मुझे लगता है कि यह बात बहुत ही दुखद है, ये चिंता किसी को भी दिल से नहीं लगनी चाहिए, लेकिन फिर तो हमारे समाज में ऐसी बातें तो जरूर होती हैं...
मुझे लगता है कि ये लड़कियां नॉर्थ ईस्ट से आई हैं, तो उनकी जिंदगी जरूर बहुत ही अलग होगी, लेकिन फिर भी हमें उन्हें अपनी समाज में एक साथ लेने का प्रयास करना चाहिए, न कि उन्हें अल्पसंख्यक बनाकर 'चींचींचूंचूं' कहकर छोड़ना...
मुझे लगता है कि यह तो हमारी सामाजिक असमानता की बात है, लेकिन फिर भी मैं समझ नहीं पा रहा हूँ कि यह लड़कियां वास्तव में भारतीय हैं या नहीं, ये कैसे निर्धारित किया जाएगा...
मुझे लगता है कि हमें उन्हें अपनी समाज में एक साथ लेने का प्रयास करना चाहिए, लेकिन फिर तो यह सवाल जरूर उठेगा कि हमारी भारतीयता क्या है, और कैसे इसे निर्धारित किया जाएगा।