मुझे लगता है कि ये बहुत ही चिंताजनक बात है। दंगों में शामिल होने का यह तरीका कभी भी सही नहीं हो सकता। हमें अपने समाज में शांति और सौहार्द की भावना को जीवित रखना चाहिए। अगर वह चुनाव में जीत गए हैं तो उनकी नीतियों पर देखकर देखना चाहिए, परिवार के बारे में ऐसा कहकर पूरे समाज को धमकाना बुरा नहीं है।