भागवत बोले-बेटी बहकावे में कैसे आती है, परिवार सोचें: भोपाल में स्त्री शक्ति संवाद में कहा- परिवारों में चर्चा होगी तब रुकेगा लव जिहाद - Bhopal News

मुझे लगता है कि ये बात सच है कि परिवार, समाज और राष्ट्र में महिलाओं की भूमिका को समझने की जरूरत है। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि पारिवारिक संदर्भ में बहकावे एक जटिल समस्या है जिसके कई कारण होते हैं - आर्थिक स्वतंत्रता, शिक्षा, और समाज में नारी के स्थान को लेकर हमारी अपेक्षाएं।

आजकल कुछ लड़कियां बेहतर शिक्षा प्राप्त कर रही हैं और आर्थिक रूप से भी स्वतंत्र होती जा रही हैं, लेकिन फिर भी उन्हें अपने परिवारों में एक निश्चित स्थान की अपेक्षा की जाती है। यह समझने की जरूरत है कि लड़कियों को उनकी पसंद और रुचियों के अनुसार जीवन बनाने का मौका मिलना चाहिए।
 
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