भागवत बोले-बेटी बहकावे में कैसे आती है, परिवार सोचें: भोपाल में स्त्री शक्ति संवाद में कहा- परिवारों में चर्चा होगी तब रुकेगा लव जिहाद - Bhopal News

अरे, यह तो बहुत जिम्मेदार बातें लोग कर रहे हैं! स्त्री शक्ति संवाद का आयोजन करना और महिलाओं के प्रति समाज में बदलाव लाने की जरूरत है 🤝। भारतीय परंपरा में नारी का महत्व बहुत ज्यादा है, हमें उसे समझने और सम्मान करने की जरूरत है। महिलाएं घर को संतुलित बनाती हैं और परिवार को मजबूत करती हैं, लेकिन अब यह भी बदल गया है कि महिलाओं को अभी भी बहुत कम जाना जाता है 😔

आधुनिकता में भी हमें पुरुष और महिला के संयोग को समझने की जरूरत है, क्योंकि एक-दूसरे के खिलाफ लड़ना ठीक नहीं है। लेकिन एक दूसरे के पूरक बनने से हमें मजबूत बन सकते हैं 🌈। और घर में भी खुले संवाद की जरूरत है, ताकि सभी व्यक्तियों को अकेला महसूस न करे। बच्चों पर लक्ष्य थोपने के बजाय उनकी रुचियों को समझना और उन्हें सम्मान देना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।
 
अरे दोस्तो 🤔 मैं तो बस कहूँगा कि यह डॉ. मोहन भागवत की बातें सुनकर मन खुश होता है। उन्होंने बहुत सच्चाई कही है जैसे कि परिवार में खुला संवाद रखना, बेटियों को आत्मरक्षा सिखाना और घर में सभी व्यक्ति अकेला महसूस न करें।

मुझे लगता है कि यह सब तो एक-दूसरे से जुड़े रहने की बात है। पुरुषों और महिलाओं को मिलते-जुलते रहना चाहिए, इस तरह कोई भी समस्या नहीं होती। और जैसा उन्होंने कहा है कि घर के बिना संसार का कल्पना भी नहीं होती, यह तो पूरी सच्चाई है।

मैं तो बस यकीन करता हूँ कि जब हम सब एक-दूसरे से जुड़कर और सम्मान करके काम करेंगे, तो देश में सार्थकता और शांति आ जाएगी। 🌟
 
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