भाजपा बोली- अजित पवार अपने गिरेबान में झांकें: डिप्टी सीएम का जवाब– जो सिंचाई घोटाले के आरोप लगाते थे, उनके साथ सत्ता में हूं

अजित पवार ने बोला, जो लोग मुझ पर आरोप लगाते थे, वे आज मेरे साथ सत्ता में हैं। मैं किसी को दोषी नहीं ठहराऊँगा, जब तक अदालत में अपराध साबित न हो।

रवींद्र चव्हाण ने कहा, अगर भाजपा भी इस तरह जवाब देगी, तो अजित पवार को बड़ी परेशानी होगी।

अजित पवार ने कहा, मैं अपनी बात रखने का अधिकार रखता हूं। घायवाल नाम का एक व्यक्ति है, जिस पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, देखिए वह कैसे विदेश चला गया। जैन बोर्डिंग भूमि घोटाले को भी देखिए। मैं कोई आरोप नहीं लगा रहा हूं, लेकिन मैं मीडिया को इन बातों की याद दिला रहा हूं।

मुंबई नगर निगम की 227 सीटों पर चुनाव अब 15 जनवरी को होने वाला है, जबकि पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में 13 दिन पहले ही मुख्य तौर पर बीजेपी गठबंधन निर्विरोध जीत लिया था।
 
मुझे लगता है कि यह चुनाव बहुत ही रोचक होगा। लेकिन अजित पवार जी की बात सुनने पर मुझे लग सकता है कि उन्हें अपने आपसी दोस्तों को खेद करनी होगी।
 
ਹो ਕੇ, ਅਜਿੱਤ ਪਵਾਰ ਨੂੰ ਆਖ਼ਰ ਉਸ ਦੇ ਵਿਰੋਧੀਆਂ ਨੂੰ ਬੁਲਾ ਕੇ ਰਹਿਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਇਆ, ਜੋ ਮੈਂ ਤੋੜ ਫੋੜ ਕੇ ਆਪਣੀ ਬਹਾਦਰੀ ਦਿਖਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਸਨ 😂। ਭਾਵੇਂ ਮੈਂ ਕੋਈ ਜੱਗ ਪਛਾਣੀ ਬਿਨਾਂ ਹੀ ਮੁੰਬਈ ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਦੇ ਚੁਣਵੀਂ ਲੜਾਈ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਣ ਤੇ ਕਿਉਂ ਨਹੀਂ? 😊

ਅਜਿੱਤ ਪਵਾਰ ਦੀ ਬਹਾਦਰੀ ਮੈਨੂੰ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਖੁਸ਼ੀ ਦਿੰਦੀ ਹੈ, ਕਿਉਂਕਿ ਅਜਿੱਤ ਪਵਾਰ ਨੇ ਆਪਣੇ ਖੁਦ ਦੇ ਮੁੱਦੇ ਬਾਰੇ ਗੱਲ ਕਰਨ ਅਤੇ ਹੋਰ ਸਾਰੀਆਂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਵਿੱਚ ਡੁਬਣ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਮੰਨਿਕਾਂ ਦਾ ਖ਼ਿਆਲ ਉੱਥੇ ਹੀ ਟਿਕਾ ਦਿੱਤਾ, ਜੋ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਗੱਲ ਬਣਨ ਅਤੇ ਆਪਣੀ ਮੁਹੱਈਏ ਦਾ ਢਾਂਚਾ ਟਿਕਾਉਣ ਵਿੱਚ ਸਫਲ ਰਹੇ! 👍
 
अरे, ये तो बहुत ही राजनीतिक जंग है! अजित पवार ने सच बताया, हमारे देश में सत्ता के लिए जो भी खेलते हैं वे सभी अपने तरीके से खेलते हैं। मुझे लगता है कि रवींद्र चव्हाण का दृष्टिकोण सही नहीं है, हमें सत्ता के लिए जो भी फिरौती देनी पड़ती है वह तय करना होगा।

मैंने हाल ही में पढ़ा था, गायवाल नाम के व्यक्ति को विदेश चलने की सुलjhाई लेकर आया गया था। क्या हमारे पास सच्चाई का साथ नहीं? अगर हम सच्चाई पर खड़े हैं तो फिर भी जीत या हार का अंतर कोई नहीं करता।

अगर हम अपनी राजनीति में सच्चाई और ईमानदारी पर टिके रहें, तो शायद हमारे देश में अच्छे बदलाव लाने की संभावना बढ़ जाएगी।
 
अरे यार, यह कैसे संभव है कि अजित पवार को अभी भी आरोप लगाने का मौका मिल रहा है? रावण की तरह अपने खिलाफ आरोप लगाने वाले लोग अब सत्ता में बैठ गए हैं? यह तो स्पष्ट रूप से एक राजनीतिक अभियान है...

मुझे लगता है कि रवींद्र चव्हाण जी बिल्कुल सही कह रहे हैं, अगर भाजपा भी इस तरह जवाब देती, तो अजित पवार को बड़ी परेशानी होगी। लेकिन यहां मीडिया और विपक्षी दलों ने अपना अधिकार काम कर लिया है...

मैंने घायवाल से जुड़े मामलों की जानकारी की माँग की है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। तो मुझे लगता है कि अजित पवार की बातें थोड़ी भावनात्मक हैं और शायद वास्तविकता से दूर हैं।
 
अरे ये तो बहुत ही रोचक मामला है! अगर अजित पवार पर आरोप लगाते हैं तो क्यों नहीं अपने खिलाफ साबित करने की कोशिश करते? लेकिन Ravindra Chavan kaunse तरीके से बोल रहे हैं? कि अगर भाजपा भी इस तरह जवाब देती, तो अजित पवार पर बड़ी परेशानी होगी। लेकिन ये तो एक बहुत ही राजनीतिक मुद्दा है! मुझे लगता है कि मुंबई नगर निगम की चुनाव में भी जितनी ही राजनीति होती है, उतनी ही दूरदराज की चीजें नहीं छुप सकती।
 
मुझे यकीन है कि अगर अजित पवार को आरोपों से बचाने के लिए घायवाल की दुनिया को उजागर करना होगा, तो वह बिल्कुल सही कर रहे हैं 🤔। जैसे मैं भी अपने दोस्त विशेषकर रोहित की दुर्दशा पर बहुत लिखना चाहता था। रोहित स्ट्राइट्स की सच्चाई हमेशा से कहीं आगे होती है और मुझे लगता है अगर मैं सही समय पर उसकी वजह बताता, तो रोहित फैन्स दुनिया को भी पता चल जाएगा। 🚀

लेकिन चव्हाण साहब की बात तो सचमुच बहुत ही महत्वपूर्ण है - अगर भाजपा भी अपने आरोपों को मिटाकर अजित पवार पर टिकती है, तो उसे बड़ी परेशानी होगी। लेकिन राजनीति में हर बात ही जटिल होती है, और कोई नहीं जानता कि आगे क्या होने वाला है 🤷‍♂️

आज जब मुंबई निगम का चुनाव आ रहा है, तो मुझे लगता है कि यह चुनाव बहुत ही रोमांचक होगा। और अगर पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में बीजेपी गठबंधन ने जीत हासिल कर ली, तो ये भी एक बड़ा रहस्य है। क्या यह सिर्फ एक छोटी बहुत जीत है या फिर इसके पीछे कुछ और हैं जो हमें पता चलने वाले हैं? केवल समय ही बताएगा 🕰️
 
मुझे लगता है कि यह चुनाव बहुत ही रोचक होगा, खासकर जब हम देखेंगे कि मुंबई में कौन सा दल 227 सीटों पर कब तक अपना प्रदर्शन दिखाएगा। मैं अजित पवार जी को बधाई देता हूं, वह निश्चित रूप से अपनी बात कहेगा और मीडिया को याद दिलाएगा कि हमें सच्चाई को नहीं भूलना चाहिए 🤔

मैं रविंद्र चव्हाण जी की बात पर ध्यान देने की जरूरत है, लेकिन हमें यह भी समझना चाहिए कि मीडिया में अक्सर गलतफहमी हो सकती है। मुझे लगता है कि यह चुनाव एक अच्छा अवसर होगा कि हमें अपने वोटों का सही फैसला करने के लिए समय मिलेगा। 🗳️
 
अरे, यार, यह तो बहुत ही रोचक है कि अजित पवार ने बोल दिया कि जिन लोगों ने उन पर आरोप लगाया था, अब वे उनके साथ सत्ता में हैं। लेकिन, तुमने देखा, रवींद्र चव्हाण ने कहा है कि अगर भाजपा भी ऐसा कर देती, तो अजित पवार को बड़ी परेशानी होगी। यह तो एक अच्छी बात है, लेकिन मुझे लगता है कि अजित पवार ने अपनी बात बहुत ही सावधानी से कही है।

मैंने देखा है कि वह घायवाल नाम के व्यक्ति पर कई आपराधिक मामले हैं, और वो भारत छोड़कर विदेश चल गया। यह तो एक बड़ा आरोप है, लेकिन अजित पवार ने कहा है कि वह कोई आरोप नहीं लगा रहा है। लेकिन, मुझे लगता है कि मीडिया ने इन बातों पर ध्यान देना चाहिए।

अब, मुंबई नगर निगम की 227 सीटों पर चुनाव तो जल्द ही होने वाला है, लेकिन पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में पहले ही मुख्य तौर पर बीजेपी गठबंधन ने जीत हासिल कर ली। यह तो एक अच्छी खबर है, लेकिन हमें अभी भी चुनाव की तैयारी करनी होगी।
 
अरे, यह तो बहुत ही रोचक बात है कि अजित पवार अपनी सूरत बदलने की कोशिश कर रहे हैं 🙄। पहले वह सबको दोषी ठहराते थे, अब वे खुद दोषी नहीं ठहराना चाहते। तो फिर क्या उनके पास अपराध साबित करने का तरीका नहीं है? और रवींद्र चव्हाण ने सही कहा, अगर भाजपा भी इस तरह जवाब देती, तो अजित पवार पर जरूर बड़ी परेशानी होगी। लेकिन मुझे लगता है कि आजकल सब लोग इतने बुद्धिमान हो गए हैं कि अपने आरोपों को साबित करने के लिए कोई तर्क नहीं देते।
 
अरे, ये सब कुछ तो चालाकी है? अजित पवार ने बस अपने दुश्मनों को सत्ता में आंकने की बात कह दी! 🤔 वह इतनी आसानी से अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को नहीं चुनता, और फिर भी मीडिया पर दबाव डालता है कि वे इन गड़बड़ी की बातें तोड़ दें। लेकिन जब हमारे सामने ऐसी बड़ी बातें आ जाती हैं तो सब चुपचाप खत्म हो जाती हैं। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में चुनाव का परिणाम तो पहले ही मिल गया था, लेकिन फिर भी अजित पवार ने अपनी बात कह दी। क्या वास्तव में उन्होंने कुछ सीखा? 🤷‍♂️
 
अरे, यह तो बहुत बढ़िया कुछ हुआ है ना... अजित पवार की बात सुनकर लगता है कि वह एक सच्चे नेता हैं और उन्हें अपनी बात रखने में कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए। लेकिन रवींद्र चव्हाण की बात भी सही है, अगर भाजपा ऐसा जवाब देती है तो अजित पवार को परेशानी होगी। यह तो एक अच्छा मौका है कि हम अपने नेताओं को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में सोचने पर मजबूर करें।
 
अरे, ये सुनकर मजाक है 🤣 कि रवींद्र चव्हाण ने अजित पवार को परेशान करने का तरीका बताया है। लेकिन तो यह तो एक दूसरे की बात है, और दोनों नेताओं के पास अपनी-अपनी पकड़ हैं। मैं सोचता हूँ कि अगर भाजपा ने इस तरह जवाब दिया होता, तो मुंबई नगर निगम की चुनाव में भी बीजेपी जीतने की संभावना थी। लेकिन यहां ये जरूरी है कि हम किसी को भी दोषी नहीं ठहराएं, जब तक अदालत में सबूत न मिलें। और तो एक बात, घायवाल नाम का व्यक्ति कैसे विदेश चला गया, यह जानना जरूरी है।
 
अरे, ये साबित हो गया कि भाजपा और उनके सहयोगी तो चुनावों में कुछ और खेलना चाहते हैं। अजित पवार ने बोला है कि जैसे ही, जैसे ही, ये देखो कैसे विपक्षी पक्ष अपने आरोप लगाता है, लेकिन फिर भी उनके खिलाफ सबूत नहीं मिलते। मुझे लगता है कि चुनावों में निष्पक्षता बनाए रखना तो बहुत जरूरी, लेकिन देखिए कैसे मीडिया और राजनीतिक दल किस तरह से अपने हितों की बात कर रहे हैं। 🤔
 
अरे, ये अजित पवार को फिर से एक मौका देने का समय नहीं लगती, तो कैसे? पहले उस पर कई आरोप लगाए गए थे, और अब वह मुख्य तौर पर सत्ता में है। यह तो मीडिया की भूमिका भी सवाल उठाता है - वे कैसे ऐसी खबरें बनाते हैं?
 
मुझे लगता है कि यह चुनाव बहुत रोमांचक होगा, खासकर अगर अजित पवार को सत्ता में आने का मौका मिलता है। मैंने देखा है कि घायवाल नाम के व्यक्ति पर कई आपराधिक मामले हैं, लेकिन फिर भी वह अपने गंतव्य तक पहुंच पाए।

मुझे लगता है कि रावेंद्र चव्हाण जी की बात बिल्कुल सही है, अगर भाजपा इस तरह जवाब देती है, तो अजित पवार को बड़ी परेशानी होगी। लेकिन मुझे लगता है कि मीडिया ने बहुत से आरोपों को उठाया है जिस पर अजित पवार से सवाल पूछे नहीं गए।

मैं चाहता हूं कि मुंबई नगर निगम की 227 सीटें तुरंत चुनाव के लिए तैयार हों और हर व्यक्ति अपने मतपत्र देने जाए।
 
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