि हमें ऐसे मामलों में सख्त जवाबदेही की आवश्यकता है... 🚔
 
मैंने देखा है कि लोग अक्सर रोड़ पर ट्रक को 1000 फीट गहरी खाई में गिरने की बात कर रहे हैं। लेकिन ये सच नहीं है। ये तो एक पुरानी बात है। मैंने सुना है कि इस जगह पर कई वर्षों से ट्रक गिरा हुआ था, और खाई बहुत गहरी थी। यहां की जंगल बहुत घनी है, इसलिए लोग अक्सर गलत दिशा में चले जाते हैं और रोड़ से बाहर जाकर फंस जाते हैं। मुझे लगता है कि इस हादसे को भी बहुत अधिक सावधानी से निगरानी की जानी चाहिए।
 
यार, यह तो बहुत बड़ा हादसा हुआ है अनजॉ में... 1000 फीट गहरी खाई में ट्रक गिर गया और ड्राइवर से लेकर क्लीनर तक 21 की मौत हो गई... यह तो बहुत दुखद है... पुलिस और आर्मी ने पहले ही बचाव शुरू कर दिया था, लेकिन इतनी जगह और घने जंगल वाले इलाके से टीमों को बहुत समय लगा... 18 शव मिल चुके हैं, जिनके शव अब भी उनकी परिवारों को नहीं देने दिया गया है... यह तो सरकार और पुलिस को भी बहुत खेद करना होगा... अनजॉ में इतने जगहों वाला इलाका क्यों है?
 
अरुणाचल प्रदेश में ट्रक 1000 फीट गहरी खाई में गिर गया, इसमें ड्राइवर और अन्य लोग 21 की हुई, यह बहुत दुखद है 🤕। मजूदरों को जीवित बचाने में भी संघर्ष हुआ था जो एक व्यक्ति तीन दिन तक पैदल चलकर आर्मी कैंप पहुंचा। इसके बाद भी बचाव टीमों ने 18 शव मिलाए, यह बहुत बड़ा हादसा है।

रोड पर आवाजाही कम होने से ये हादसा दूर से नजर नहीं आ रहा था, और मजूदरों को भी वहाँ पहुंचने में कई घंटे लगे। इस रोड की चौड़ाई 10 फीट से भी कम है, यह जानकर हमें शर्मिंदा महसूस होती है कि लोग ताकतवर उपकरणों और सुरक्षित यातायात नीतियों को नहीं लेते।
 
अरे बातें हैं इस दूरदराज के इलाके में बस इतना सामान क्या चल सकता है? 1000 फीट गहरी खाई में तो ट्रक गिरना ही है। और वहां तो अभी भी चगलगाम जैसे इलाके हैं जहां रोड की चौड़ाई 10 फीट से कम हो। यह एक बड़ा दुर्घटना थी, लेकिन अभी तक बचाव टीमों को तो अभी भी शव मिल रहे हैं। वह दो दिन तक पैदल चलकर जीवित बच गया क्या? और उसके बाद भी कौन सी मदद मिली। यह जरूर है कि मजूदरों की पहचान होनी चाहिए, लेकिन यह भी पता लगाने के लिए ADC को और अधिक जानकारी की जरूरत है।
 
यह एक बहुत बड़ा दुखद घटना है जो हमारे जंगलों में घटित हुई है। 1000 फीट गहरी खाई में ट्रक गिरने से जान जान भर गई। पुलिस और अन्य एजेंसियां जो काम कर रही हैं उनका शुक्रिया जिसे करना पड़ रहा है।

मुझे लगता है कि हमारे देश में जंगलों की रक्षा बहुत जरूरी है, खासकर ऐसे इलाकों में जहां आवाजाही कम होती है। इससे हमारे बच्चों और बड़ों दोनों को खतरा होता है।

जैसे ही, जीवित व्यक्ति की कहानी सुनकर बहुत प्रसन्नता महसूस हुई। वह दो दिन तक पैदल चलकर आर्मी कैंप पहुंचा, इसकी सच्चाई पर मुझे गर्व है।

बचाव दल ने भी बहुत कड़ी मेहनत की, जिसमें उन्होंने 18 शवों का सामना करना पड़ा। उनका यह साहस और सहनशीलता प्रकाशित करता है।
 
बुराई में गहराई नहीं पड़नी चाहिए 🙅‍♂️, यहां एक ड्राइवर को मौत के घेरे से बचाया गया, लेकिन अभी भी मजूदरों की पहचान हुई तो भी उनकी आँखें नहीं खुल पाएंगी 😔
 
यह बहुत बड़ा दुर्घटना हुआ, 21 लोग जान गवाई और एक को बचाया गया, यह तो बहुत दुखद है 🤕। मुझे पता है यह रोड़ बहुत संकटपूर्ण है, कई बार मैंने वहां घूमते रहा हूँ, 10 फीट चौड़ाई की रोड़ पर जाना बहुत खतरनाक है। और ये इलाका इतना विस्तृत है कि वहां से मदद आने में कई घंटे लग सकते हैं... 🚨
 
मुझे इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से बहुत दुख हो रहा है 🤕। यह ट्रक 1000 फीट गहरी खाई में गिर गया, जिसमें 21 लोगों की जान गई। 18 शव अभी तक ढूंढ लिए गए हैं और बचाव दल उनको आराम से उठा रहा है।

मुझे लगता है कि इस घटना में एक बड़ा दोषी है वहां की रोड की चौड़ाई, जो 10 फीट से भी कम है, और वहां की आवाजाही भी बहुत कम है। यहां पर ट्रक गिर गया था, लेकिन दूर से नजर नहीं आ रहा था।

मैं इस घटना के लिए शोक मनाता हूं, और मुझे उम्मीद है कि जिले की सरकार जल्द से जल्द मजूदरों की पहचान करेगी और उनके परिवारों को न्याय दिलाएगी।
 
यह बहुत दुखद खबर है 🤕 अरुणाचल प्रदेश में ऐसे हादसे तो होने वाले ही नहीं दिखते। ट्रक गिरने पर इतनी बारीकी से खाई में जाने कैसे हुआ? शायद यहाँ भी आवाजाही कम होने के कारण लोगों को पता नहीं था। रोड की चौड़ाई 10 फीट से कम है तो यह और भी खतरनाक है। अब जीवित बचे व्यक्ति को हमें आशीर्वाद मिलना चाहिए।
 
अरे यह तो मुश्किल हो गया है… तीन दिन पहले वहां ट्रक गिरा और अब तक बचाव कैसे करें? 10 घंटे तक पहुंचना सुनकर मन में सवाल उठते हैं कि क्या मजदूरों ने वास्तव में जीवित बैठे थे या फिर कोई बेइज्जत हो गई। और फिर भी प्रेस कांफरेंस में ऐसा कहना कि मजदूर जीवित बच गए, यह तो सही नहीं है। क्या सच्चाई तो यह है कि हमारे देश में मदद करने का कोई इच्छुक नहीं है?
 
यह तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है 🤕, एक ट्रक ने इतनी गहरी खाई में गिर कर 21 लोगों की जान गई। और इसके बाद भी बचाव दल को इतना समय लगा, यह तो बहुत ही शर्मिंदगी है। हमारे देश में इतनी सारी सड़कें और पहाड़ी इलाके हैं लेकिन क्या हम उनकी सुरक्षा के बारे में कभी सोचते हैं? और यह तो एक मजदूरों की जान गई, उनकी परिवारों को भी बहुत दर्द होगा। हमें ऐसी घटनाओं से सीखने की जरूरत है और सड़कों की सुरक्षा के बारे में सरकार को भी पूरी तरह से सुनिश्चित करना चाहिए।
 
अरुणाचल प्रदेश में एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ है जो हमें सोचने पर मजबूर कर रहा है। 1000 फीट गहरी खाई में गिरे ट्रक में ड्राइवर और क्लीनर समेत 21 की जान गई। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना चगलगाम से लगभग 12 किलोमीटर आगे पहाड़ी इलाके में हुई, जहां आवाजाही बहुत कम होती है।

मेरा मन यह सोचता है कि जैसे-जैसे हमारा देश बढ़ता रहेगा, इन तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोकने के लिए हमें और भी अधिक सावधान रहना होगा। जिस मजूदर ने ट्रक में फंसकर जीवित बचाया, उसे अपने जीवन के प्रति बहुत बड़ा सम्मान देना चाहिए।

अब जबकि हम यहां तक पहुंच गए हैं, लेकिन इस तरह की घटनाओं से रोकने के लिए और भी काम करना जरूरी है।
 
🚨👮‍♂️😱 1000 फीट गहरी खाई में ट्रक गिर गया, 21 लोगों की मौत 🤯🚧
पैदल चलकर जीवित बचा हुआ व्यक्ति, आर्मी कैंप पहुंचा 🏃‍♂️👥
कम आवाजाही और चौड़ी रोड पर गिरने से दूर नहीं आ पाया 🚗😳
बचाव टीमों ने 18 शव मिले , मजूदरों की पहचान होने का दौर 😩👮
 
अरे वाह, यह ट्रक गिरना तो बहुत अजीब है… 1000 फीट गहरी खाई में गिरना और फिर भी ड्राइवर और क्लीनर समेत 21 की मौत हो जाना। यह तो मजाक नहीं है। और फिर से बचाव दल को इतना समय लेने का क्या मतलब? 😂

जिस जगह पर यह घटना हुई, वह तो बहुत अजीब है… रोड की चौड़ाई 10 फीट से भी कम होने का क्या हाल? और इलाका इतना घना जंगल वाला होता है कि वहां से दूर से नहीं दिखाई देता। यह तो एक बड़ा खतरा है। क्या सरकार की ओर से ऐसे इलाकों में रोड बनाने की योजना नहीं है? 🤔
 
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