Audio Clip Viral: अपने शिक्षक पर ही फायर हो गए कांग्रेस नेता, गाली देकर बोले- ‘मैं जानता हूं तुम BJP के चमचे हो’

राजस्थान कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता रेड्डी द्वारा वायरल हो रहे एक ऑडियो क्लिप में, उन्होंने अपने शिक्षक पर फायर किया। शिक्षक ने उस पर गाली देकर कहा, "मैं जानता हूं तुम बीजेपी के चमचे हो।"

रेड्डी को कथित तौर पर पूछते हुए सुना जा सकता है, "आपको मुझसे वोट लेने के लिए कहकर गांव में नहीं रहते, लेकिन आपको वहां वोटर लिस्ट में बदलाव का काम करने के लिए आधिकारिक तौर पर नियुक्त किया गया है।"

शिक्षक ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा, "मैं गांव में नहीं रहता, लेकिन मुझे वहां वोटर लिस्ट में बदलाव करने के लिए आधिकारिक तौर पर नियुक्त किया गया है।"
 
ਹੈਰਾਨੀ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਅੱਜ ਤੋਂ ਲੱਗ ਪਿਆ ਹੈ ਕਿ ਕੁਝ ਮਨੁੱਖ ਇਹ ਸਿਰਫ਼ ਦੌਲਤ ਅਤੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਪਾਰਟੀਆਂ ਦੀ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਨ ਦੀ ਉਮਰ ਵਿੱਚ ਆਪਣੇ ਸਮਝੌਤੇ ਅਤੇ ਵਿਲੱਖਣਤਾ ਨੂੰ ਕੀਟ-ਮਾਲ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਹਾਲਤ ਵਿੱਚ ਆ ਗਏ ਹਨ।
 
जी बिल्कुल तो यह ऑडियो क्लिप बहुत ही दिलचस्प है 🤔... मेरा मानना है कि रेड्डी जी के शिक्षक ने उन पर बहुत हार्दिक सवाल उठाए हैं, लेकिन फिर भी यह देखकर दुख हुआ कि वोटर लिस्ट में बदलाव करने के लिए आधिकारिक तौर पर नियुक्त किया गया है, तो यह तो एक बहुत बड़ा मुद्दा है... और रेड्डी जी को अपने शिक्षक से ये सवाल पूछने का दिन था 😅... लेकिन फिर भी हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वोटर लिस्ट में बदलाव होने से कोई भी राजनीतिक दल पर नुकसान नहीं पहुंचता है 🙏
 
😕 यह शिक्षक की बात सुनकर मुझे थोड़ा दुख हुआ, जो सच्चाई को बताने वाले होते, लेकिन ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं जैसे ज़हर देने वाले। रेड्डी नेता पर यह आरोप लगना स्वाभाविक नहीं है और उनकी पार्टी को भी इस मामले का गहन जवाब देना चाहिए।
 
ये ट्रेंड आ गया है... राजनेताओं को अपनी बुद्धिमत्ता दिखाने के लिए आपस में गाली-गलoch करना शुरू कर दिया है। लेकिन सवाल यह है कि उनके पास वोटरों की सच्चाई कैसे पता है? ये सिर्फ राजनीतिक ड्रामा है, लेकिन लोग इसको खूब मजाक में ले रहे हैं।
 
बिल्कुल भी सही माने जा रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं और सामाजिक स्थिति वालों को गांवों में वोट लेने के लिए कहकर नहीं रहना चाहिए। उनके साथ जुड़े अजनबी लोगों के लिए यह पूरी तरह से सही है।
 
तो यह क्या हुआ? रेड्डी जी ने शिक्षक से इतनी गाली दी कि आँखें बंद करके भी नहीं सुन पाया। मुझे लगता है कि राजनीति में ऐसा बहुत कम होता है... लेकिन तो हमारे देश में अब कौन सा व्यक्ति कोई गलती करने पर गाली देने वाला होने के लिए मजबूर हो जाता है? और ऐसे मामलों में क्या कानूनी कार्रवाई होती है?
 
🤔 रेड्डी जी की बात सुनकर मुझे थोड़ा आश्चर्य हुआ, लेकिन फिर सोचने पर यहाँ कुछ ऐसा है जो सच है। सरकार के पास इतनी शक्ति होती है कि वे अपने नेताओं को बुरे माहौल में रख सकते हैं और उनके खिलाफ ऑडियो क्लिप रिकॉर्ड कर सकते हैं। लेकिन यह तो सच है कि राजनीति में ऐसी बहुत सारी गड़बड़ी होती रहती है। रेड्डी जी ने अपना अधिकार चेतावनी देनी चाहिए, लेकिन इससे भी यह सवाल उठता है कि राजनीतिजगत में इतनी बुद्धिमत्ता क्यों नहीं होती।
 
क्या ये सच है? रेड्डी जी और उनके शिक्षक को यह देखकर क्या महसूस हुआ? 🤔
मुझे लगता है कि सच्चाई जानना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन यह सच है कि हमें अपने नेताओं और सरकारी अधिकारियों को विश्वसनीय मानकर रहना चाहिए। 🙏
आजकल इतने सारे मुद्दे हैं जिनके बारे में हमें जागरूक रहना चाहिए, और सच्चाई ढूंढना भी जरूरी है। 💡
 
रेड्डी को यह दावा करना थोड़ा अजीब लग रहा है 🤔। वह कहते हैं कि वोटर लिस्ट में बदलाव करने के लिए नियुक्त किया गया है, लेकिन शिक्षक का जवाब तो यही है कि वह गांव में नहीं रहते, लेकिन आधिकारिक तौर पर नियुक्त किया गया है। यह दोनों बातें एक-दूसरे से अलग हैं 🙃। मुझे लगता है कि कुछ सच्चाई छुपी हुई है, लेकिन अभी तक पूरी जानकारी नहीं मिल रही है। 📝
 
ये सुनकर मुझे लगता है कि रेड्डी को गाली देने की जरूरत नहीं थी, यह एक अच्छा अवसर था कि वो अपने बारे में बताए और अपने शिक्षक को खुलकर बताए कि वो क्या कर रहे हैं... लेकिन ऐसा लगता है कि रेड्डी ने इस दावे को बहुत अच्छी तरह से बनाया है, और शिक्षक के दावों पर सवाल उठाने से पहले उन्हें थोड़ा खुलकर बताना चाहिए।
 
"खुद की बुराई को दूसरों की बुराई कहकर दिखाना सबसे आसान बात है, लेकिन सच्चाई यह है कि हर व्यक्ति के पास अपने मार्ग और रास्ता होता है।" 🤔
 
🤔 यह सच्चाई क्या है? रेड्डी को उनके शिक्षक से यह दावा कैसे किया गया? और यह दावा सच्चा है या नहीं? मुझे लगता है कि यह बहुत जरूरी है कि हम इसके पीछे की तारीफ को जानें। रेड्डी ने इस ऑडियो क्लिप से क्या सीखा है? कि वोटर लिस्ट में बदलाव करने के लिए आधिकारिक तौर पर नियुक्त किया गया है या नहीं? 🤷‍♂️
 
🤔 toh maine suna hai iss shikshak ko kaise bata raha tha ki yeh rajasthan ke congress party ka chachaa hai. aur phir bhi unhone gale laga kar bola, "main jaanta hoon tum bejepa ki chamche hain". wah toh ek aisa shiksa hai jise main samajta hoon. kyonki agar wo kisi shikshak ko apne shiksha ke waqt bhi gale laga raha, toh uska matlab thoda alag hona chahiye. 🤷‍♂️
 
रेड्डी साहब को गाली देने की बात मुझे बहुत पसंद नहीं आई 🤷‍♂️। मैंने भी जैसे ही ऑडियो क्लिप सुना, तो मेरा दिल टूट गया 💔। रेड्डी साहब ने अपने शिक्षक को गाली देने से पहले उन्हें क्या बताया था? अगर वे सच कहते हैं और उनके पास सबूत हैं, तो फिर भी उन्होंने शिक्षक को गाली देने की जरूरत नहीं थी। मुझे लगता है कि रेड्डी साहब ने इस मामले में गलती कर ली है।
 
जी बोलो! ये तो बहुत बड़ा झूठ है! रेड्डी जी को यह साबित करना होगा कि वे गांव में नहीं रहते और फिर भी उन्हें वहां वोटर लिस्ट में बदलाव करने के लिए नियुक्त किया गया है। यार, यह तो बहुत बड़ा आरोप है! और अगर सच्चाई साबित नहीं होती तो रेड्डी जी की पार्टी की छवि भी बहुत खराब हो जाएगी।
 
ऐसी बातें सुनकर मुझे लगता है कि कुछ लोग अपने पास को छुपाने के लिए अपने खिलाफ सबकुछ फैला रहे हैं 🤥। शिक्षक ने रेड्डी को दोषी ठहराया है, लेकिन मुझे लगता है कि इसका मतलब यह नहीं है कि रेड्डी बीजेपी से जुड़े हुए हैं। क्या हमें अपने नेताओं को उनके देशभक्ति और नैतिकता पर अकेले ध्यान देने की जरूरत है? 🤔

और यह भी एक सवाल है कि अगर रेड्डी बीजेपी से जुड़े हुए हैं तो फिर व्हाट्सएप पर गाली-गलौच कैसे कर सकता है? क्या हमें अपने नेताओं को उनके दृष्टिकोण और मुद्दों पर एक साथ लाने की जरूरत नहीं है? 🤷‍♂️

क्या हमें अपने नेताओं को उनके पार्टी से अलग पहचानने की जरूरत है? या फिर हमें उन्हें उनके विचारों और दृष्टिकोण पर मिलकर सोचने की जरूरत है? 🤝
 
क्या यह सच हो सकता है? रेड्डी जी को गाली देना बिल्कुल सही नहीं है, लेकिन उस शिक्षक के दावों सुनकर बहुत चिंतित हूं। यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है, वोटर लिस्ट में बदलाव करने की बात करते समय पार्टी के नेता को आधिकारिक तौर पर नियुक्ति देना जरूरी नहीं है। यह सुनकर लगता है कि कुछ चालाकी खेल रहे हैं।
 
🤔 यह सुनने में बहुत अजीब लग रहा है, लेकिन मुझे लगता है कि यहाँ एक बड़ा जीवन की शिक्षा हो सकती है। जब हम अपने दुश्मनों पर गाली फोड़ते हैं, तो हम अपने आप को बाहरी शक्तियों से बचने की कोशिश कर रहे होते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि हमें अपने आप पर विश्वास करना चाहिए और दूसरों की आलोचना करने के बजाय, हमारे खामियों को पहचानने और उन्हें सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। 📝
 
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