Bengal: मुर्शिदाबाद में TMC MLA हुमायूं कबीर के समधी की 10 करोड़ की संपत्तियां जब्त, ड्रग तस्करी का आरोप

मुर्शिदाबाद में तृणमूल कांग्रेस नेता हुमायूं कबीर के दामाद के पिता की 10 करोड़ की संपत्तियां जब्त, ड्रग तस्करी का आरोप। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के एक मामले में हुमायूं कबीर के दामाद के पिता की चल-अचल संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हुमायूं कबीर फिलहाल निलंबित तृणमूल कांग्रेस नेता और भरतपुर से विधायक हैं।

शरीफुल इस्लाम, हुमायूं कबीर की बेटी नजमा सुल्ताना के ससुर हैं। पुलिस का आरोप है कि शरीफुल इस्लाम पिछले करीब सात वर्षों से नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल रहे हैं और इसी अवैध कमाई से उन्होंने जमीन, मकान और व्यावसायिक संपत्तियां खरीदीं।

पिछले साल 25 मार्च को कबीर के दामाद के एक रिश्तेदार जियाउर रहमान को उसके घर के पास से करीब 500 ग्राम मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसी मामले की जांच के दौरान शरीफुल इस्लाम की कथित भूमिका सामने आई।

हुमायूं कबीर ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि उनके समधी का जियाउर रहमान से कोई कारोबारी संबंध नहीं है और यह पूरा मामला उन्हें राजनीतिक रूप से परेशान करने के लिए गढ़ा गया है।

हुमायूं कबीर ने यह भी दावा किया कि उनके दामाद ईंट भट्टों और जमीन के वैध कारोबार से जुड़े हैं और नियमित रूप से आयकर भी चुकाते हैं। उन्होंने कहा कि इस पुलिस कार्रवाई के खिलाफ वे कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख करेंगे।

अगर पुलिस अधिकारियों का कहना है तो यह पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में की जा रही है। एक जिला पुलिस अधिकारी के अनुसार, अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ यह कदम नशा विरोधी अभियान के तहत उठाया गया है और जब्ती की प्रक्रिया अगले दो-तीन दिनों तक जारी रहेगी।
 
ये तो मुर्शिदाबाद में तृणमूल कांग्रेस नेताओं के परिवारों में हाल ही में घटित हुई साजिश का एक और उदाहरण है 🤦‍♂️। हुमायूं कबीर के दामाद के पिता को 10 करोड़ की संपत्तियां जब्त करने की बात सुनकर लगता है कि कुछ गलत हो सकता है। नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल होने का आरोप शरीफुल इस्लाम पर लगाया गया है, लेकिन यह पूरी बात ज्यादा अजीब लगती है 🤔

कबीर ने ही कहा था कि यह पूरा मामला राजनीतिक साजिश है, और इससे तृणमूल कांग्रेस को भारी नुकसान होगा। लेकिन अगर पुलिस अधिकारियों का कहना है तो यह पूरी बात साफ़ है में कानून के दायरे में की जा रही है।

यह सब एक बड़ा सवाल उठाता है कि नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोग कैसे अपने सिर्फ आर्थिक विकास पर ध्यान देते हैं और इससे समाज को नुकसान पहुंचाते हैं 🤑
 
यह तो बहुत बड़ा मामला है... 🤔 हुमायूं कबीर से सबकुछ नहीं पता। पहले तो उनके दामाद के रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया गया और फिर पुलिस ने उनके पिता की 10 करोड़ की संपत्तियां जब्त करने का मौका दिया। यह तो बहुत बड़ा झगड़ा है... शायद वे लोग जानते हों कि पूरा मामला उनके खिलाफ लगाया गया है। 🤷‍♂️
 
भाई, यह मामला तो बहुत बड़ा है 😱। मुझे लगने लगा है कि यह पूरा मामला तृणमूल कांग्रेस पर दबाव डालने के लिए बनाया गया है। हुमायूं कबीर के दामाद की इस संपत्ति को जब्त करने के पीछे क्या सच्चाई है? यह जानने के लिए मुझे और अधिक जानकारी चाहिए। 🤔
 
यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है! 🤔 शरीफुल इस्लाम के बारे में सब कुछ क्या सच्चाई है? यह पूरा मामला किसने गढ़ा है और इसके पीछे क्या राजनीतिक खेल हैं? हुमायूं कबीर ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताने की बात कही है, लेकिन फिर भी उन्हें यह तय करना मुश्किल लग रहा है कि उनके दामाद के पिता क्या कर रहे थे। क्या हमने इसे एक बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी मान लेना चाहिए या फिर सारी बातें फैला देने वालों को पकड़ने का समय है? 🤷‍♂️
 
मैं तो सोचता था कि राजनीतिक दलों के नेताओं की बेटियां या पत्नियां किसी भी तरह के आरोपों से बच नहीं पातीं। लेकिन हुमायूं कबीर की बेटी नजमा सुल्ताना को ऐसा मिलना चुनौतीपूर्ण लग रहा है। पुलिस का कहना है कि उनके पति शरीफुल इस्लाम नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल थे, लेकिन उसके खिलाफ आरोप इतने मजबूत नहीं हैं कि वो जेल जाने के लिए मजबूर हो। यह तो एक दिलचस्प मामला है और आगे कुछ देखना होगा।
 
ज़रूरी तो है, लेकिन इस तरह से जिसने नशीले पदार्थों में फंसा कुछ व्यक्ति पर छापमार कर दिया गया, वह भी ठीक नहीं है। पुलिस भी अपने अधिकार क्षेत्र को समझ ले। उन्हें पता होना चाहिए कि ज़मीन को मिलने के लिए कितनी बड़ी झूठी कहानियाँ बेचने पड़ती हैं।
 
"किसी को माफ़ करो, खुद तो बुराई का सामना नहीं करता।"

मुझे लगता है कि पुलिस ने सही तरीके से काम किया है। अगर वे आरोपों पर जांच कर रहे हैं और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त करना चाहते हैं, तो यह उनकी जिम्मेदारी है।

लेकिन मुझे लगता है कि यह पूरा मामला बड़े राजनीतिक दलों के बीच की राजनीतिक साजिश का हिस्सा भी बन सकता है। इसलिए, हमें और जानकारी चाहिए ताकि हम इस पर सच्चाई का पता लगा सकें।
 
क्या हुआ है, लोगों की बात समझने की जरूरत है। यह मामला तृणमूल कांग्रेस नेता पर नहीं बल्कि उनके रिश्तेदारों पर चल रहा है। हुमायूं कबीर के दामाद के पिता शरीफुल इस्लाम की जिंदगी में इतनी तेजी से बदलाव आया है कि उनकी आर्थिक स्थिति 10 करोड़ की संपत्तियों तक पहुंच गई है। लेकिन पूछने पर यह सवाल उठता है कि ये संपत्तियां वैध मार्ग से कमाई गई थीं या नहीं।

पुलिस के आरोपों की बात करें तो शरीफुल इस्लाम नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल रहे हैं और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों पर यह कदम उठाया गया है। लेकिन अगर हम उनके दावों को ध्यान में रखें तो यह पूरी बात एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा बन जाती है। हुमायूं कबीर ने कहा है कि उनके समधी का दामाद ईंट भट्टों और जमीन के वैध कारोबार से जुड़े हैं और यह पूरा मामला उन्हें राजनीतिक रूप से परेशान करने के लिए गढ़ा गया है।

लेकिन क्या हम इस मामले को एक छोटी सी घटना के रूप में देख सकते हैं या नहीं? क्या हम इसकी जड़ों को समझने की कोशिश कर सकते हैं और यह पूछ सकते हैं कि कैसे एक व्यक्ति नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल रहे और फिर वैध संपत्तियों तक पहुंच गया।
 
मुझे लगता है कि यह मामला बहुत ही गंभीर है 😕, खासकर जब पुलिस ने शायद 10 करोड़ की संपत्तियां जब्त कर ली हैं तो... जैसे ही पुलिस अधिकारी ने बताया, अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ यह कदम उठाया गया है, लेकिन मुझे लगता है कि बहुत से लोग इस पर सवाल उठाएंगे, खासकर जब पुलिस ने इतनी बड़ी संख्या में संपत्तियां जब्त कर ली हैं... और यह भी देखने जोखिम कितना है, अगर वे पूरी तरह से सही हैं तो फिर यह बहुत अच्छी बात होगी, लेकिन अगर उनका कहना नहीं सच है तो फिर बहुत बड़ा मुद्दा उठने का खतरा है।
 
मैंने हुमायूं कबीर पर लगाए गए आरोपों को सुनकर थोड़ा आश्चर्यचकित हुआ, लेकिन तुरंत उसकी ओर से आ रही राजनीतिक साजिश से जुड़े देखा तो निश्चित ही शर्मिंदगी महसूस हुई। यह पुलिस कार्रवाई शायद एक अच्छा निर्णय था, खासकर जब तक आरोपों में साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। अगर ईंट भट्टों और जमीन की जानकारी सही है तो निश्चित रूप से उसकी आयकर चूक का मामला तय हो सकता है, लेकिन यह जरूरी है कि आगे की जांच शुद्धता से की जाए। फिलहाल, यह बात पूरी तरह से साबित नहीं हुई है। 🤔
 
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