बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या, परिवार का आरोप- पहले बुरी तरह पीटा, फिर जहर खाने को किया म

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की हत्याएं बढ़ रही हैं, जिसमें गुरुवार (8 जनवरी, 2026) को सुनामगंज जिले में एक और हिंदू युवक, 19 वर्षीय जॉय महापात्रो, की हत्या कर दी गई। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि एक स्थानीय व्यक्ति ने पहले उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर उसे जहर खाने के लिए मजबूर किया गया।

जॉय महापात्रो को गंभीर हालत में सिलहट एमएजी ओस्मानी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह घटना बांग्लादेश के नरसिंदी जिले में एक हिंदू शख्स की धारदार हथियारों से हमला कर हत्या करने के कुछ ही दिनों के बाद सामने आई है।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की हत्याएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले महीने 18 दिसंबर, 2025 को शुरू हुआ था जब देश के मैमनसिंह जिले में कथित ईशनिंदा के आरोप में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को कट्टरवादी इस्लामिक भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और बाद में उसके शव को पेड़ में लटकाकर आग लगा दी गई।

इसी तरह, 40 वर्षीय मोनी चक्रवर्ती पर मंगलवार (6 जनवरी, 2026) को पालाश उपजिला के चारसिंधुर बाजार के इलाके में हमला किया गया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। इसके अलावा, बांग्लादेश में 50 वर्षीय हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास पर भी बेरहमी से हमला किया गया था और फिर जिंदा जला दिया गया।

इस घटनाओं ने साबित कर दिया है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं को न्याय नहीं मिल रहा है। सरकार को इस मुद्दे पर जोर देने की जरूरत है और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
 
बधाई दें बांग्लादेश की सरकार को ऐसी गंभीर घटनाओं पर ध्यान देने की जरूरत है, जहां अल्पसंख्यक हिंदुओं को खतरा है। लेकिन सरकार द्वारा इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। यह एक बड़ी चिंता है कि बंगाली समाज में ऐसी धार्मिक व्यवहारों को बढ़ावा देने वाले लोग हिंदुओं को निशाना बनाकर हमला कर रहे हैं।

मुझे लगता है कि सरकार और पुलिस इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाने की जरूरत है, ताकि लोगों को पता चले कि यह एक बहुत बड़ा खतरा है। हमें अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार और पुलिस को मिलकर काम करने की जरूरत है।

इसलिए, मैं सरकार से अपील करता हूं कि इस मुद्दे पर ध्यान दें और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। हमें एक साथ मिलकर इस मुद्दे को हल करने की जरूरत है। 🙏
 
बांग्लादेश में ये घटनाएं बहुत बुरी लग रही हैं 🤕, जो की अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रही है। पिछले दिनों तो दीपू चंद्र दास की हत्या भी हुई थी, और अब फिर सुनामगंज जिले में जॉय महापात्रो की हत्या हो गई है... यह बहुत भयानक लग रहा है। सरकार को तुरंत इन घटनाओं पर ध्यान देना चाहिए और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए कुछ करना चाहिए।
 
ये तो बांग्लादेश की सरकार की कमजोरी का एक और उदाहरण है। उन्हें अपने देश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा के लिए कोई वास्तविक प्रयास करने चाहिए। शायद उन्हें हमेशा भारतीय सरकार को देखने की जरूरत है और उनकी सफलताओं से सबक लेना चाहिए।

अगर बांग्लादेश की सरकार अपने देश में अल्पसंख्यकों के प्रति सहानुभूति और सम्मान की भावना विकसित नहीं कर सकती, तो यह देश हमेशा हिंसा और अस्थिरता से जूझेगा। सरकार को यह समझने की जरूरत है कि अल्पसंख्यकों की बात करना महत्वपूर्ण है और उनके अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।

यह घटनाएं हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि बांग्लादेश में एक समृद्ध और शांतिपूर्ण समाज बनाने के लिए सरकार को अपने प्रयासों में वृद्धि करनी चाहिए। 😕
 
जानबूझकर ऐसे वाली बातें नहीं करनी चाहिए, लेकिन सच तो यह है कि हमारे देश में अल्पसंख्यक हिंदुओं को बहुत सारा सामना करना पड़ रहा है। इन घटनाओं की जांच-पड़ताल होनी चाहिए और उन पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए। हमें अपने देश की सुरक्षा के लिए एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए, ताकि किसी भी व्यक्ति को ऐसी हिंसा का सामना नहीं करना पड़े।

आज कल हमारे देश में कई सारी समस्याएं हैं, लेकिन अगर हम एक-दूसरे की मदद करते हैं और हमारे देश की सुरक्षा के बारे में चिंतित रहते हैं, तो हम अपने देश को बेहतर बनाने की कोशिश कर सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि सरकार भी इस मुद्दे पर ध्यान देगी और हमारे देश के अल्पसंख्यक समुदायों को सुरक्षा प्रदान करेगी।
 
ये तो फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की हत्याएं बढ़ रही हैं... यह तो दिखता है कि सरकार किसी भी प्रकार से इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दे रही है। पहले तो ये देश मुस्लिम बहुल था, लेकिन अब ईसाई और हिंदू भी वास्तविकता का हिस्सा बन गए हैं। यह तो अल्पसंख्यकों के साथ हिंसा बढ़ने की बात है। पूरी तरह से समझ में नहीं आता कि सरकार क्यों ऐसी चीजें पर ध्यान नहीं दे रही है। कोई जरूरत नहीं, यह तो सिर्फ एक और घटना है जिसने हमें याद दिलाया है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा कितनी कमजोर है।

मुझे लगता है कि अगर ऐसी घटनाएं हर रोज़ घट रहीं तो यह देश अपने आप में गंवाने वाला हो जाएगा। इसमें कोई संदेह नहीं है, लेकिन सरकार क्या कर सकती है? तो फिर कुछ करने की जरूरत है...
 
अरे बाबा, यह तो बहुत दुखद बात है 🤕 । इन घटनाओं में जॉय महापात्रो जैसे युवक की हत्या करने वालों को सजा मिलनी चाहिए। पूरे देश में शांति और सुरक्षा बनाए रखनी होगी। सरकार को तुरंत इस मुद्दे पर ध्यान देना होगा और अल्पसंख्यक समुदायों की मदद करनी होगी। हमें अपने देश की जमीन पर खुशहाल रहना चाहिए। बांग्लादेश से हमारी सीमा में शांति बनाए रखनी होती है ।
 
बंगाल में हिंदुओं पर यह हमले तो बहुत बड़ा सवाल उठाते हैं कि सरकार क्या कर रही है उनकी बात समझने की? पहले तो सिर्फ धमकियाँ देने जाते थे, अब तो मार-मारकर भी नहीं छोड़ते। यह अच्छा लगता है कि ऐसी चीजें होती हैं ताकि लोग खुद को समझ सकें कि उनके पास क्या है।
 
बांग्लादेश में ऐसी घटनाएं तो पहले नहीं होती, अब यह बहुत आम हो गई है। सरकार को जरूरी है कि वे इस मुद्दे पर ध्यान दें, लेकिन यह आसान नहीं होगा, खासकर जब तालाश हो रहा हो। हमें उम्मीद करनी चाहिए कि सरकार इस मामले में मदद करेगी, लेकिन यह जोखिम भरा है। अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा के लिए हमें एक दूसरे पर भी विश्वास करना चाहिए।
 
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