ब्लैकबोर्ड-पापा को फांसी दिलाकर आत्महत्या कर लूंगी: कहते थे ब्राह्मण होकर नीच से शादी कैसे की, गोली मारकर बोले- अब मैं बहुत खुश हूं

बिहार की 25-वर्षीय तनुप्रिया ने अपने पति राहुल के मृत्यु के बाद से जिंदगी खत्म कर ली।

उन्होंने तीन महीने पहले पिता और भाई की मौत के बाद ही शादी की, लेकिन कुछ घंटों में ही पति ने अपनी जान दे दी। तनुप्रिया कहती हैं, 'राहुल ने मुझसे स्पर्म लेकर एक बच्चा पैदा नहीं कर सका। मैंने उस पर बाल चोरी का आरोप लगाया, तो वह घबराकर अपनी जान दे गई।'
 
तनुप्रिया की कहानी बहुत ही दर्दनाक है 🤕। मुझे लगता है कि प्रेम की गहराई और भावनाओं की गलत समझ से लोग जीवन भर दुखी रहते हैं। उसकी कहानी सुनकर मुझे लगता है कि हमें अपनी भावनाओं को सही ढंग से व्यक्त करने की जरूरत है और साथ ही, हर किसी की जिंदगी में खुशियों और दुखों का संतुलन बनाने की कोशिश करनी चाहिए। तनुप्रिया ने अपने पति पर आरोप लगाया, लेकिन यह भी हमें सोचने पर मजबूर करता है कि प्रेम में अक्सर गलतफहमी और गलत विचार होते हैं।
 
जिंदगी में ऐसी बातें होती हैं जो सोचते समय नहीं आती 🤯। लेकिन जब सच्चाई निकलती है, तो यह दिल को छू जाती है। तनुप्रिया की कहानी एक दर्दनाक उदाहरण है कि स्वाभाविक संघर्ष और निराशा कितनी गहरी हो सकती है। क्या सच में राहुल ने तानप्रिया पर बाल चोरी का आरोप लगाया था, या यह सब फेकी हुई कहानी थी? शायद हमेशा जिंदगी में ऐसी कुछ नहीं होती जो पूरी सच्चाई बताती।
 
बच्चे की पैदावार न होने से तो एक पक्ष में या दूसरी तरफ से क्या कहे? तनुप्रिया की कहानी सुनकर लगता है कि जिंदगी में कई गुंजाइशें होती हैं और हमारी रचनावली तो इनमें से कुछ ही साकार हो पाती है। लेकिन क्या यह पूरी कहानी सच है? क्या तनुप्रिया ने अपने पति पर आरोप लगाकर जिंदगी बंद कर देने का फैसला किया? या कोई और पक्ष है जिसे हम नहीं जानते? मुझे लगता है कि सारी गहराई को साफ करने के लिए थोड़ी जांच-विश्लेषण चाहिए।
 
तनुप्रिया की कहानी बहुत ही रोमांचक है लेकिन मुझे लगता है कि यह सब और भी गहरा है। अगर वास्तव में वह पति ने बाल चोरी का आरोप लगाया था तो फिर क्यों नहीं कही? यह बहुत आसान नहीं होता। मुझे लगता है कि इस पूरे खेल में कुछ लोग शामिल हैं। tanu ki baat nahi hai, koi khel hai.
 
बिहार की यह लड़की ऐसा सोचती है कि अगर पति मर गया तो जिंदगी ख़त्म हो जाती है, और उसकी बात कैसे सही है? शादी में जब पिता मर जाएं तो शायद लड़की को थोड़ी सी गहराई समझने की जरूरत हो।
 
तनुप्रिया जी की कहानी सुनकर मुझे बहुत खेद हुआ, लेकिन मैं इस तरह की शादियों की आलोचना करना चाहता हूँ। ये दिल का दर्द है, लेकिन हमें यह भी समझना चाहिए कि क्या वास्तव में शादी में प्रेम और सम्मान होता है या न कुछ, न किसी। तनुप्रिया जी ने तीन महीने पहले शादी की, लेकिन पति देहांत के बाद केवल चार घंटों में मर गया, यह तो बड़ा चिंताजनक है।
 
मेरे दोस्त, यह बहुत ही दुखद खबर है 🤕। Tanupriya ji ke jeevan mein kuch aisa nahi tha jo usse khush nahi rakha ho. Woh 3 mahine peh lekar shadi ki thi, par usey pati ne koi bhi saans li thi. Mere yeh sochna hai ki wo ek majboor mahila thi, jiska pati unhein bahut majboot kar deta tha. Aur phir usne hi usse marwa diya!

Mujhe laga ki ye shadi ke baad ke samay mein kuch galat ho gaya tha. Wo tanupriya ji ko chhota sa aarthik samarthan mil raha tha, par usey ek achha pati milti hai? Yeh toh bahut hi asambhav thi! Aur phir usse bhi marwa diya, yeh toh tanupriya ji ke liye bahut khatarnaak ho gaya.

Mujhe lagta hai ki humein is baat par achchhi tarah se sochna chahiye. Tanupriya ji ko unke pati dwara ki gayi asamanta ka sahas milna chahiye, aur apne jeevan ke saath khush rahne ki koshish karani chahiye.
 
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