असम सीएम हिमंत सरमा ने कांग्रेस सांसद पर लगाया बड़ा आरोप, कहा- देश के सामने सच्चाई…

असम के मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने कांग्रेस सांसद पर बड़े आरोप लगाए हैं, जिन्हें यह कहकर लोगों को ठुकराया गया है कि देश के सामने सच्चाई हमेशा छुपी रहती है। उन्होंने एक फोटो पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा, जिसमें असम के राष्ट्रपति बनने वाले 'कैप्टन' जिन्टू गोगोई को पाकिस्तान की बुलंदियों से मोड़ने का दृश्य प्रस्तुत किया गया है।

इस फोटो को कारगिल युद्ध की पृष्ठभूमि में देखें, तो यह पता चलता है कि असम के कई जवानों ने देश के लिए बलिदान दिया था। इन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरे देश के साथ खड़े होकर अपनी जान दे दी। यह देश की भावनाओं को दर्शाता है, और हमें यह याद दिलाता है कि कैसे एक राष्ट्रपति की जीत में देश की एकता और समर्थन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।

हालांकि, इस फोटो पर कांग्रेस सांसद ने संदेह व्यक्त किया है, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि देश की सच्चाई कभी छुपती नहीं है। यह सच्चाई हमेशा अपने आप में खड़ी रहती है और हमें यह सिखाती है कि सच्चाई और ईमानदारी हमेशा सबसे महत्वपूर्ण होती है।
 
असम की जीत का नतीजा देखने के बाद, मुझे लगता है कि यह एक बड़ा मोड़ हो सकता है। लेकिन संदेह व्यक्त करना ठीक है, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि सच्चाई हमेशा अपने आप में खड़ी रहती है। यह फोटो न केवल असम के राष्ट्रपति बनने वाले 'कैप्टन' जिन्टू गोगोई की प्रतिष्ठा को दर्शाता है, बल्कि यह देश की एकता और समर्थन को भी प्रदर्शित करता है। हमें यह याद दिलाना चाहिए कि कैसे एक राष्ट्रपति की जीत में देश की एकता और समर्थन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, और हमें यह सिखाता है कि सच्चाई और ईमानदारी हमेशा सबसे महत्वपूर्ण होती है।
 
अरे, इस फोटो पर तो बहुत संदेह लग रहा है, लेकिन मुझे लगता है कि याद रखें कि कैप्टन जिंटू गोगोई को पाकिस्तान की बुलंदियों से मोड़ने का दृश्य वास्तव में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जवानों ने अपनी जान देने वाले बलिदान को दर्शाता है। यह सच्चाई हमेशा अपने आप में खड़ी रहती है और हमें ईमानदारी और सत्य का महत्व सिखाती है।
 
"जब भी तुम परिस्थितियों को नियंत्रित करने का प्रयास करते हो, तब तुम वास्तविकता से दूर जाते हो।" 👊
 
अरे, तो ये फोटो देखो, जिन्तू गोगोई नामक लोग के पास है, और उन्हें पाकिस्तान से मोड़कर दिखाया गया है... अरे क्यों? आमतौर पर हमारी सरकार द्वारा किया जाने वाला काम तो युद्ध के बाद करना चाहिए, न कि पाकिस्तान की बुलंदियों से मोड़ना। और फोटो में कौन है, असम के जवान होने की बात? लेकिन इसके बावजूद भी, मुझे लगता है कि हमारे देश के लिए यह एक अच्छी तस्वीर है।
 
अरे, देखिए, इस फोटो पर क्या कहना है? असम के जवानों ने अपनी जान देने के बाद भी देश के लिए एकता और समर्थन का प्रतीक बन गया है। लेकिन कांग्रेस सांसद पर आरोप लगाए जाने से यह सब तो कहीं अधिक गंभीर हो जाता है 🤔

क्या यह सच्चाई छुपी रहेगी? नहीं, हमें लगता है कि देश की सच्चाई कभी भी अपने आप में खड़ी रहती है और हमें ईमानदारी और सच्चाई की कीमत समझनी चाहिए 💪

लेकिन, यह सवाल उठता है, क्या यह फोटो तो एक विज्ञापन था? कि असम में कैप्टन जिन्टू गोगोई की जीत को देश के लिए बलिदान के रूप में दिखाया जाए? 🤷‍♂️

कोई जवाब नहीं है, क्या आपको लगता है कि यह सच्चाई है? या यह तो एक पॉलिटिक्स था? 💬
 
अरे, ये फोटो देखकर तो मुझे खेद है, असम के जवानों की बहनत पर ऐसा उपयोग करना कितना दुर्भाग्यपूर्ण है 🤕। अगर हमारे देश के लिए बलिदान देने वालों को सोने जैसा सम्मान नहीं मिला, तो यह सच्चाई कहाँ है? 🙅‍♂️

और क्या इस फोटो पर पाकिस्तान की बुलंदियों से मोड़ने का दृश्य थोड़ा भ्रष्टचार की तरह लग रहा है, जैसे अगर हमारे जवानों को 'कैप्टन' जिन्टू गोगोई की तरह सिर्फ अपनी पहचान दिखाकर पाकिस्तान से मिलवाना चाहते हैं? 🤔

लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमें सच्चाई और ईमानदारी पर ध्यान देना चाहिए, न कि कोई फोटो या उपयोग से। असम के मुख्यमंत्री की बात मान लेते हैं तो उनकी भावनाओं को समझने की जरूरत है, लेकिन इस तरह के दृश्यों को उपयोग न करना चाहिए। 💬
 
अरे, देखो यह फोटो तो बहुत ही दिल को छू लेती है, जिन्तू गोगोई जी की जीत का यह दर्शन पूरे असम के लिए एक नई उम्मीद का संकेत है 🙌। मैंने ऑपरेशन सिंदूर की कहानी पढ़ी थी, और मुझे लगता है कि यही भावना हमारे राष्ट्रपति बनने वाले जिन्तू गोगोई जी की जीत को दर्शाती है। उनकी इस जीत से देश के लिए एक नई दिशा की शुरुआत होने वाली है, और हमें सभी एकजुट होकर इस मision को पूरा करने की तैयारी करनी चाहिए। मैं उनके सफर पर बहुत उत्साहित हूँ, और मुझे लगता है कि यह देश की एकता की भावना को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। 🇮🇳
 
यह फोटो तो बहुत ही खेदी भरी है, क्योंकि वहां कैप्टन जिन्टू गोगोई को पाकिस्तान की बुलंदियों से मोड़ने का दृश्य दिखाई देता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि असम के जवानों ने अपने बलिदान को गलत तरीके से दिखाया है। यह फोटो हमें याद दिलाती है कि असम के कई जवानों ने देश के लिए ऑपरेशन सिंदूर में अपनी जान दे दी थी, और उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।

लेकिन, फोटो पर कांग्रेस सांसद का संदेह करना तो सही नहीं है, क्योंकि देश की सच्चाई कभी छुपती नहीं है। यह फोटो हमें याद दिलाती है कि सच्चाई और ईमानदारी हमेशा सबसे महत्वपूर्ण होती है, और हमें अपने देश और उसके लोगों के प्रति वफादार रहना चाहिए।
 
😊 इस फोटो पर बोले हिमंत सरमा ने कांग्रेस सांसद को धमकाया है, लेकिन मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ा आरोप है। क्योंकि जैसे तुमने बताया है, उस फोटो में असम के कई जवानों ने अपनी जान दे दी थी। और अब जब उन्हें राष्ट्रपति बनाने वाला देखा जा रहा है, तो उन पर धमकी देने का मतलब यह है कि हमारी बोलचबोली में कुछ गलत है। 🤔

मुझे लगता है कि असम के लोगों को अपनी स्वतंत्रता और समृद्धि के लिए लड़ने वालों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने देश के लिए बलिदान दिया था, और अब जब वे राष्ट्रपति बनने वाले हैं, तो उनकी बोलचबोली को कम महत्व देना नहीं चाहिए। 🙏

हमें यह याद रखना चाहिए कि सच्चाई हमेशा अपने आप में खड़ी रहती है, और ईमानदारी हमेशा सबसे महत्वपूर्ण होती है। लेकिन इस मामले में, मुझे लगता है कि यह फोटो एक बहुत बड़ा प्रतीक है, जो हमें देश की एकता और समर्थन की भावना को दर्शाता है।
 
क्या तुमने कभी सोचा है कि देश की सच्चाई हमेशा खुलकर नहीं बतायी जाती? लेकिन फिर भी, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि सच्चाई हमेशा अपने आप में खड़ी रहती है। जैसे कि असम के जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी जान दे दी, उनकी बहादुरी और एकता को हमेशा याद रखें। यह फोटो हमें याद दिलाता है कि कैसे एक राष्ट्रपति की जीत में देश की एकता और समर्थन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। तो आइए, सच्चाई को हमेशा अपने आप में खड़े रखें और ईमानदारी से आगे बढ़ें। 🙏💪
 
सच्चाई तो हमेशा आगे बढ़ती है, लेकिन कभी-कभी लोगों को यह नहीं मिलता कि सच्चाई कहाँ है 🤔। असम के मुख्यमंत्री ने देश के सामने एक सच्ची तस्वीर प्रस्तुत की, लेकिन कांग्रेस सांसद को यह नहीं लग रहा है। लेकिन हमें यह याद रखना चाहिए, जीतने वाला राष्ट्रपति असल में देश की एकता और समर्थन का प्रतीक होता है, न कि व्यक्तिगत ही 🙏
 
असम के मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने कांग्रेस सांसद पर आरोप लगाए हैं तो भी मुझे लगता है कि यह फोटो किसी बहुत बड़े मुद्दे को ध्यान में लेने का सही तरीका है। अगर हम इस फोटो को कारगिल युद्ध की पृष्ठभूमि में देखें, तो यह असम के कई जवानों की बलिदानी ज़िंदगी को दर्शाता है जिन्होंने अपनी जान दे दी थी।

कोई भी राजनीतिक मुद्दा इस फोटो से पास नहीं होगा। लेकिन अगर हम सच्चाई और ईमानदारी पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो यह फोटो हमें यह याद दिलाता है कि एक राष्ट्रपति की जीत में देश की एकता, समर्थन और संयुक्त प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
 
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