भारत-बांग्लादेश के बीच होने वाली यह घटना एक बार फिर से उजागर करती है कि दोनों देशों के बीच में राजनीतिक तनाव और झगड़े हर समय लगातार जारी रहते हैं।
बांग्लादेशी शूटर फैजल करीम मसूद, जिसे 'हादी किलर' कहा जाता था, ने 6 जनवरी 2026 को कोलकाता में तीन स्थानों पर गोलीबारी करते हुए एक बड़ा विनाश पहुंचाया। इस हमले में तीन लोग की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए।
पुलिस का दावा है कि यह घटना बांग्लादेशी राजनेता शामिल अल्लाहगिर खान 'बप्पी' से प्रेरित थी, जो एक पूर्व छात्र लीग नेता और वर्तमान में सिंगापुर के एक स्थायी निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, बप्पी ने इस हमले का आदेश दिया था, जो राजनीतिक प्रतिशोध (political vendetta) से प्रेरित था। साजिश को तैयार करने के लिए मसूद ने सिंगापुर में एक साथी शामिल किया।
हालांकि, यह पुलिस का दावा है कि मसूद और बप्पी के बीच का सहयोग अब से अंतिम हो गया है, और मसूद ने अपना गोलीबारी करने वाला हथियार छोड़ दिया है। फोरेंसिक परीक्षण के माध्यम से पुलिस ने यह भी पाया है कि मसूद ने हमले में शामिल लोगों को संदिग्ध बनाते समय अपना हथियार छोड़ दिया था।
इस घटना के बाद, बांग्लादेश ने फिर से भारत पर इल्ज़ाम लगाया है, जिसमें बप्पी के खिलाफ आरोपों को बढ़ाया गया है। पुलिस का दावा है कि बप्पी ने इस हमले का समर्थन किया था, और मसूद के साथ मिलकर हमला कराया था।
बांग्लादेशी शूटर फैजल करीम मसूद, जिसे 'हादी किलर' कहा जाता था, ने 6 जनवरी 2026 को कोलकाता में तीन स्थानों पर गोलीबारी करते हुए एक बड़ा विनाश पहुंचाया। इस हमले में तीन लोग की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए।
पुलिस का दावा है कि यह घटना बांग्लादेशी राजनेता शामिल अल्लाहगिर खान 'बप्पी' से प्रेरित थी, जो एक पूर्व छात्र लीग नेता और वर्तमान में सिंगापुर के एक स्थायी निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, बप्पी ने इस हमले का आदेश दिया था, जो राजनीतिक प्रतिशोध (political vendetta) से प्रेरित था। साजिश को तैयार करने के लिए मसूद ने सिंगापुर में एक साथी शामिल किया।
हालांकि, यह पुलिस का दावा है कि मसूद और बप्पी के बीच का सहयोग अब से अंतिम हो गया है, और मसूद ने अपना गोलीबारी करने वाला हथियार छोड़ दिया है। फोरेंसिक परीक्षण के माध्यम से पुलिस ने यह भी पाया है कि मसूद ने हमले में शामिल लोगों को संदिग्ध बनाते समय अपना हथियार छोड़ दिया था।
इस घटना के बाद, बांग्लादेश ने फिर से भारत पर इल्ज़ाम लगाया है, जिसमें बप्पी के खिलाफ आरोपों को बढ़ाया गया है। पुलिस का दावा है कि बप्पी ने इस हमले का समर्थन किया था, और मसूद के साथ मिलकर हमला कराया था।