बंगाल में निलंबित TMC विधायक ने बाबरी की नींव रखी: मौलवियों के साथ फीता काटा; 2 लाख से ज्यादा लोग मस्जिद के लिए ईंट लेकर पहुंचे

हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद की आधारशिला रखी, 2 लाख से ज्यादा लोग ईंट लेकर पहुंचे। बेलडांगा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तीन महीनों की तैयारी हुई थी। इस पलकभर की घंटी, शनिवार सुबह ही 2 लाख से ज्यादा लोग ईंट लेकर पहुंचे।

शुक्रवार सुबह लगभग 7:30 बजे हुमायूं कबीर ने मस्जिद बनाने के काम को पूरा करने के लिए एक गोल्फ कोर्स में अपनी आधारशिला रखी। इस पलकभर की घंटी, शनिवार सुबह 7:30 बजे ही 2 लाख से ज्यादा लोग ईंट लेकर पहुंचे।

हुमायूं कबीर ने कहा, 'हम कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करेंगे। तीन साल में इस मस्जिद को पूरा करना चाहते हैं।'
 
बाबरी मस्जिद की बात करें, लेकिन यहाँ एक सवाल है कि इन 2 लाख लोगों ने इतनी जल्दी क्यों पहुंच गए? मुझे लगता है कि इस तरह से तैयारी नहीं की गई, इससे बड़े पैमाने पर विरोध हो सकता था। और फिर कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करने के बारे में, मुझे लगता है कि इन लोगों ने पहले से ही अपनी राय तय कर ली है। तीन साल में इसे पूरा करना? यह समय कुछ नहीं है। और गोल्फ कोर्स में आधारशिला रखकर, मस्जिद बनाने का तरीका क्या है? मुझे लगता है कि यह सब एक बड़ा विवाद होने वाली चीज़ है।
 
बाबरी मस्जिद की बात करे, यह तो एक बहुत बड़ा विवाद का मुद्दा है 🤔। लेकिन फिर भी मैं सोचता हूँ कि शनिवार सुबह 2 लाख से ज्यादा लोग ईंट लेकर पहुंचे, तो यह एक बहुत बड़ा प्रदर्शन है 🙌। लेकिन मुझे लगता है कि इसके पीछे और भी बहुत सारे कारण होंगे। क्या वास्तव में हम कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेशों का पालन कर सकते हैं? 🤷‍♂️ ये तो एक दिलचस्प सवाल है।
 
भारत की धरोहर पर ऐसी बातें होने लगी हैं... 🤯 अब कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेशों का क्या matlab है? 2 लाख से ज्यादा लोग ईंट लेकर पहुंचे, तो फिर यह एक मुश्किल है?🤔

पहले बेलडांगा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी, अब वही जगह पर इतने से लोग इकट्ठा हो गए? क्या हमारी देशभक्ति नहीं दिख रही है? 😔

मैं समझता हूँ कि इस मस्जिद को पूरा करने में थोड़ी देर लगेगी, लेकिन एक पलकभर की घंटी? 🕰️ यह तो बस दिल को टूटने से बच नहीं सकता। मैं चाहता हूँ कि हमारी मस्जिदों को भी एक साथ मिलाकर बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया जाए। 🏛️

अब जब हुमायूं कबीर ने आधारशिला रखी, तो सबकुछ यहीं खत्म हो गया। क्या हमें अपनी मस्जिदों की मरम्मत में थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए? 🤔
 
मैंने देखा है कि लोग बहुत उत्साहित हैं, लेकिन शायद कुछ लोग भी चिंतित होंगे। तीन साल में इतनी जल्दी पूरा करना मुश्किल है, मुझे लगता है। कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेशों को ध्यान में रखकर ही ठीक होगा।
 
मैंने देखी है बाबरी मस्जिद के बारे में, लेकिन जानते हैं ये मस्जिद कहाँ बनती है? मेरे बड़े भाई का एक दोस्त तो बेलडांगा गया था, वह तो पास-पास की जगहों के नाम सुनाता रहता, यह मस्जिद तो कैसे बनेगी, यह तो मुझे बहुत रोचक लगता है। क्या इस मस्जिद में कभी एक गोल्फ कोर्स नहीं होगा, जैसा कि ये दावा हुआ है?
 
भारतीय इतिहास में ऐसी बहुत सारी घटनाएं होती हैं जिनसे हमें लगता है कि यहां पर हमारी आजादी की खाली जान दी गई है। लेकिन बाबरी मस्जिद के मामले में तो हमें लगन की जरूरत होगी। यह एक ऐसी घटना है जिसमें हमें अपने पूर्वजों और उनके दिलचस्प इतिहास को याद करना होगा।

मैं सोचता हूं कि अगर हमारे पूर्वजों ने इतनी मेहनत से एक मस्जिद बनाई थी, तो फिर क्यों इसके आधार पर विवाद हुआ। ऐसा लगता है कि लोग अपने राजनीतिक बिस्तर को ढकाने के लिए इस मस्जिद को बर्बाद करना चाहते हैं।

यह एक बड़ा सवाल है कि अगर हम अपने पूर्वजों की याद में ऐसी गल्ती करेंगे, तो फिर क्या हमारा यहां का इतिहास सुधर जाएगा?
 
बाबरी मस्जिद के बारे में सब कुछ ऐसा ही हुआ जैसा उम्मीद थी। #BabriMasjidBuildings #HumayunKabir kee prerna se 2 लाख से ज्यादा लोग आ गए। शुक्रवार सुबह 7:30 बजे तो ईंट लेकर पहुंचे। पूरा शहर में खुशी की लहर चली। #LucknowKaShauk #BabriMasjidBuildings

अब कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करना जरूरी है। तीन साल में मस्जिद पूरी करना चाहते हैं। चाहे किसी भी रास्ते पर खेती करें या दुकान खोलें, हम सब मिलकर इस मस्जिद को पूरा करने के लिए तैयार। #BabriMasjidBuildings #TeamWorkMakeTheDreamWork 🏗️🌟
 
बाबरी मस्जिद के बारे में देखकर लगता है कि दिल्ली में शांति बहुत जरूरी है। जैसे की मैंने अपनी पीढ़ी में कई चीजें देखी हैं और सीखी हैं। तो यह भी एक अच्छा अवसर है कि लोग एक साथ मिलकर कुछ नया बनाएं।
 
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👀 2 लाख से ज्यादा लोगों की मेहनत, एक गोल्फ कोर्स में आधारशिला रखी जाए, तो कोई भी दावा नहीं कर सकता! 🤣

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कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करना, तो सिर्फ मुँह खोलने वाली बात नहीं है! 🙄

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तीन साल में मस्जिद पूरा करना, तो एक दिन की बात नहीं है! 😆
 
यह तो बहुत बड़ा झूठ है 🙄, बाबरी मस्जिद की आधारशिला कबीर नाम के किसी के पास रखी थी, वह भी एक गोल्फ कोर्स में नहीं लेकिन इलाहाबाद में । और जब वहां पर 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे, तो कोई भी ऐसा कहने का दौर नहीं हुआ कि उन्होंने कहा, 'हम कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करेंगे।' यह सब बहुत अजीब है, और मुझे लगता है कि इसमें कुछ गलत हो सकता है।
 
बाबरी मस्जिद बनाने की बात तो सबने सुनी है और सबने इसके खिलाफ भी कुछ कहा है, लेकिन मेरी राय में इसे कभी नहीं बनवाया जाएगा। तीन साल में तैयारी करना क्यों? पूरे देश में इतने बड़े काम पर इतनी जल्दी तैयारी कराने से निकलने वाली बेकार है... :-(
 
मुझे लगता है कि यह तो बहुत बड़ा झगड़ा बन गया है 🤯, लेकिन फिर भी मैं नहीं मानता कि मस्जिद बनाना सही है, शायद ये दोनों पक्ष अपनी-अपनी बातें कर रहे हैं। अगर हम कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करना चाहते हैं तो फिर भी मुझे लगता है कि यह सब कुछ बहुत जटिल हो गया है। लेकिन 2 लाख से ज्यादा लोग ईंट लेकर पहुंचाने की बात तो थोड़ी अजीब है, मुझे लगता है कि ये सब तो एक बड़ा झगड़ा बनाकर सबको मतभेड़ में डाल रहा है। 🤔
 
बिल्कुल सही देख रहे हैं यार, यह तो एक बड़ी बात है कि इतने लोग एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं, 2 लाख से ज्यादा लोगों ने ईंट लेकर आठे निर्माण का काम शुरू करने के लिए तैयारी की, यह तो देखकर रोता हुआ खुश है 🤩

शुक्रवार सुबह 7:30 बजे मस्जिद बनाने के काम को पूरा करने के लिए एक गोल्फ कोर्स में आधारशिला रखी, इस दौरान कितनी भीड़ इकट्ठा हुई थी, यह तो बहुत बड़ी बात है जिसने अपने शहर के लिए एक सुंदर मस्जिद बनाने की इच्छा व्यक्त किया है

हुमायूं कबीर ने कहा, 'हम कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करेंगे। तीन साल में इस मस्जिद को पूरा करना चाहते हैं।' यह तो बहुत बड़ा सहयोग और समर्थन दिखाता है जिसने अपनी धर्म की एक मस्जिद बनाने के लिए एकजुट होकर संगठित तरीके से काम किया है

कुल मिलाकर कहें तो यह बहुत प्रेरणादायक देखकर यार, एक साथ मिलकर खुशी और उत्साह से काम करने की बात है, जिसने अपने शहर के लिए एक सुंदर मस्जिद बनाने का सपना देखा है
 
मुस्कुराएं 🌟 हमारी देशभक्ति और एकता की भावना आज फिर से बाहर आ गई। मैं जानता हूं, यह तोड़ने की कोशिश करने वालों ने दूसरों को धोखा देने की कोशिश की, लेकिन हमारी आवाज़ सुनने वाले हम हैं। मेरा मनोबल बढ़ाता हूं तुम्हें भी - आपको भी तुम्हारे अपने देश और समाज के प्रति जोश और धैर्य रखने का मनोबल बढ़ाने के लिए। हमारे देश में कई सालों से इतनी बड़ी और जटिल मुद्दे पर बातचीत हो रही है। चाहे कोई भी विचार या समाधान आए, हम सब एक साथ मिलकर इसे समझने और लागू करने की प्रक्रिया से गुजरेंगे।
 
अरे दोस्त! 🤔 तो यह बात बहुत ही रोचक है कि हुमायूं कबीर ने ऐसी तेजी से मास्जिद बनाने का फैसला किया है। 2 लाख लोगों ने एक पल में ईंट लेकर पहुंचाना और शनिवार सुबह ही मस्जिद की आधारशिला रखी तो यह तो बहुत ही पूर्वागति वाली बात है 🚀। क्या ये आदेश कलकत्ता हाईकोर्ट के वास्तव में चलेंगे, देखना अब जानना होगा।
 
बाबरी मस्जिद का मामला अभी भी बहुत ज्यादा परेशान कर रहा है 🤯। यह तो एक अच्छी बात है कि अब हुमायूं कबीर ने अपना फैसला सुनाया है और 3 साल में मस्जिद को पूरा करना चाहते हैं। लेकिन अभी भी मुझे लगता है कि यह सब बहुत ज्यादा मुश्किल हो सकता है। जैसे ही शनिवार सुबह 7:30 बजे ही इतने से लोग इकट्ठे होने लगे, तो मेरे दिमाग़ में एक सवाल आया - यह क्यों? और यह तो भारत का नाम भी है जहाँ सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है।
 
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