स्टाइलिस्ट के रूप में ऐश्वर्या राय सरकार ने अपनी विरासत को आगे बढ़ाया है, लेकिन उनकी यात्रा में एक विशेष महत्वपूर्ण पहलू था, जिसमें उनकी मां और नानी ने साड़ियों का महत्व दिखाया।
ऐश्वर्या राय सरकार के बचपन में, वह एक नेवी ऑफिसर की बेटी थीं, जिसके परिवार की धारा समुद्र जैसी रवानी थी। उनकी मां स्कूल टीचर थीं और हमेशा साड़ी में दिखती थीं। ऐश्वर्या ने अपनी मां से सीखा, कि जिम्मेदारियों को गरिमा और संतुलन के साथ कैसे निभाया जाता है। उनकी नानी, जिनकी पत्नी एक सेना अधिकारी थीं, ने भी साड़ी को अपना आत्मबल मानती थीं।
ऐश्वर्या राय सरकार ने बताया, "नानी और मां को देखकर ही मेरे मन में साड़ियों के प्रति लगाव बढ़ा। समय के साथ यह लगाव मेरी अपनी जड़ों से गहरे जुड़ाव में बदल गया।" उनका कहना है कि, "मैंने सीखा कि चाहे कैमरे के सामने की जिंदगी हो या रोजमर्रा की, कपड़े हर जगह अपनी अलग पहचान बनाते हैं।"
एआरएस ने बताया, "ARS मेरी उसी विरासत को समर्पित है। यहां हर कलेक्शन सोच-समझकर तैयार किया जाता है, ताकि पूरी दुनिया भारत की इस समृद्ध परंपरा से जुड़ सके और उसकी सराहना कर सके। हमारा उद्देश्य सिर्फ परंपरा को संजोना नहीं, बल्कि उसे गर्व और सहजता के साथ आगे बढ़ाना है।"
ऐश्वर्या राय सरकार ने अपनी विरासत को आगे बढ़ाया है और भारतीय परंपराओं में एक नए युग की शुरुआत की है, जिसमें साड़ियों की गरिमा और खूबसूरती को प्रदर्शित किया गया है।
ऐश्वर्या राय सरकार के बचपन में, वह एक नेवी ऑफिसर की बेटी थीं, जिसके परिवार की धारा समुद्र जैसी रवानी थी। उनकी मां स्कूल टीचर थीं और हमेशा साड़ी में दिखती थीं। ऐश्वर्या ने अपनी मां से सीखा, कि जिम्मेदारियों को गरिमा और संतुलन के साथ कैसे निभाया जाता है। उनकी नानी, जिनकी पत्नी एक सेना अधिकारी थीं, ने भी साड़ी को अपना आत्मबल मानती थीं।
ऐश्वर्या राय सरकार ने बताया, "नानी और मां को देखकर ही मेरे मन में साड़ियों के प्रति लगाव बढ़ा। समय के साथ यह लगाव मेरी अपनी जड़ों से गहरे जुड़ाव में बदल गया।" उनका कहना है कि, "मैंने सीखा कि चाहे कैमरे के सामने की जिंदगी हो या रोजमर्रा की, कपड़े हर जगह अपनी अलग पहचान बनाते हैं।"
एआरएस ने बताया, "ARS मेरी उसी विरासत को समर्पित है। यहां हर कलेक्शन सोच-समझकर तैयार किया जाता है, ताकि पूरी दुनिया भारत की इस समृद्ध परंपरा से जुड़ सके और उसकी सराहना कर सके। हमारा उद्देश्य सिर्फ परंपरा को संजोना नहीं, बल्कि उसे गर्व और सहजता के साथ आगे बढ़ाना है।"
ऐश्वर्या राय सरकार ने अपनी विरासत को आगे बढ़ाया है और भारतीय परंपराओं में एक नए युग की शुरुआत की है, जिसमें साड़ियों की गरिमा और खूबसूरती को प्रदर्शित किया गया है।