अटारी बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी: पाक सैनिकों को ललकारते दिखे भारतीय जवान, आर्मी डॉग और बच्चों के करतब; न गेट खुले न मिठाई बंटी - Amritsar News

ऐसे में तो भारत और पाकिस्तान दोनों देशों ने कुछ भी नहीं कहा, लेकिन फिर भी जवानों ने अपना खास स्टाइल दिखाया। बाइक पर पिरामिड बनाकर, अलग-अलग स्टंट करते हुए लोगों को झूला देना, ये सब तो बहुत मजेदार है! 🤩 लेकिन मैं यही कह सकता हूं कि अगर हमें अपने देश के जवानों को बधाई देनी चाहिए, तो जरूरी है कि हम उनके साथ खड़े हों और उनकी जिम्मेदारी का सम्मान करें। 👏
 
मुझे लगता है कि यह सीरेमनी में जवानों ने थोड़ी देर लूट ली, ये सब थोड़ा कमरेड था 🤪। बाइक पर पिरामिड बनाकर और झूला देना तो मजेदार लगे, लेकिन क्या इससे उनके सैनिक जिम्मेदारी को नहीं आंक माना? और ढोल पर भांगड़ा करते हुए यह एक बच्चों की पार्टी थी, ना कि रिट्रीट सेरेमनी 🎵
 
ये तो वाकई में जवानों की ऊर्जा और खुशियाँ देखने को मिली। उन्होंने अपनी दिशा को स्पष्ट रूप से बताया और लोगों को प्रेरित किया। बाइक पर पिरामिड बनाकर और स्टंट करते हुए वास्तव में बहुत मज़ेदार था। ढोल पर भांगड़ा करने वाली युवक-युवतियों ने लोगों को हंसा दिया। बीएसएफ के जवानों ने भी अपनी प्रतिभा और जोश दिखाया। यह राष्ट्रीय ध्वज ऊंचाई पर होने से बहुत गर्व महसूस हुआ।
 
ऐसा लग रहा है कि युवाओं ने बहुत मेहनत कर ली है अपने देश को मिलकर ताज़ा बनाने की, जैसे उन्होंने अपने स्टंट्स और नृत्य के साथ सारी भावनाएँ जोश में बदल ली। ऑपरेशन सिंदूर का ये रिट्रीट सेरेमनी बहुत ही खूबसूरत थी, जो दोनों देशों के बीच की प्रेम और समझ को दर्शाता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर उम्र के लोग इस कार्यक्रम में जोश और उत्साह के साथ भाग लिया।
 
बिल्कुल सही कहा जाता है! ऑपरेशन सिंदूर में जवानों ने अपने स्टंट्स दिखाकर देशभक्ति की भावना को बढ़ावा दिया। लेकिन क्या यह हमारे देश की सुरक्षा को और भी खतरे में नहीं डाल रहा है? बाइक पर पिरामिड बनाकर और ढोल पर भांगड़ा करना तो एक तरफ, लेकिन इसके पीछे क्या सच्चाई है? क्या हमने जवानों की सच्ची सेवा का मूल्य नज़रअंदाज़ कर दिया है? और यह भी सवाल उठता है, कि क्या इस तरह के स्टंट्स से युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है? 🤔
 
😊 यह सब कोई मजाक नहीं है... युवाओं का इस तरह से दिखावा दिखाना अच्छा लगता है। लेकिन हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि ये जवान हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया है।

मुझे लगता है कि यह सेरेमनी एक अच्छी बात है। लेकिन हमें यह भी सोचना चाहिए कि क्या हमारे युवाओं को ऐसी चीजें करने के लिए प्रोत्साहित की जाए। क्या वे अपने जीवन में कुछ और भी शामिल कर सकते हैं? 😐

लेकिन यह सिर्फ मेरी राय है। मैं समझता हूं कि युवाओं को अपने देश के लिए करने को तैयार रहना चाहिए। और अगर वे ऐसा करने का तरीका ढूंढना चाहते हैं, तो यह सेरेमनी एक अच्छा शुरुआत है। 🙏
 
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