भारत इंटरनेशनल ट्रेड कर रहा है, लेकिन किसी देश के दबाव में नहीं है। हम एक ग्लोबल फैमिली के नजरिए से देखते हैं, जिसमें दूसरे देशों को रोजगार पैदा करने की चिंता नहीं करनी चाहिए, यह उनकी जिम्मेदारी है। भारत तभी सही मायने में योगदान देगा, जब वह ताकतवर और प्रभावशाली हो।