बांग्लादेश में हिंदुओं का कत्ल, पश्चिम बंगाल तक असर: लोग बोले- बांग्लादेश का डुप्लीकेट बन रहा बंगाल, दीदी की पुलिस जिहादी
बांग्लादेश में एक हिंदू की हत्या के बाद पश्चिम बंगाल में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि वो दिन दूर नहीं, जब पश्चिम बंगाल में भी बांग्लादेश जैसे हालात होंगे।
विरोधकारी नेताओं ने बताया कि बांग्लादेश में हिंदुओं को जलाया गया, और उसी तरह पश्चिम बंगाल में भी ऐसा होने का डर है। विरोधकारी नेताओं ने दीपू दास की हत्या पर लगातार हमला किया।
तन्हों के पुलिस अधिकारी कहते हैं, "हमें पता था कि वहां लोगों को कुछ गलत करने की कोशिश कर रहे हैं। हमने उनके खिलाफ मुकदमा चलाया है।"
विरोधकारी नेताओं ने बताया कि पश्चिम बंगाल में सामाजिक स्थितियां बदलती जा रही हैं और लोगों को अपने अधिकारों के लिए लड़ना पड़ रहा है।
जादवपुर यूनिवर्सिटी के VC ओमप्रकाश मिश्रा कहते हैं, "भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान ही नहीं, दुनिया के कई देशों में अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न होता रहा है। बांग्लादेश में जो दीपू दास के साथ हुआ, वो बहुत शर्मनाक है। इन घटनाओं का बांग्लादेश की सिविल सोसाइटी भी खुलकर विरोध कर रही है और भारत में भी विरोध किया गया।"
पूर्व तMC लीडर कहते हैं, "भारत हो या बांग्लादेश, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा अहम मुद्दा है।"
वहीं पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लग रहे हैं और लोगों को लगता है कि बांग्लादेश में हालात खराब हो रहे हैं।
बांग्लादेश में एक हिंदू की हत्या के बाद पश्चिम बंगाल में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि वो दिन दूर नहीं, जब पश्चिम बंगाल में भी बांग्लादेश जैसे हालात होंगे।
विरोधकारी नेताओं ने बताया कि बांग्लादेश में हिंदुओं को जलाया गया, और उसी तरह पश्चिम बंगाल में भी ऐसा होने का डर है। विरोधकारी नेताओं ने दीपू दास की हत्या पर लगातार हमला किया।
तन्हों के पुलिस अधिकारी कहते हैं, "हमें पता था कि वहां लोगों को कुछ गलत करने की कोशिश कर रहे हैं। हमने उनके खिलाफ मुकदमा चलाया है।"
विरोधकारी नेताओं ने बताया कि पश्चिम बंगाल में सामाजिक स्थितियां बदलती जा रही हैं और लोगों को अपने अधिकारों के लिए लड़ना पड़ रहा है।
जादवपुर यूनिवर्सिटी के VC ओमप्रकाश मिश्रा कहते हैं, "भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान ही नहीं, दुनिया के कई देशों में अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न होता रहा है। बांग्लादेश में जो दीपू दास के साथ हुआ, वो बहुत शर्मनाक है। इन घटनाओं का बांग्लादेश की सिविल सोसाइटी भी खुलकर विरोध कर रही है और भारत में भी विरोध किया गया।"
पूर्व तMC लीडर कहते हैं, "भारत हो या बांग्लादेश, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा अहम मुद्दा है।"
वहीं पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लग रहे हैं और लोगों को लगता है कि बांग्लादेश में हालात खराब हो रहे हैं।