अरे, यह तो बहुत बड़ा मामला है। जैसे ही पत्रकारों ने इस बात की खोज शुरू की, सीबीआई और अन्य एजेंसियां तुरंत मामले की जांच शुरू कर दीं। लेकिन, यह सवाल उठता है कि सरकार को तो पहले से ही पत्रकारों को डराने-धमकाने के लिए कहा गया था। और अब जब हत्या हो गई है, तो वे इतने जल्दी मामले की जांच शुरू नहीं कर पा रहे। यह तो एक बड़ा सवाल है...